गृहकर वसूली के लिए झांसी नगर निगम ने उठाया बड़ा कदम, आउटसोर्स बिल कलेक्टर किए तैनात

खबर सार :-

झांसी नगर निगम ने गृहकर वसूली के लिए 9 आउटसोर्स बिल कलेक्टर तैनात किए हैं। नियमित कर्मचारियों की कमी के बीच एफबी ट्रेडर्स से सेवाएं ली गईं।
राजस्व घाटे से बचने को नगर निगम ने निजी कंपनी से ली सेवाएं

खबर विस्तार : -

झांसी: नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था में गृहकर वसूली की अहम भूमिका होती है। झांसी नगर निगम को हर वर्ष गृहकर मद से करीब 30 से 35 करोड़ रुपये की आय होती है। इसके अलावा नामांतरण, दुकानों के किराये और शासन से मिलने वाली धनराशि के माध्यम से नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था संचालित होती है। ऐसे में गृहकर की नियमित और प्रभावी वसूली नगर निगम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आउटसोर्स कर्मचारियों की होगी तैनाती

झांसी नगर निगम में गृहकर वसूली के लिए बिल कलेक्टर के नौ पद स्वीकृत हैं। एक समय इन पदों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात थे, लेकिन लगातार कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने और नई नियुक्तियां नहीं होने के कारण धीरे-धीरे पद खाली होते चले गए। अब स्थिति यह है कि नगर निगम में केवल दो नियमित बिल कलेक्टर ही बचे हैं।

नगर निगम में अमोल यादव और वीरेंद्र पांचाल वर्तमान में बिल कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। इनमें वीरेंद्र पांचाल जन सूचना से संबंधित कार्य भी देखते हैं और दिसंबर माह में उनके सेवानिवृत्त होने की बात कही गई है। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद नगर निगम में गृहकर वसूली के लिए केवल एक नियमित बिल कलेक्टर रह जाएगा। इससे गृहकर वसूली का काम प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती का फैसला लिया है।

सुरक्षा और जवाबदेही का विशेष ध्यान

गौर करने वाली बात यह है कि गृहकर वसूली सीधे राजस्व से जुड़ा कार्य होने के कारण अभी तक नगर निगम में इस काम के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों को जिम्मेदारी नहीं दी जाती थी। लेकिन लगातार खाली होते पदों और राजस्व वसूली के काम पर पड़ रहे संभावित असर को देखते हुए नगर निगम को अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा। अब पहली बार गृहकर वसूली के लिए आउटसोर्स बिल कलेक्टरों की तैनाती की गई है।

नगर निगम ने आउटसोर्स कर्मचारियों की आपूर्ति करने वाली कंपनी एफबी ट्रेडर्स से नौ बिल कलेक्टरों की सेवाएं ली हैं। इन कर्मचारियों को गृहकर वसूली के काम में लगाया गया है। नगर निगम का कहना है कि वित्तीय कार्य से जुड़ी जिम्मेदारी होने के कारण आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती में सुरक्षा और जवाबदेही का विशेष ध्यान रखा गया है।

इसके तहत एफबी ट्रेडर्स की करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ईएमडी पहले से नगर निगम के पास जमा है। इसके अतिरिक्त नौ बिल कलेक्टरों की तैनाती के लिए कंपनी से 20 लाख रुपये की अतिरिक्त गारंटी धनराशि भी जमा कराई गई है। नगर निगम के मुताबिक, यदि किसी आउटसोर्स बिल कलेक्टर की ओर से किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी और नियमानुसार उससे वसूली की जाएगी।

नगर आयुक्त ने दी जानकारी

नगर निगम के इस कदम का उद्देश्य गृहकर वसूली की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है, ताकि कर्मचारियों की कमी के कारण नगर निगम के राजस्व पर असर न पड़े। गृहकर से हर साल मिलने वाली करोड़ों रुपये की आय नगर निगम के विकास कार्यों और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। नगर आयुक्त झांसी आकांक्षा राणा ने बताया कि नगर निगम में बिल कलेक्टर के नौ पद स्वीकृत हैं, लेकिन लगातार कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने और नई भर्ती नहीं होने के कारण पद खाली होते जा रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए नौ आउटसोर्स बिल कलेक्टरों की तैनाती की गई है।

उन्होंने बताया कि इसके लिए आउटसोर्स कंपनी से अलग से अनुबंध किया गया है। वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंपनी से 20 लाख रुपये की अतिरिक्त गारंटी राशि भी जमा कराई गई है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से गृहकर वसूली प्रभावित नहीं होगी और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया को लगातार जारी रखने में मदद मिलेगी। अब देखना होगा कि आउटसोर्स बिल कलेक्टरों की तैनाती से झांसी नगर निगम की गृहकर वसूली कितनी प्रभावी होती है और आने वाले समय में नियमित कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नई नियुक्तियों पर क्या निर्णय लिया जाता है।

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