घोरावल में किसानों का प्रदर्शन, डीएपी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने की उठाई मांग

खबर सार :-

सोनभद्र में किसानों ने एक स्वर में सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि खाद की कमी के कारण उन्हें निजी दुकानों पर अधिक कीमत चुकानी पड़ती है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
घोरावल में किसानों का प्रदर्शन, डीएपी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने की उठाई मांग

खबर विस्तार : -

सोनभद्र: घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बट कोऑपरेटिव केंद्र पर मंगलवार को "पेड़ हैं तो प्राण हैं" अभियान के तहत किसानों को फलदार पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के बाद किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और समय पर डीएपी एवं यूरिया उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

शीघ्र समाधान की मांग

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी, जिलाधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की कि प्रत्येक किसान को प्रति बीघा एक बोरी डीएपी और एक बोरी यूरिया उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती का कार्य समय पर पूरा हो सके और किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।

संदीप मिश्रा ने कहा कि यदि किसानों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा व्यापक आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी आवश्यकताओं की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है।

प्रदर्शन के दौरान रामकेश पनिका ने कहा कि किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा किसानों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रहा है और भविष्य में भी किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने का आह्वान किया।

समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप

महेंद्र पटेल ने कहा कि यदि प्रशासन और सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करती रही तो आने वाले समय में जनप्रतिनिधियों का बहिष्कार किया जाएगा और आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।

उमाशंकर सिंह ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे खेती प्रभावित हो रही है और किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर आकाश चौहान, शत्रुधन बिंद, दिनेश चेरो, विजय चौहान, विक्की पटेल, राजू मौर्य सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

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