महोबा के गांवों में घर-घर पहुंचा नल से जल, 391 गांवों को मिला हर घर जल प्रमाणन

खबर सार :-

महोबा जिला में पानी की सप्लाई करने में सरकार ने सराहनीय प्रयास किया है। जल जीवन मिशन के तहत यहां तेजी से काम किया गया है।
महोबा में 481 परिवारों को मिला घरेलू नल कनेक्शन, 2,996 की आबादी होगी लाभान्वित

खबर विस्तार : -

महोबा, योजना से गांव के 481 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल सुविधा मिलेगी। इससे गांव की 2,996 की आबादी लाभान्वित होगी। महोबा जिला में उत्तर प्रदेश सरकार की जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिले के लोगों में इस बात की खुशी है कि गांव में नल का जलार्पण की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। शनिवार को कबरई विकासखंड के शाहपहाड़ी गांव में योजना का जलार्पण किया गया है। इस योजना से गांव के 481 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पानी की सुविधा मिलेगी।

हर घर जल प्रमाणीकरण लगभग कर लिया गया

योजना के अनुसार जिले में पानी की व्यवस्था करनी थी। इसमें सरकार को सफलता मिल चुकी है। 391 गांव को हर घर जल प्रमाणीकरण लगभग कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि 339 गांव में जलार्पण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। प्रदेश सरकार की जल निगम ग्रामीण क्षेत्र की ओर से पानी की व्यवस्था के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत पाइप लाइनों के जरिए घरों को पानी पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। यूपी सरकार महोबा जिले में ग्रामीण परिवारों को पानी के लिए  हो रही दिक्कत को ध्यान में रखते हुए इस योजना के निर्देश दिए थे।

जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता ने शनिवार को जानकारी दी है कि इस योजना का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों को गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए गांव में पेयजल योजना का निर्माण करने के साथ ही उसके रखरखाव पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पानी की गुणवत्ता और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कत थी, वहां पर पहले से प्रयास किए गए हैं। जहां पर अभी परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं, वहां के बारे में भी योजना को विस्तार दिया जा रहा है।

घरों तक पानी पहुंचने से बच्चों को ज्यादा लाभ मिल रहा

पानी की बर्बादी रोकने के लिए ग्रामीणों से अपील की जा रही है, क्योंकि घरेलू नल कनेक्शन में एक क्षमता के अनुसार ही पानी उपलब्ध कराया जाता है। पाइपलाइन में भी किसी प्रकार की खराबी ना आवे, इसलिए ग्रामीणों की भागीदारी आवश्यक है। घरों तक पानी पहुंचने से बच्चों को ज्यादा लाभ मिल रहा है। छोटे-छोटे बच्चे घरेलू पानी के लिए दूर-दूर तक जाया करते थे। महिलाओं को भी अब श्रम कम खर्च करना पड़ रहा है। नल कनेक्शन के माध्यम से घर में पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे उनकी जिम्मेदारी भी कम हो गई है।

जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था का लगातार विस्तार किया जा रहा है। सरकार के आंकड़ों में जिले के लिए 406 सूचीबद्ध गांव में पानी की व्यवस्था की जा चुकी है। अब तक 391 गांव को हर घर जल प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। जिले की योजना में पानी की आपूर्ति को बुनियादी ढांचा मानते हुए इस दिशा में कदम बढ़ाए गए थे, जो अब पूरा हो रहा है। बताया जा रहा है कि योजना जलार्पण की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

अधिकारियों को मौके पर भेज कर सत्यापन किया जा रहा

यह वह प्रक्रिया है, जिसके तहत पेयजल योजना का निर्माण और निर्धारित व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद उसे ग्रामीण जनता को समर्पित कर दिया जाता है। यानी हर घर जल प्रमाणीकरण के तहत गांव में परिवारों को घरेलू कनेक्शन के जरिए पानी की उपलब्धता हो चुकी है। इसका सत्यापन किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेज कर निरीक्षक कराए जा रहे हैं, ताकि योजना को अंतिम रूप दिया जा सके। जल जीवन मिशन के तहत केवल घरों तक पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता भी बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी में माना गया है। ग्रामीण पेयजल योजना को अपनी सामूहिक संपत्ति समझ कर उसके रखरखाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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