मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन: सहकारी डेयरी संस्थान की प्राचार्य वन्दना सिंह 1.35 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के मेरठ में भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की प्राचार्य वन्दना सिंह को 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पढ़ें पूरी खबर।
मेरठ: सहकारी डेयरी संस्थान की प्राचार्य 1.35 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई

खबर विस्तार : -

Lucknow-Noida : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की सख्त नीति और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के स्पष्ट निर्देशों के बाद से राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption Organisation - ACO), उत्तर प्रदेश की मेरठ इकाई ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। संगठन की टीम ने मेरठ के परतापुर स्थित सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की प्राचार्य को एक लाख पैंतीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला और किसकी थी शिकायत?

यह पूरी कार्रवाई मेरठ के मवाना रोड स्थित राजभवन फौजी कॉलोनी के निवासी अमित सिवाच की एक पुख्ता शिकायत के आधार पर की गई है। प्रार्थी अमित सिवाच ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मेरठ इकाई से संपर्क किया था और लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी फर्म का टेंडर जारी रखने और पहले से किए गए कार्यों के बिलों का भुगतान करने के एवज में संस्थान की उच्चाधिकारी द्वारा लगातार अवैध धनराशि की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता की इस अर्जी को संगठन ने बेहद गंभीरता से लिया और गोपनीय तरीके से इसकी सत्यता की जांच कराई, जिसमें मामला प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाया गया।

निरीक्षक अर्चना के नेतृत्व में बनी विशेष ट्रैप टीम

शिकायत के सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मेरठ इकाई ने त्वरित कानूनी एक्शन प्लान तैयार किया। निरीक्षक अर्चना के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। इस टीम ने पूरी सावधानी और पेशेवर रणनीति के साथ जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक, प्रार्थी अमित सिवाच को रिश्वत की पहली या तयशुदा किस्त के रूप में एक लाख 35 हजार रुपये लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया। टीम के सदस्य सादी वर्दी में आसपास मुस्तैद रहे ताकि जैसे ही पैसों का लेन-देन हो, तुरंत कार्रवाई की जा सके।

कार्यालय परिसर से प्राचार्य रंगे हाथ गिरफ्तार

मंगलवार, 24 अगस्त 2026 को निर्धारित योजना के तहत टीम ने परतापुर स्थित कार्यालय सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान पर छापा मारा। जैसे ही प्राचार्य वन्दना सिंह (पत्नी विशाल चौधरी, मूल निवासी - 311 फ्लैट, प्लेटिना टॉवर, महागुन मीरावेला, सेक्टर 79, बिसरख, थाना सेक्टर 113 कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर) ने अमित सिवाच से एक लाख 35 हजार रुपये की रिश्वत की रकम अपने हाथों से स्वीकार की, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। अचानक हुई इस दबिश से आरोपी अधिकारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

आगे की विधिक कार्रवाई जारी

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम आरोपी प्राचार्य वन्दना सिंह को अपने साथ सुरक्षित हिरासत में लेकर थाने पहुंची। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। संगठन के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण से जुड़े अन्य दस्तावेजों, बैंक खातों और सहयोगियों की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सरकार और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने इस सफल ट्रैप कार्रवाई के लिए एंटी-कोरप्शन ऑर्गनाइजेशन की पूरी टीम की पीठ थपथपाई है और स्पष्ट किया है कि आम जनता का शोषण करने वाले किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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