रामनगरी में 10वें दीपोत्सव का भव्य शुभारंभ, आकर्षक झांकियों में दिखी रामकथा; पारंपरिक नृत्यों ने मन मोहा
खबर सार :-
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाई। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए।
खबर विस्तार : -
अयोध्या: शनिवार को अयोध्या शहर में दसवां 'दीपोत्सव' (रोशनी का त्योहार) भव्य तरीके से शुरू हुआ। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत डिग्री कॉलेज से झांकियों के एक जुलूस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन झांकियों में अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति और रामायण के दृश्यों को दर्शाया गया था। ढोल-नगाड़ों की गूंज, 'धोबिया' लोक नृत्य की लयबद्ध थाप और पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। जुलूस के सबसे आगे ढोल बजाती महिलाएं चल रही थीं, जबकि रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने कलाकारों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।
इस साल का दीपोत्सव देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की लोक परंपराओं के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित कर रहा है। मथुरा से 15 कलाकारों का एक दल 'मोर नृत्य' प्रस्तुत करने के लिए आया है। भगवान कृष्ण के भक्त इन कलाकारों ने कहा कि भगवान राम की पावन भूमि पर अपनी कला का प्रदर्शन करना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है।
'गुसाडी' नृत्य से मन मोह रहे तेलंगाना के कलाकार
तेलंगाना से आए आदिवासी कलाकारों का 15 सदस्यीय दल अपने 'गुसाडी' नृत्य से दर्शकों का मन मोह रहा है। पारंपरिक वेशभूषा और मोर पंखों से सजे मुकुट पहने कलाकारों ने ढोल की थाप पर सामूहिक प्रस्तुति दी, जिससे दीपोत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। कलाकारों ने बताया कि भगवान राम की धरती पर प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। मथुरा से ही एक और दल, जो 'नगाड़ा' (ढोल) और 'बम रसिया' (लोक संगीत और नृत्य परंपरा) में माहिर है, भी इस उत्सव में शामिल हुआ है। दल के सदस्य लक्ष्मण बेनीवाल ने बताया कि वे हर साल अयोध्या के दीपोत्सव में हिस्सा लेते हैं।
उनकी टीम राम लला की 'प्राण प्रतिष्ठा' (अभिषेक समारोह) के दौरान भी अयोध्या आई थी। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव की भव्यता और यहां का जबरदस्त उत्साह उन्हें हर बार वापस खींच लाता है। उन्होंने कामना की कि यह आयोजन हर साल और भी बड़े पैमाने पर होता रहे और उनकी टीम को यहां अपनी कला दिखाने के अवसर मिलते रहें। दीपोत्सव में हिस्सा ले रहीं एक महिला कलाकार ने बताया कि उन्होंने इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम इसी साल से पेश करने शुरू किए हैं। उन्होंने अयोध्या में अपनी कला दिखाने का मौका मिलने पर बहुत खुशी जताई और कहा कि उनकी टीम ने आज का प्रदर्शन भगवान श्री राम और अयोध्या के लोगों को समर्पित किया है।
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उपराष्ट्रपति अयोध्या में पहली बार देखेंगे दीपोत्सव
इस बीच, आज दोपहर रामकथा पार्क में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में, उपराष्ट्रपति डॉ. सी.पी. राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करेंगे। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहेंगी। कार्यक्रम के दौरान, अलग-अलग देशों के कलाकार अंतरराष्ट्रीय 'रामलीला' का मंचन करेंगे। यह पहली बार है जब भारत के उपराष्ट्रपति इस भव्य दीपोत्सव समारोह को देखेंगे। आज शाम उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक साथ लाखों दीये जलाए जाएंगे।
56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये
दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण आज शाम सरयू नदी के तट पर जलाए जाने वाले दीये होंगे। 'राम की पैड़ी' सहित सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये सजाए गए हैं। अवध विश्वविद्यालय के लगभग 35,000 स्वयंसेवकों ने शुक्रवार तक इन दीयों को लगाने के लिए तीन दिनों तक लगातार मेहनत की है। शनिवार सुबह से ही स्वयंसेवक दीयों में तेल भरने और बत्तियां लगाने के काम में जुटे हुए हैं। इस व्यवस्था को संभालने के लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, 2,147 पुजारी एक साथ मिलकर 'सरयू महाआरती' करेंगे। साथ ही, रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को आसमान में जीवंत करने के लिए 2,100 ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सरयू के तट पर एक अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा श्री राम जन्मभूमि मंदिर
इस अवसर पर, श्री राम जन्मभूमि मंदिर को भी रंग-बिरंगी रोशनी से बहुत खूबसूरती से सजाया गया है। दीपोत्सव के लिए देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंच रहे हैं। शहर के मंदिरों, मुख्य रास्तों और घाटों पर उत्सव जैसा माहौल है। रोशनी, लोक नृत्यों, रामलीला के मंचन और मिट्टी के दीयों की जगमगाहट के बीच, रामनगरी एक बार फिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भव्य रूप में प्रदर्शित कर रही है।
FAQ
1- अयोध्या में आज क्या कार्यक्रम हो रहे हैं?
अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत शनिवार को राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भव्य शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस शोभायात्रा में रामायण के प्रमुख प्रसंगों की झलक दिखाई दी।
2- इस साल दीपोत्सव में कितने दीया जलाने की तैयारी है?
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव के अवसर पर 56 घाटों पर 30 लाख से ज्यादा दीये जलाने की तैयारी है।
3- दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ कब होगा?
अयोध्या में दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम शनिवार दोपहर से शुरू होगा, जिसमें उपराष्ट्रपति डॉ. सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।
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