NATS की तकनीकी खराबी से भारत तक असर, एयर इंडिया की उड़ानें प्रभावित; एडवाइजरी जारी
खबर सार :-
ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी ने हवाई यातायात व्यवस्था को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। एयर इंडिया की कई उड़ानों में देरी, रूट बदलाव और रद्दीकरण हुआ, जबकि अन्य उड़ानों पर भी असर पड़ने की आशंका है। NATS ने सिस्टम दुरुस्त कर दिया है, लेकिन बैकलॉग खत्म होने में समय लगेगा। यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने की सलाह दी गई है।
खबर विस्तार : -
UK Air Traffic Control: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। एयर इंडिया ने बुधवार को बताया कि ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता एनएटीएस (NATS) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी समस्या के चलते उसकी ब्रिटेन से आने-जाने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को संभावित देरी और बदलाव को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है।
एयर इंडिया की उड़ानों पर पड़ा सीधा असर
एयर इंडिया के मुताबिक, तकनीकी गड़बड़ी के कारण ब्रिटेन के विभिन्न हवाई अड्डों से संचालित होने वाली उसकी कई उड़ानों के परिचालन में बदलाव करना पड़ा। कुछ उड़ानों का मार्ग बदला गया, जबकि कुछ को देरी से संचालित किया गया। इसके अलावा कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा। एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी ट्रैवल एडवाइजरी में यात्रियों से अपील की कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। एयर इंडिया ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और व्यवधान को न्यूनतम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
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क्रू और विमानों की आवाजाही भी प्रभावित
तकनीकी खराबी का असर सिर्फ तत्काल उड़ानों तक सीमित नहीं है। एयर इंडिया ने बताया कि व्यवधान के चलते कुछ विमान और चालक दल अपने निर्धारित स्थानों पर समय से नहीं पहुंच सके। ऐसे में आने वाले समय में संचालित होने वाली कुछ अन्य उड़ानें भी प्रभावित हो सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए यात्रियों के लिए फ्लाइट स्टेटस की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे बिना पुष्टि के एयरपोर्ट के लिए न निकलें और अपनी उड़ान से जुड़ी ताजा जानकारी लेते रहें।
1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एनएटीएस की तकनीकी समस्या के कारण ब्रिटेन भर में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी हुई, जिससे प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की भीड़ और उड़ानों के कार्यक्रम पर दबाव बढ़ गया। लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट, एडिनबर्ग एयरपोर्ट और मैनचेस्टर एयरपोर्ट समेत कई प्रमुख हवाई अड्डे इस व्यवधान से प्रभावित हुए। एयरपोर्ट प्रशासन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा को उड़ानों के सामान्य संचालन को बहाल करने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
NATS ने तकनीकी समस्या की वजह बताई
ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवाएं संचालित करने वाली एनएटीएस ने बताया कि उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। सिस्टम में आई समस्या ने हवाई यातायात प्रबंधन को प्रभावित किया और इसके चलते उड़ानों के संचालन में व्यापक व्यवधान आया। बाद में एनएटीएस ने पुष्टि की कि तकनीकी समाधान लागू कर दिया गया है और सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा है। हालांकि, समस्या ठीक होने के बावजूद स्थिति तत्काल सामान्य नहीं होगी, क्योंकि बड़ी संख्या में प्रभावित उड़ानों का बैकलॉग अब भी मौजूद है।
बैकलॉग खत्म होने में लगेगा समय
एनएटीएस ने कहा कि उसके सिस्टम की समस्या दूर हो चुकी है और वह सामान्य रूप से काम कर रहा है। साथ ही, लंबित उड़ानों को जल्द से जल्द संचालित करने और व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हीथ्रो एयरपोर्ट ने भी कहा कि वह एनएटीएस के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि यात्रियों और उड़ान कार्यक्रमों पर तकनीकी खराबी के असर को कम किया जा सके। हालांकि, उड़ानों की संख्या अधिक होने के कारण परिचालन व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर आने में कुछ समय लग सकता है।
ब्रिटेन-आयरलैंड उड़ानों पर भी असर
इस तकनीकी व्यवधान का प्रभाव ब्रिटेन तक ही सीमित नहीं रहा। ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच संचालित होने वाली हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुईं। डबलिन एयरपोर्ट ने यात्रियों को आगाह किया कि ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर देरी या अन्य परिचालन संबंधी असर पड़ सकता है। ऐसे में ब्रिटेन जाने या वहां से भारत लौटने वाले यात्रियों को एयर इंडिया समेत संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की ताजा स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है। तकनीकी समस्या ठीक होने के बावजूद उड़ानों के बैकलॉग के कारण शेड्यूल प्रभावित रहने की संभावना बनी हुई है।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...
1. ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या से क्या हुआ?
NATS के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण ब्रिटेन के कई हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं।
2. क्या एयर इंडिया की उड़ानें भी प्रभावित हुईं?
हां, एयर इंडिया की कई उड़ानों में देरी, रूट बदलाव और रद्दीकरण की स्थिति बनी।
3. क्या तकनीकी समस्या अब ठीक हो गई है?
NATS के मुताबिक तकनीकी समस्या को ठीक कर दिया गया है, लेकिन प्रभावित उड़ानों का बैकलॉग सामान्य होने में समय लग सकता है।
4. यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
यात्रियों को एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान का ताजा स्टेटस जरूर जांचना चाहिए।
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