झांसी में बंद मकान में मिले वृद्ध दंपती के शव, पांच-छह दिन पुरानी बताई जा रही मौत, किरायेदार का मोबाइल बंद
खबर सार :-
झांसी के गोविंदपुरी में बंद मकान से वृद्ध दंपती के शव मिले। दोनों की मौत 5-6 दिन पुरानी बताई जा रही है। पुलिस फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के जरिए मौत की वजह तलाश रही है।
खबर विस्तार : -
झांसी: सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के गोविंदपुरी में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब कई दिनों से बंद एक मकान के अंदर वृद्ध पति-पत्नी के शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय विश्वनाथ और उनकी 65 वर्षीय पत्नी भुवन देवी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के शव प्रथम दृष्टया करीब पांच से छह दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं। शव कई दिन पुराने होने के कारण काफी फूल चुके हैं और उनमें कीड़े लग गए हैं। इस वजह से शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
घटना का खुलासा शनिवार को उस समय हुआ, जब मृतक दंपती का बेटा जगपाल अपने माता-पिता से मिलने उनके घर पहुंचा। मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। जगपाल ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई। उसने मकान के रोशनदान से अंदर झांककर देखा तो कमरे में उसके माता-पिता के शव पड़े दिखाई दिए। यह दृश्य देखकर वह घबरा गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सीपरी बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मकान खुलवाकर अंदर प्रवेश किया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोबाइल फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने जांच के लिए एसओजी टीम को भी लगाया है।
पांच से छह दिन पुराने हैं शव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों की स्थिति को देखते हुए दोनों की मौत करीब पांच से छह दिन पहले होने की संभावना है। एसपी सिटी प्रीती सिंह ने बताया कि 29 अगस्त को जगपाल ने अपने माता-पिता के दूसरे मकान में मृत अवस्था में मिलने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। वहीं, आईजी झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों शव करीब पांच से छह दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं। शव पुराने होने के कारण फूल चुके हैं और उनमें कीड़े लग गए हैं। इस वजह से शरीर पर चोट के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत को लेकर किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच में स्वाभाविक मौत, बीमारी या किसी अन्य कारण समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
सात दिन पहले हुई थी मीट और शराब की पार्टी
मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने एक अहम जानकारी आई है। बताया जा रहा है कि घटना से करीब सात दिन पहले मृत दंपती और मकान में रहने वाले किरायेदार समेत तीन लोगों ने वहां मीट और शराब की पार्टी की थी। इसके बाद किरायेदार का मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताया जा रहा है। किरायेदार के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद पुलिस इस बिंदु को भी जांच में महत्वपूर्ण मानकर आगे बढ़ रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पार्टी के बाद किरायेदार कब मकान से गया था, वह घटना के समय वहां मौजूद था या नहीं और उसका वृद्ध दंपती की मौत से किसी तरह का संबंध है अथवा नहीं।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी किरायेदार की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। अधिकारियों का कहना है कि केवल मोबाइल बंद होने या संपर्क में नहीं होने के आधार पर किसी व्यक्ति को घटना से जोड़ना उचित नहीं होगा। किरायेदार से संपर्क और पूछताछ के बाद ही इस दिशा में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
बंद मकान के अंदर वृद्ध दंपती के शव मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों की मौत स्वाभाविक रूप से हुई या किसी बीमारी अथवा अन्य कारण से। शव कई दिन पुराने होने के कारण शरीर पर चोट के निशान स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभाएगी। पुलिस के अनुसार, चिकित्सकों के पैनल से दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के दौरान मौत के कारणों और शरीर की स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस यह तय कर सकेगी कि मौत किस परिस्थिति में हुई।
एसपी सिटी बनीं नोडल अधिकारी
आईजी आकाश कुलहरि ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जांच में लगाई गई हैं। एसपी सिटी प्रीती सिंह को मामले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा एसओजी टीम को भी घटना के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही मकान में आने-जाने वाले लोगों, किरायेदार की गतिविधियों और मृत दंपती के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में मकान में कौन-कौन आया था और दंपती के संपर्क में कौन लोग थे।
किरायेदार का मोबाइल बंद होना अहम कड़ी
जांच में किरायेदार का मोबाइल फोन बंद होना पुलिस के लिए एक अहम बिंदु बना हुआ है। पुलिस उससे संपर्क करने का प्रयास कर रही है। उसके संपर्क में आने के बाद यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वह आखिरी बार कब दंपती के साथ था और मीट-शराब की पार्टी के बाद मकान से कब गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किरायेदार की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच पूरी होने और सभी साक्ष्य सामने आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
कई दिनों तक बंद रहा मकान
घटना के बाद आसपास के लोगों में भी कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पांच से छह दिनों तक मकान बंद रहने के बावजूद वृद्ध दंपती की मौत की जानकारी किसी को क्यों नहीं हुई। बताया जा रहा है कि दोनों की मौत के बाद मकान कई दिनों तक बंद रहा। शनिवार को बेटा जब अपने माता-पिता से मिलने पहुंचा और काफी प्रयास के बावजूद दरवाजा नहीं खुला, तब रोशनदान से झांकने पर उसे दोनों के शव दिखाई दिए। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की।
हर पहलू को जोड़कर जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर केंद्रित है। वृद्ध दंपती की मौत की परिस्थितियां, शवों की स्थिति, घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य, करीब सात दिन पहले हुई मीट और शराब की पार्टी, किरायेदार का अचानक मोबाइल बंद होना और घटना के बाद उसका संपर्क में नहीं आना—इन सभी पहलुओं को आपस में जोड़कर पुलिस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले तथ्यों के साथ पुलिस पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी को भी जांच में शामिल किया जाएगा। इसके बाद ही वृद्ध दंपती की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में तभी ठोस निष्कर्ष निकाला जाएगा, जब उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आएंगे। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
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