बसपा के राष्ट्रीय संयोजक बनने पर बोले आकाश आनंद- मायावती के भरोसे को काम से सही साबित करूंगा

खबर सार :-

आकाश आनंद ने बहुजन समाज पार्टी में वापसी के बाद बसपा प्रमुख का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वह निजी हितों को त्याग देंगे। पार्टी और बसपा मुखिया की उम्मीदों पर खरा उतर कर दिखाएंगे।
पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा, BSP प्रमुख के बताए रास्ते पर ही चलेंगे आकाश आनंद

खबर विस्तार : -

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद आकाश आनंद ने लोगों के सामने अपनी बात रखी है। आनंद को पार्टी से बाहर का रस्ता दिखा दिया गया था। इसके बाद मायावती ने फिर पार्टी में जगह दी है। BSP सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को आकाश आनंद को दोबारा पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने का ऐलान किया। इसके साथ ही आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताया। 

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आनंद पर मायावती का फिर भरोसा

उन्होंने कहा कि जो भरोसा उन पर जताया है, उसे अपने काम से सही साबित करेंगे। इसके विपरीत पार्टी के कार्यकर्ता यह सुनकर हैरान रहे कि यह बार-बार क्या हो रहा है? मायावती ने कहा था कि पार्टी के लोगांे की भी इच्छा है कि आनंद को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए। जबकि आकाश आनंद ने मायावती को चरणस्पर्श करते हुए संबोधित किया और कहा कि आपने मुझे क्षमा किया और BSP के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं।

आनंद ने अपने आप को अब परिपक्व मान लिया है। पिछली बैठकों में मायावती ने आनंद को अपरिपक्व कहा था। उन्होंने कहा था कि पार्टी अभी आनंद के परिपक्व होने तक बड़ी जिम्मेदारी नहीं देगी। आकाश आनंद ने पार्टी के बाहर से काफी कुछ सीख लिया है, इसीलिए वह कहते हैं कि पिछले कुछ समय में उन्होंने काफी कुछ सीखा है। उनकी सबसे बड़ी सीख यह रही कि BSP मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है।

उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशीराम का भी जिक्र किया। मायावती के लिए कहा कि उन्होंने जिस रास्ते पर अपना पूरा जीवन लगाया, उस पर चलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पार्टी के लिए काम करने पर आनंद खुश है। साथ ही वह मायावती के निर्देषन में बेहतर काम करने का वादा भी कर रहे हैं। आकाश आनंद ने कहा कि मायावती के दिशा-निर्देशन में पार्टी और BSP मूवमेंट का हित उनके लिए सर्वोपरि रहेगा। आकाश आनंद ने पार्टी और दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागने का वाद किया है। कहा है कि अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ काम करने हुए संगठन को मजबूत करेंगे। इसके लिए दिन-रात काम काम करेंगे। आकाश को यह नई जिम्मेदारी दी गई है। 

आकाश के अनुरोध पर पार्टी में दी जगह

मायावती ने उनको यह जिम्मेदारी भरोसा जताने के लिए दिया है। अब इसे अपने काम से सही साबित करने की जिम्मेदारी आकाश की है। इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने का ऐलान किय था। आकाश को पार्टी से निकाला गया था, उसी दिन से समाजवार्दी पार्टी में आकाश के लिए रास्ते बन गए थे। सामाजवार्दी पार्टी ने आफर भी दिया था। अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि वह अब बसपा में नहीं जाएंगे। इसके बाद भी मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए काफी सोच-विचार के बाद यह फैसला लिया गया है।

उनके इस फैसले के बाद से ही बसप में भी तरह तरह के कटाक्ष चल रहे हैं। जब कभी पार्टी की ओर से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। मायावती ने इस संबंध में कहा कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी का काम सुचारू तरीके से चलेगा। लेकिन वह तो आकाश को निकलने से पहले ही सन्यास ले चुेके थे। उनकी संगठन में बार-बार बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी?

परिवार के विवाद में जनता घूम रही

यहां तक कि निजी और व्यक्तित्व कार्यशैली में बदलाव लाने के लिए कहा गया। आकाश ने अनुरोध किया? यह बात मायावती के पोस्ट में है। इसका पोस्ट के बाहर जिक्र नहीं हैै। पार्टी की राय भी बदलती रहती है। मायावती अब कह रही हैं कि पार्टी के ज्यादातर लोगों की राय थी कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें उनकी पिछली जिम्मेदारियों के साथ फिर से पार्टी के लिए काम करने का मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन इससे पहले पार्टी के अधिकतर लोगों की राय का जिक्र उनको निकालने के लिए किया गया था। यह बात मायावती ने खुद की थी। वह कह रही हैं कि आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार और उनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस फैसले पर अपनी सहमति जताई है। बहरहाल, यह परिवार का मामला है। इसमें आम जनता भी घूम रही है। 

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