मथुरा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन: उड़ीसा से आ रहे 1.30 करोड़ के गांजे के साथ पांच तस्कर गिरफ्तार

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश की एएनटीएफ आगरा यूनिट ने मथुरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से लाए जा रहे 251 किलो अवैध गांजे के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की कीमत 1.30 करोड़ रुपये है।
ANTF UP: मथुरा में 251 किलो गांजा बरामद, 5 तस्कर गिरफ्तार | 1.30 करोड़ की खेप पकड़ी

खबर विस्तार : -

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट आगरा ने मुखबिर की सटीक सूचना और उच्चाधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मथुरा जनपद के थाना फरह क्षेत्र के अंतर्गत दक्षिणी बाईपास सर्विस रोड से पांच शातिर तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन बरामद किए गए हैं।

उच्चाधिकारियों के निर्देशन में बिछाया गया था जाल

यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ लखनऊ के कड़े निर्देशों के तहत अंजाम दी गई। एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट आगरा की टीम पिछले काफी समय से इस अंतरराज्यीय गिरोह की गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए थी। पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मथुरा के थाना फरह इलाके में घेराबंदी की और इस शातिर गिरोह के मंसूबों को नाकाम कर दिया। पकड़े गए तस्करों की पहचान जयन्तो हलधर और विधुत हलधर (दोनों निवासी मलकानगिरी, उड़ीसा) के अलावा हरविन्दर कुमार, अभिजीत शर्मा और ललित कुमार (सभी निवासी जनपद अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

उड़ीसा से ट्रक में भरकर लाया जा रहा था प्रतिबंधित गांजा

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे उड़ीसा के विभिन्न इलाकों से भारी मात्रा में अवैध गांजा ट्रक के माध्यम से उत्तर प्रदेश और आसपास के अन्य राज्यों में सप्लाई करने के लिए लाते थे। पुलिस चेकिंग और रास्ते की खुफिया जानकारी से बचने के लिए तस्कर एक नया पैंतरा अपनाते थे। मुख्य गांजे से लदे ट्रक के आगे-आगे एक बलेनो कार चलती थी जो पायलट या एस्कॉर्ट का काम करती थी। कार में बैठे तस्कर आगे का रास्ता साफ होने की सूचना ट्रक चालक को देते थे ताकि वे पुलिस की निगाहों से बच सकें। इस प्रकार लंबी दूरी तय करके वे अवैध माल को अलीगढ़ और उसके आसपास के जनपदों तक सुरक्षित पहुंचाते थे।

फुटकर में बेचकर तस्कर भरते थे अपनी तिजोरी

गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि अलीगढ़ व अन्य ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में पहुंचने के बाद वे ट्रक से गांजे की खेप को छोटी गाड़ियों में ट्रांसफर करते थे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर अलग-अलग पैकेट बनाकर इसे फुटकर दामों में छोटे तस्करों और नशे के आदी लोगों को बेचा जाता था। इस अवैध कारोबार से जो भारी मुनाफा मिलता था, उसे सभी पांचों आरोपी आपस में बराबर बांट लेते थे और अपने महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एक करोड़ तीस लाख रुपये की भारी-भरकम बरामदगी

एएनटीएफ और थाना फरह पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान तस्करों के पास से भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 251 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त 1 अदद ट्रक, 1 अदद बलेनो कार, 5 अदद मोबाइल फोन और 2,040 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में थाना फरह जनपद मथुरा में अभियुक्तों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं (मु0अ0सं0 334/2026 धारा 8/20/29/60) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई पूरी कर दी है, और इस पूरे नेटवर्क की जड़ें खोदने के लिए आगे की तफ्तीश जारी है।

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