उन्नाव के राजेपुर निवासी धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या

खबर सार :-

उन्नाव के फतेहपुर चौरासी के राजेपुर के‌ रहने वाले धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनकी हत्या का कारण जमीन के विवाद माना जा रहा है।
धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या, लखनऊ में मिली लाश

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उन्नाव के फतेहपुर चौरासी के राजेपुर के‌ रहने वाले धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनकी हत्या का कारण जमीन के विवाद माना जा रहा है।  जानकारी पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि कार चालक ने धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या के बाद शव नहर में फेंक दिया। उनका शव लखनऊ में मिला।  बताया जा रहा है कि चालक ने शनिवार को धीरेन्द्र प्रताप सिंह का अपहरण कर लिया था।

महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष का शव दुबग्गा क्षेत्र में मिला

उनको फॉर्च्यूनर में ही गोली मार दी गई थी।बताया जा रहा है कि महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह एक दल से जुड़े थे। उनका शव दुबग्गा क्षेत्र में मिला है। धीरेन्द्र प्रताप सिंह का लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी से शनिवार से कुछ पता नहीं चल रहा था। माना जा रहा है कि उनका किसी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसकी कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। अब पुलिस की टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। धीरेन्द्र प्रताप भाजपा का बड़े नेताओं से संपर्क था। उनको फॉर्च्यूनर के अंदर गोली मार कर लाश नहर में फेंक दी गई।

इस मामले में पुलिस ने उनके चालक के साथ ही पांच और लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस व एसटीएफ की टीमें सभी पहलुओं पर पड़ताल कर रही है। महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह मूल रूप से राजेपुर बांगरमऊ, उन्नाव निवासी थे। वर्तमान में सेक्टर 11 वृंदावन योजना पीजीआई उनका आनाजाना रहता था। बताया जा रहा है कि उनकी हत्या उनके ही चालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर की है। इस मामले में पुलिस ने चालक रवि तिवारी व उसके साथी दिलीप समेत चार अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

शनिवार शाम करीब 5 बजे चालक रवि तिवारी ने उनका अपहरण किया था

पुलिस का कहना है कि पीजीआई क्षेत्र से शनिवार शाम करीब 5 बजे चालक रवि तिवारी ने उनका अपहरण किया था। चालक का साथ उनके साथियों ने दिया था। इसके बाद गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को दुबग्गा क्षेत्र में नहर में फेंक दिया। धीरेन्द्र अक्सर रात में देर से घर लौटते थे। शनिवार-रविवार की रात जब वह घर नहीं पहुंचे तो उनके घरवालों ने एक बजे के बाद  फोन करना शुरू किया। इस फोन को चालक रवि ने उठाया और बताया कि साहब सुशांत गोल्फ सिटी में फीनिक्स पलासियो मॉल में हैं। यह उनके घरवालों से चालक की बात थी। इसके बाद दोनों फोन ऑफ कर दिए गए। इधर परिवार वाले अनहोनी की आशंका जता रहे थे, उधर चालक रवि रात करीब 2ः30 बजे सुशांत गोल्फ सिटी थाने गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचा। 

कड़ाई से पूछताछ में  हत्या कर शव दुबग्गा क्षेत्र में फेंकना स्वीकार कर लिया

धीरेन्द्र प्रताप की पत्नी ममता सिंह ने चालक पर शक जताया तो पुलिस ने रवि तिवारी से पूछताछ शुरू कर दी। कड़ाई से पूछताछ में  उसने धीरेन्द्र की हत्या कर शव दुबग्गा क्षेत्र में फेंकने स्वीकार कर लिया। पुलिस ने किसान पथ के पास नहर से शव बरामद कर लिया है।  प्रारंभिक जांच में पता चला कि धीरेन्द्र प्रताप के माथे और सीने में एक-एक गोली लगी है। धीरेन्द्र को दो गनर मिले थे। एक की तबीयत खराब थी तो दूसरा अवकाश पर था। धीरेन्द्र प्रताप सिंह उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर रेप केस में गवाह थे। सुरक्षा मिलने का यही कारण था। 

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