जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न, 'संभव अभियान 6.0' की तैयारियों की समीक्षा

खबर सार :-

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराया जाए, ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न, 'संभव अभियान 6.0' की तैयारियों की समीक्षा

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शाहजहांपुर: कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पोषण समिति एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के 'संभव अभियान 6.0' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जुलाई से सितंबर तक संचालित होने वाले अभियान की तैयारियों, विभिन्न विभागों के समन्वय तथा कुपोषण उन्मूलन से संबंधित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, पंचायती राज एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-कवच पोर्टल पर जून माह में चिन्हित किए गए सभी गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक माह उनका नियमित फॉलोअप किया जाए, ताकि समय रहते उन्हें आवश्यक उपचार और पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने निर्देश दिए कि एचएमआईएस पोर्टल पर सभी धात्री महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) टैबलेट उपलब्ध कराने की जानकारी समय से दर्ज की जाए। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप पर गर्भवती महिलाओं की चौथी प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने टेक होम राशन (टीएचआर) के समयबद्ध और पूर्ण वितरण के भी निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी पात्र लाभार्थी का पंजीकरण छूटने न पाए।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

पोषण ट्रैकर ऐप की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐप पर पंजीकृत सभी धात्री महिलाओं के 0 से 6 माह तक के बच्चों का पंजीकरण एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी सभी आंकड़ों की नियमित फीडिंग और सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर ऐप पर निर्धारित कार्य नहीं करेंगी अथवा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं लेंगी, उन्हें चिन्हित किया जाएगा। ऐसे मामलों में पहले मानदेय रोका जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी।

हर परियोजना में विकसित होगा मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र

बैठक में प्रत्येक परियोजना क्षेत्र में विभागीय भवन स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा सभी मुख्य सेविकाओं को अपने-अपने सेक्टर में कम से कम एक आंगनबाड़ी केंद्र को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन केंद्रों को बेहतर सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का उदाहरण बनाया जाए।

बैठक का संचालन प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी उत्तम कुमार ने किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, जिला पंचायती राज अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), प्रभारी अधिकारी तथा मुख्य सेविकाएं उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

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