उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों पर टूटेगा 'ऑपरेशन साइ-वज्र', डीजीपी राजीव कृष्ण ने दिए सख्त निर्देश, ब्लॉक हुए लाखों मोबाइल
खबर सार :-
cyber crime in uttar pradesh : उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध (cyber crime in uttar pradesh) पर लगाम लगाने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने 'ऑपरेशन साइ-वज्र' का एलान किया है। जानें कैसे पुलिस ने ₹530 करोड़ बचाए और ठगी रोकने के लिए क्या है नया प्लान।
खबर विस्तार : -
Lucknow News : उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध (cyber crime in uttar pradesh) की बढ़ती चुनौतियों से निपटने और ठगी के शिकार लोगों को तुरंत राहत देने के लिए पुलिस महकमा अब एक्शन मोड में आ चुका है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कार्यभार संभालते ही जिन प्राथमिकताओं को तय किया था, उनमें डिजिटल ठगी पर लगाम लगाना सबसे ऊपर शामिल है। इसी सिलसिले में 6 जुलाई 2026 को लखनऊ में एक उच्चस्तरीय प्रदेशव्यापी समीक्षा बैठक बुलाई गई। इस बैठक में प्रदेश के सभी कमिश्नरेट, जिलों के वरिष्ठ पुलिस कप्तानों, साइबर थानों के प्रभारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। डीजीपी ने साफ किया कि डिजिटल दुनिया में पैर पसार रहे अपराधियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और इसके लिए तकनीक के साथ-साथ जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
Cyber Crime in Uttar Pradesh : साइबर ठगों के खिलाफ शुरू होगा 'ऑपरेशन साइ-वज्र'
डिजिटल दुनिया के जालसाजों की कमर तोड़ने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने पूरे राज्य में एक हफ्ते का विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है। इस अभियान को 'ऑपरेशन साइ-वज्र' (Operation Cy-Vajra) नाम दिया गया है। 7 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत संगठित तौर पर ठगी करने वाले गिरोहों की पहचान की जाएगी और उनके ठिकानों पर छापेमारी होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध (cyber crime in uttar pradesh) से जुड़े मामलों में खुफिया जानकारी जुटाएं और जहां से भी ठगी का नेटवर्क संचालित हो रहा है, उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दें। पुलिस अब केवल शिकायतों का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि तकनीक के सहारे अपराधियों तक खुद पहुंचेगी।
Cyber Crime in Uttar Pradesh : पौने दो लाख से ज्यादा मोबाइल उपकरण किए गए ब्लॉक
समीक्षा बैठक के दौरान पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर भी गहन मंथन हुआ। पुलिस की मुस्तैदी के कारण 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध (cyber crime in uttar pradesh) को रोकने में कई बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। इस दौरान पुलिस ने करीब 2,94,024 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को बंद करवाया है। इसके अलावा, ठगी के काम में इस्तेमाल होने वाले 1,81,405 मोबाइल उपकरणों (IMEI) को भी हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया गया है। सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि अलग-अलग मामलों में ठगों के बैंक खातों में मौजूद लगभग ₹530 करोड़ की रकम पर 'लियन और होल्ड' लगाकर उसे अपराधियों के हाथों में जाने से रोक लिया गया।
Cy-Vajra : क्षमता संवर्द्धन और ऑनलाइन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण
इस पूरी समीक्षा बैठक में एक और महत्वपूर्ण बिंदु जिस पर विशेष बल दिया गया, वह था साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस बल का निरंतर क्षमता संवर्धन (capacity building) और आधुनिक प्रशिक्षण। डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी रूप से अपग्रेड हो रहे अपराधियों का मुकाबला करने के लिए साइबर सेल और थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक टूल्स और नवीन जांच पद्धतियों का नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही, जिलों में लंबित या तकनीकी कारणों से रुकी हुई शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से करने को कहा गया, ताकि ठगी की रकम अपराधियों के खातों में ट्रांसफर होने से पहले ही उसे ब्लॉक कर जनता के पैसे को सुरक्षित किया जा सके।
Cy-Vajra : पैसा वापस दिलाने के लिए दो नए डिजिटल मॉड्यूल
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा तैयार किए गए दो बेहद महत्वपूर्ण सिस्टम के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। पहला है 'मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल' (Money Restoration Module) यानी एमआरएम। इसके जरिए अगर किसी व्यक्ति के साथ वित्तीय धोखाधड़ी हुई है और बैंक ने उस रकम को होल्ड कर दिया है, तो पीड़ित सीधे इस पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। जांच के बाद बैंक वह पैसा पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर कर देता है। ₹50,000 से कम की रकम होने पर इसके लिए किसी एफआईआर या कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं होती। दूसरा सिस्टम 'ग्रीवान्स रिड्रेसल मॉड्यूल' (Grievance Redressal Module) यानी जीआरएम है। अक्सर जांच के दौरान कुछ बेकसूर लोगों के बैंक खाते भी फ्रीज हो जाते हैं। ऐसे निर्दोष लोग अपनी बैंक शाखा में जाकर इस मॉड्यूल के माध्यम से अपना खाता दोबारा शुरू कराने की गुहार लगा सकते हैं।
Cy-Vajra :महिला और बच्चों से जुड़े मामलों पर रहेगा विशेष फोकस
डीजीपी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध (cyber crime in uttar pradesh) के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल माध्यमों से महिलाओं को प्रताड़ित करने वाले मामलों को पुलिस सबसे पहली प्राथमिकता पर रखेगी। इसके साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अवेयरनेस कैंपेन चलाए जाएंगे, ताकि लोग लालच या डर में आकर अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। डीजीपी ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो पूरी तरह पीड़ित-केंद्रित हो, जहां शिकायतकर्ता को त्वरित न्याय मिल सके।
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