MP Rain Alert: लगातार बारिश से पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ा, भोपाल-राजगढ़ को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बंद

खबर सार :-

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से पार्वदी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे नदी के बीचों-बीच बनाया गया भोपाल-राजगढ़ को जोड़ने वाला अस्थायी वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह डूब गया है। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए इस मार्ग पर आवागमन को बंद कर दिया है।
MP Rain Alert: लगातार बारिश से पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ा, भोपाल-राजगढ़ को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बंद

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और राजगढ़ जिले को जोड़ने वाली बैरसिया-नरसिंहगढ़ सड़क पर पार्वती नदी के ऊपर बने अस्थायी वैकल्पिक रास्ते पर आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। सोमवार देर रात नदी में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए बैरसिया के SDM आशुतोष शर्मा ने यह इमरजेंसी आदेश जारी किया।

SDM आशुतोष शर्मा के आधिकारिक आदेश के अनुसार, लगातार बारिश की वजह से पार्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी बढ़ने के कारण, मेघरा नवीन गांव के पास नदी के बीच बना अस्थायी वैकल्पिक रास्ता पूरी तरह से डूब गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि किसी भी गाड़ी या व्यक्ति का वहां से गुजरना बेहद खतरनाक और जानलेवा हो सकता है। जान-माल के किसी भी जोखिम को टालने के लिए प्रशासन ने इस रास्ते के इस्तेमाल पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।

बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश

किसी भी अनहोनी घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। SDM ने लोक निर्माण विभाग (PWD), जनपद पंचायत और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया है कि वे प्रतिबंधित रास्ते के दोनों तरफ तुरंत मजबूत बैरिकेड्स लगाएं। साथ ही, बड़े चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा संकेत भी लगाए जाएं ताकि यह पक्का किया जा सके कि कोई भी नागरिक अनजाने में या लापरवाही से डूबे हुए रास्ते का इस्तेमाल करने की कोशिश न करे। आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस बल को लगातार गश्त करने और मौके पर लगातार नजर रखने का काम सौंपा गया है। यात्रियों को सुरक्षित, वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जा रहा है।

नियम तोड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई

यह रोक तुरंत लागू हो गई है और अगले आदेश तक जारी रहेगी। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जो कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा या प्रतिबंधित इलाके में घुसने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

इन जिलों से संपर्क टूटा

इस रास्ते का इस्तेमाल न केवल भोपाल और राजगढ़ के निवासी करते हैं, बल्कि गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, इंदौर और उज्जैन आने-जाने के लिए भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। जब मुख्य पुल पूरी तरह से चालू था, तो रोजाना लगभग 1.5 से 2 लाख लोग इस रास्ते से यात्रा करते थे। हाल ही में भी, रोजाना लगभग 8,000 से 10,000 लोग वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे; अब सड़क बंद होने की वजह से उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।

डिंडोरी में नदियों का जलस्तर बढ़ा

पिछले छह दिनों से जारी तेज बारिश के बीच मंगलवार को भी 31 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश की वजह से डिंडोरी जिले में नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। टुडार नदी का पानी पुलिया के ऊपर से बहने के कारण करंजिया ब्लॉक के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। जलभराव के कारण 11 घरों में पानी घुस गया, जिससे घर का सामान खराब हो गया।

कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में श्योपुर में सबसे ज़्यादा बारिश हुई, जहाँ लगभग 1.25 इंच बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और मंडला में लगभग 1 इंच बारिश हुई, जबकि नौगांव और दमोह में 0.75 इंच बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और रीवा में 0.5 इंच बारिश हुई। जबलपुर, बैतूल, दतिया, नर्मदापुरम, खरगोन, सागर, सतना, सीहोर, छतरपुर और पांढुर्णा में भी बारिश जारी रही। 

 

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