पोंगल पर तमिलनाडु सरकार देगी उपहार, अब नए रंगों और बेहतर क्वालिटी में मिलेगी मुफ्त साड़ी और धोती

खबर सार :-

पोंगल 2027 के लिए तमिलनाडु सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हर साल नागरिकों को मिलने वाली साड़ी और धोती अब बेहतर क्वालिटी और नए रंगों में मिलेगी। ये न सिर्फ पहनने में आरामदायक होंगी, बल्कि इससे धागे का उत्पादन भी बढ़ेगा। सरकार के इस फैसले से हथकरघा बुनकरों में खुशी है।
पोंगल पर तमिलनाडु सरकार देगी उपहार, अब नए रंगों और बेहतर क्वालिटी में मिलेगी मुफ्त साड़ी और धोती

खबर विस्तार : -

चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने सालाना पोंगल गिफ्ट स्कीम के तहत बांटी जाने वाली मुफ्त धोतियों और साड़ियों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। साल 2027 के लिए, ये कपड़े बेहतर क्वालिटी, ज्यादा टिकाऊ फैब्रिक और नए रंगों में बनाए जाएंगे।

इसे एक दशक से भी ज्यादा समय में इस स्कीम में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मानना ​​है कि इस कदम से फ़ायदा पाने वालों और राज्य के हथकरघा (हैंडलूम) उद्योग, दोनों को बहुत फ़ायदा होगा।

पहले के मुकाबले साड़ियों में ज्यादा कॉटन

नई व्यवस्था के तहत, मुफ्त साड़ियों में पहले के मुकाबले ज्यादा कॉटन होगा, जिससे उन्हें पहनना ज्यादा आरामदायक होगा, खासकर गर्मियों में। अधिकारियों के अनुसार, नई साड़ियां 60-काउंट पॉली-कॉटन धागे से बुनी जाएंगी, जिसमें पॉलिएस्टर और कॉटन का अनुपात 80:20 होगा; पहले यह अनुपात 90:10 था। नई साड़ियों में सिल्वर या कॉपर रंग का पॉलिएस्टर बॉर्डर भी होगा। इसके अलावा, हल्के नीले, गुलाबी और आइवरी-सफेद रंगों के साथ-साथ, अब ये हरे रंग में भी उपलब्ध होंगी।

मुफ्त धोतियों की क्वालिटी में भी सुधार

सरकार ने मुफ्त धोतियों की क्वालिटी में भी सुधार किया है। अब इन्हें 40-काउंट ग्रे पॉली-कॉटन धागे से बुना जाएगा, जिसमें पॉलिएस्टर और कॉटन का अनुपात 65:35 होगा, जबकि पहले यह अनुपात 80:20 था। हर धोती की लंबाई 2 मीटर और चौड़ाई 50 इंच होगी। इनमें रंगीन पॉलिएस्टर बॉर्डर होगा और पहली बार, इन्हें पहले से धोकर (प्री-वॉश करके) बांटा जाएगा। वहीं, साड़ियों के साइज में कोई बदलाव नहीं होगा - लंबाई 5.5 मीटर और चौड़ाई 45 इंच ही रहेगी।

सहकारी मिलों में बढ़ेगा धागे का उत्पादन 

हैंडलूम और टेक्सटाइल विभाग द्वारा 1 जुलाई को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, नए डिजाइन वाले इन कपड़ों का उत्पादन हैंडलूम और पावरलूम बुनकरों की सहकारी समितियों के जरिए किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर क्वालिटी और डिजाइन से कपड़ों की अपील बढ़ेगी, सहकारी स्पिनिंग मिलों में धागे का उत्पादन बढ़ेगा और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस बेहतर होगा। 

1.7764 करोड़ साड़ियां बनाने का लक्ष्य

सरकार ने पोंगल 2027 के लिए 1.7764 करोड़ साड़ियां और 1.7722 करोड़ धोतियां बनाने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पिछले तीन सालों के लक्ष्य जैसा ही है। हालांकि जिला कलेक्टरों ने अनुमानित मांग के आधार पर 2.27 करोड़ से ज्यादा साड़ियों और 2.25 करोड़ धोतियों की मांग की थी, लेकिन सरकार ने नए डिजाइन लागू करने के लिए कम समय का हवाला देते हुए उत्पादन न बढ़ाने का फैसला किया।

पोंगल 2027 योजना के लिए सरकार ने बढ़ाया बजट

समय पर उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने शॉर्ट-टर्म टेंडर के जरिए धागे की खरीद को भी मंजूरी दी है। पोंगल 2027 योजना की कुल लागत 642.88 करोड़ रुपये अनुमानित है। 2026-27 के राज्य बजट में इस योजना के लिए 606.94 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, और सरकार ने उत्पादन शुरू करने के लिए पहले ही 300 करोड़ रुपये की शुरुआती किश्त जारी कर दी है।

पेंशन लाभार्थियों को दीपावली पर मिलेगी साड़ी-धोती

सरकार ने पोंगल 2026 योजना का बचा हुआ स्टॉक इस साल दीपावली के दौरान बुजुर्ग पेंशन लाभार्थियों को बांटने का भी फैसला किया है। इसके बाद जो भी स्टॉक बचेगा, उसका इस्तेमाल दूसरे सरकारी कामों के लिए किया जाएगा। सरकारी एजेंसियां—को-ऑप्टेक्स और तमिलनाडु टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन—सहकारी बुनकर सोसायटियों से ये कपड़े खरीदेंगी और बाद में तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के जरिए लाभार्थियों को बांटेगीं।

हथकरघा बुनकरों ने किया फैसले का स्वागत

इस पहल का स्वागत करते हुए, सलेम के हथकरघा बुनकरों ने कहा कि नए डिजाइन और बेहतर क्वालिटी से इन कपड़ों की मांग और आकर्षण दोनों बढ़ेंगे। इसके अलावा, समय पर फंड जारी होने से बुनकरों को तुरंत भुगतान सुनिश्चित होता है, जिससे उत्पादकों और पोंगल उपहार पाने वालों, दोनों को फायदा होता है।

 

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