झारखंड में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ी निगरानी, अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी
खबर सार :-
स्वाइन फ्लू को लेकर झारखंड सरकार सतर्क है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों को 10 बेड आरक्षित करने के आदेश दिए हैं। लोगों से लक्षण दिखने पर डाॅक्टर से परामर्श लेने की हिदायत दी है।
खबर विस्तार : -
रांची: झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग राज्य में स्वाइन फ्लू (H1N1) की स्थिति को लेकर हाई अलर्ट पर है। शनिवार को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों/प्रधानाचार्यों और जिला निगरानी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान, जांच, इलाज और निगरानी के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर तुरंत रेफर करने के लिए मजबूत इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट रूप से कहा, "स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तरह सतर्क है। राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान से लेकर जांच, इलाज और जरूरत पड़ने पर रेफर करने तक हर स्तर पर सिस्टम को मजबूत किया गया है। हमारा संकल्प है कि स्वाइन फ्लू से किसी की जान न जाए।"
सभी जिलों में अधिक तेज होगी निगरानी
उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय कुमार और विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद तैयारियों की समीक्षा की और जरूरी निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने संभावित और गंभीर मामलों की शुरुआती चरण में पहचान करने की जरूरत पर जोंर दिया ताकि मरीजों को समय पर और उचित चिकित्सा देखभाल मिल सके। जिला निगरानी अधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
अस्पतालों में 10 अतिरिक्त बेड आरक्षित
स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों (जिनमें RIMS, रांची शामिल है) और सदर अस्पतालों में 10 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए जाएं। इसके अलावा, अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता, जरूरी दवाओं और चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक, जांच सुविधाएं, ICU/HDU की तैयारी और प्रशिक्षित चिकित्सा और पैरामेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि संभावित मरीजों के इलाज के दौरान किसी भी चरण में संसाधनों की कोई कमी न हो।
विशेष सतर्कता बरतने का भी निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को राज्य के हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया गया है। बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण वाले लोगों की जरूरत के हिसाब से क्लिनिकल जांच की जाएगी। मेडिकल जरूरत के आधार पर इन्फ्लूएंजा/H1N1 की जांच की जाएगी और गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को तुरंत सही मेडिकल देखभाल दी जाएगी।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह लें
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि H1N1 एक वायरल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन है और ज्यादातर मरीज समय पर पता चलने और सही इलाज मिलने पर ठीक हो जाते हैं। इसलिए, जनता को घबराने की जरूरत नहीं है; बल्कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए और लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे खुद से दवा न लें, बल्कि नजदीकी हेल्थ सेंटर या अस्पताल में जाकर डॉक्टर से सलाह लें।
स्थिति पर नजर रख रहा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के लोगों से अपील की और भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य संस्थानों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग का पूरा तंत्र सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "झारखंड सरकार अपने नागरिकों की सेहत और जान की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग की सभी इकाइयाँ हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। मैं जनता से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें, सावधानी बरतें और लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है—सतर्कता, निगरानी और तुरंत इलाज हमारी प्राथमिकताएं हैं।"
यह भी पढ़ेंः- स्वाइन फ्लू-डेंगू को लेकर बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील
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