लखनऊ समिट बिल्डिंग कांड: अमेरिकी नागरिकों को लूटने वाले इंटरनेशनल कॉल सेंटर का 'मास्टरमाइंड' विनीत वशिष्ठ कोलकाता से दबोचा, हवाला क्वीन भी गिरफ्तार!

खबर सार :-

लखनऊ समिट बिल्डिंग फर्जी कॉल सेंटर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार के इनामी मास्टरमाइंड विनीत वशिष्ठ और हवाला ऑपरेटर रिंकी दासगुप्ता सहित 3 आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों से साइबर फ्रॉड करता था।
लखनऊ समिट बिल्डिंग कांड: अमेरिकी नागरिकों को लूटने वाले इंटरनेशनल कॉल सेंटर का 'मास्टरमाइंड' विनीत वशिष्ठ कोलकाता से दबोचा, हवाला क्वीन भी गिरफ्तार!

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में स्थित चर्चित समिट बिल्डिंग से संचालित हो रहे एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर (fake call center) मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस सनसनीखेज गिरोह के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई का दायरा अब यूपी से निकलकर पश्चिम बंगाल और गुजरात तक फैल चुका है। लखनऊ कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम थाना (cyber crime police station) की संयुक्त टीम ने मिलकर इस गिरोह के मुख्य सरगना और 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी विनीत वशिष्ठ समेत तीन मुख्य आरोपियों को कोलकाता से धर दबोचा है।

इस हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश इसी महीने की शुरुआत में 1 जुलाई 2026 को हुआ था, जब पुलिस ने मौके से 119 जालसाजों को गिरफ्तार किया था। तब से ही इस गिरोह का मुख्य संचालक विनीत वशिष्ठ पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। आइए जानते हैं कि यह गिरोह किस तरह सात समंदर पार बैठे लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था।

अमेरिकी नागरिक रडार पर, ऐसे होता था खेल

यह पूरा सिंडिकेट बेहद शातिर और संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये जालसाज इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म (internet calling platform) और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते थे। इनके निशाने पर मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के भोले-भले नागरिक होते थे। अमेरिकी नागरिकों को डरा-धमकाकर या तकनीकी सहायता के नाम पर झांसा देकर ये लोग उनके बैंक खातों से गाढ़ी कमाई उड़ा लेते थे। इस फर्जीवाड़े को लखनऊ के पॉश इलाके में स्थित समिट बिल्डिंग के भीतर से अंजाम दिया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो।

कोलकाता से दबोचा गया 25 हजारी विनीत वशिष्ठ

पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर के सख्त निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस इन फरार शातिरों को लगातार ट्रैक कर रही थी। पुख्ता सूचना के आधार पर लखनऊ पुलिस की टीम ने कोलकाता में छापेमारी कर मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ (निवासी अहमदाबाद, गुजरात), दफ्तर का रेंट एग्रीमेंट तैयार कराने वाले नायकर जयराज (निवासी अहमदाबाद) और इस काले कारोबार की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली रिंकी दासगुप्ता (निवासी कोलकाता) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कोलकाता की स्थानीय अदालत से इन तीनों का ट्रांजिट रिमांड (transit remand) हासिल किया है और इन्हें लखनऊ लाया जा रहा है।

हवाला के जरिए देश-विदेश में खपाई जा रही थी रकम

इस पूरे रैकेट का सबसे चौंकाने वाला पहलू इनका फाइनेंशियल नेटवर्क है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार की गई महिला आरोपी रिंकी दासगुप्ता इस गिरोह के लिए 'हवाला क्वीन' का काम कर रही थी। अमेरिकी नागरिकों से जो भी रकम साइबर धोखाधड़ी (cyber fraud) के जरिए लूटी जाती थी, उसे रिंकी दासगुप्ता ही भारत और विदेशों में हवाला नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाती थी और आपस में बांटती थी। पकड़े गए मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ का पहले से ही गुजरात के अहमदाबाद में पुराना आपराधिक इतिहास (criminal history) रहा है, जहां उसके खिलाफ साइबर थाने में मामले दर्ज हैं।

आईपैड, आईफोन और नकदी बरामद

कोलकाता में हुई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने इन आरोपियों के पास से ठगी के पैसों से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामानों में एक आईपैड (iPad), दो महंगे एप्पल आईफोन (Apple iPhone) और पांच हजार रुपये की नकदी शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन मोबाइल और आईपैड की फॉरेंसिक जांच से कई और बड़े अंतरराष्ट्रीय इनपुट मिलने की उम्मीद है। इस कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव और अपराध शाखा के उपनिरीक्षक आशुतोष पाण्डेय व असलम खान मुख्य रूप से शामिल रहे।

अन्य प्रमुख खबरें