दीयों और रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा उठी महादेव की नगरी काशी, मिनी स्टेडियम में खिलाड़ियों ने जलाए 25 हजार दीप

खबर सार :-

छोटी दीपावली पर महादेव की नगरी काशी दीयों और रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा उठी। बाजारों में खरीदारों की भीड़ रही। वहीं, खिलाड़ियों ने मिनी स्टेडियम को 25 हजार दीयों से रोशन कर दिया।
दिवाली की पूर्व संध्या पर दीयों से जगमगा उठी काशी, बाजारों में रही भीड़

खबर विस्तार : -

वाराणसी: रोशनी के त्योहार दीपावली की पूर्व संध्या पर शनिवार शाम को काशी की पवित्र नगरी मिट्टी के दीयों और रंग-बिरंगी झालरों की चमक से जगमगा उठी। 'छोटी दीपावली' (नरक चतुर्दशी) के अवसर पर शहरभर के घरों, मंदिरों, मठों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दीये जलाए गए। इस बीच, प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ देखी गई। परंपरा के अनुसार, लोगों ने अपने घरों और व्यावसायिक परिसरों के बाहर 'यम' (मृत्यु के देवता) के नाम पर दीये जलाए और सुख-समृद्धि तथा अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की।

'प्रदोष काल' (संध्या बेला) के दौरान लोगों ने तिल के तेल से भरे दीये जलाए और उन्हें यम के साथ-साथ ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित किया। मंदिरों, मठों, बगीचों, संकरी गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कतार से रखे गए दीये आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गए। काशी में ऐसी मान्यता है कि नरक चतुर्दशी के दिन यम के लिए दीया जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है।

रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया पूरा शहर

बहुमंजिला इमारतों से लेकर निजी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया हुआ लग रहा था। प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक पार्कों और शिक्षण संस्थानों को भी आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया था। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के परिसर जगमगा उठे। लंका स्थित BHU के 'सिंहद्वार' (मुख्य द्वार) पर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की आदमकद प्रतिमा को रंग-बिरंगी झालरों से बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था।

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लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां खरीदने के लिए उमड़ी भीड़

छोटी दीपावली के दिन लोग आने वाली दीपावली पूजा की तैयारियों में जुटे रहे, जिससे बाजारों में काफी चहल-पहल रही। घरों में पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेश की मिट्टी की मूर्तियों की भारी मांग रही। शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों पर खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ देखी गई। लहुराबीर, जगतगंज, चेतगंज, नई सड़क, गोदौलिया, दशाश्वमेध, जड्डूमंडी, लंका, अस्सी, लहरतारा, मंडुआडीह, पांडेयपुर और अर्दली बाजार जैसे इलाकों में लोग उत्साह के साथ खरीदारी करते दिखे। मिट्टी की मूर्तियों के साथ-साथ गाय के गोबर से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और अन्य शुभ प्रतीकों की भी काफी मांग रही। बच्चों में भी त्योहार को लेकर भारी उत्साह था; वे अपने परिवारों के साथ पटाखे और फुलझड़ियां जलाकर 'छोटी दिवाली' मनाते नजर आए।

खिलाड़ियों ने मिनी-स्टेडियम में जलाए 25,000 दीये

दीवाली की पूर्व संध्या पर शिवपुर के परमानंदपुर स्थित मिनी-स्टेडियम में एक अनोखा 'दीपोत्सव' आयोजित किया गया। विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने राष्ट्र को समर्पित करते हुए 25,000 दीये जलाए, जिससे पूरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एक दिव्य आभा से जगमगा उठा। टिमटिमाते दीयों के बीच छोड़े गए पटाखों ने इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। कुछ पलों के लिए पूरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सांस्कृतिक एकता और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बन गया। उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और कार्यक्रम के आयोजक डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि हॉकी, हैंडबॉल, रग्बी, टेबल टेनिस, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, जूडो और एथलेटिक्स जैसे खेलों से जुड़े लगभग 410 खिलाड़ियों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने मिलकर मिनी-स्टेडियम के विभिन्न खेल मैदानों और ट्रैकों पर लगभग 25,000 मिट्टी के दीये और मोमबत्तियां जलाईं, जिससे एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य बन गया। इस आयोजन के जरिए, खिलाड़ियों ने 'दीपोत्सव' को एक ऐसे उत्सव में बदल दिया, जिसने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया।

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