गया में पितृपक्ष मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट, 16 सुपर जोन में बंटा मेला क्षेत्र, 10 अक्टूबर तक चलेंगे धार्मिक आयोजन

खबर सार :-

दुनियाभर में मशहूर पितृ पक्ष मेला महासंगम गयाजी में शुक्रवार से शुरू होगा। अपने पूर्वजों के लिए तर्पण और पिंड दान की रस्मों के लिए देश-विदेश से तीर्थयात्री गया आएंगे।
पितृपक्ष मेले के लिए गयाजी तैयार, देश-विदेश से आएंगे तीर्थयात्री

खबर विस्तार : -

गयाजी: गया अपने पूर्वजों के लिए तर्पण और पिंड-दान की रस्मों के लिए देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दुनियाभर में मशहूर पितृ पक्ष मेला महासंगम-2026 शुक्रवार से शुरू होगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए गया में 16 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारियां की हैं।

उद्घाटन के साथ ही पितृ पक्ष की मुख्य धार्मिक रस्में शुरू हो जाएंगी। जिला प्रशासन के अनुसार, मुख्य रस्में 25 सितंबर को गोदावरी तालाब पर तर्पण के साथ शुरू होंगी। इसके बाद, गया में तय पिंड-वेदी स्थलों, पवित्र तालाबों और घाटों (नदी के किनारे बने सीढ़ीदार घाट) पर अलग-अलग तारीखों पर पिंड-दान और तर्पण की रस्में होंगी। विष्णुपाद मंदिर और देवघाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। मेले के इलाके को 16 सुपर जोन, 45 जोन और 365 सेक्टर में बांटा गया है।

प्रमुख तालाबों और घाटों पर रहेगी सुरक्षा

इन इलाकों में बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, महिला मजिस्ट्रेट, महिला पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट शशांक शुभंकर ने कहा कि मेले के दौरान भीड़ को संभालना सबसे बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों और ड्यूटी वाली जगहों के बारे में पूरी जानकारी रखने और संवेदनशीलता के साथ अपने काम करने का निर्देश दिया। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पक्की करने के लिए प्रमुख तालाबों और घाटों पर SDRF की टीमें, ट्रेंड गोताखोर और लाइफ जैकेट तैनात किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर नावें भी उपलब्ध रहेंगी। 

50 हजार तक श्रद्धालु एक साथ कर सकेंगे तर्पण

मुख्य घाटों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए गए हैं। श्मशान घाट से गया-जी डैम तक के इलाके में लगभग 40,000 से 50,000 तीर्थयात्रियों के एक साथ बैठकर तर्पण करने की व्यवस्था की गई है। विष्णुपथ और सीतापथ इलाकों में नए घाट और पंडाल (अस्थायी शेल्टर) भी बनाए गए हैं। तीर्थयात्रियों के घाटों से विष्णुपद मंदिर तक सुरक्षित आवाजाही के लिए एक रूट प्लान बनाया गया है। मंदिर में दर्शन के लिए कतारों को व्यवस्थित रखने के इंतजाम किए जाएंगे। मंदिर के आस-पास की संकरी गलियों और ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर पुलिस और प्रशासन की खास टीमें तैनात की गई हैं।

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'पिंडदान गयाजी' मोबाइल ऐप का इस्तेमाल

तीर्थयात्रियों की समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए 'पिंडदान गयाजी' मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी तैनात अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन पर यह ऐप इंस्टॉल करने का निर्देश दिया है। इस ऐप के जरिए मिली शिकायतों को तुरंत समाधान के लिए संबंधित सेल को भेजा जाएगा। इसके अलावा, मेले के मैदान में एम्बुलेंस, फायर सर्विस और दूसरी इमरजेंसी सेवाओं के कॉन्टैक्ट नंबर भी लगाए गए हैं। सफाई, पीने के पानी की सुविधा, सैनिटेशन, लाइटिंग और पार्किंग के इंतजामों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।

खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी की निगरानी 

सेक्टर लेवल पर सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (PHED) और बिजली विभाग के कर्मचारियों की मल्टी-डिपार्टमेंटल टीमें बनाई गई हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और दूसरी अहम जगहों पर खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी की निगरानी की जाएगी। मेले के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। शेड्यूल के मुताबिक, 26 सितंबर से रोज शाम 6:30 बजे देवघाट और सीताकुंड में 'फल्गु महा-आरती' होगी। साथ ही, शाम 4:30 बजे से 7:00 बजे के बीच राज्य-स्तर और स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन गायन होंगे। इसके बाद, शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक विष्णुपद मंदिर परिसर और गांधी मैदान के टेंट सिटी में धार्मिक प्रवचन और भागवत कथा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मंदिर के पास बनाई गई अस्थायी पुलिस चौकी

सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस सुशील कुमार ने जोर दिया कि मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। ट्रैफिक मैनेजमेंट, वन-वे रूट, पार्किंग जोन और भीड़ को कंट्रोल करने के मामले में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर के पास एक अस्थायी पुलिस चौकी भी बनाई गई है। प्रशासन पितृ पक्ष मेले को देश और दुनिया के सामने गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने के एक अहम मौके के तौर पर देखता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पिंडदान के लिए आने वाला हर तीर्थयात्री गयाजी से सुरक्षित, सुगम और सकारात्मक अनुभव लेकर लौटे।

FAQ

1- गयाजी में पितृपक्ष मेला कब से शुरू हो रहा है?

गयाजी में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू हो रहा है।

2- पितृपक्ष मेला कब तक चलेगा?

गया में पितृपक्ष मेला 10 अक्टूबर तक चलेगा।

3- पितृपक्ष मेले में कितने तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है?

पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से लगभग 16 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है।

4- तीर्थयात्रियों के लिए प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं?

तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर एडीआरएफ, गोताखोर और लाइफ जैकेट उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था व भीड़ प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।

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