पुलिस पर लगे गंभीर आरोप, कैदी की पिटाई से हुई मौत

खबर सार :-

मर्दापुर पश्चिम टोला निवासी 45 साल के विश्वनाथ चौहान की रविवार को जेल में मौत हो गयी। उसे 25 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।
जेल में बंद कैदी की मौत, परिजनों ने की जांच की मांग

खबर विस्तार : -

सीवान: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मर्दापुर पश्चिम टोला निवासी को मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जेल में रहे 45 साल के कैदी विश्वनाथ चौहान की रविवार को मौत हो गयी। उसे 25 दिन पहले मुफस्सिल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उधर, मृतक के परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई। उसके बाद हालत बिगड़ी और मौत हुई। मृतक की पत्नी गायत्री देवी से मिली जानकारी के अनुसार, उसके घर का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान पाटीदारों के साथ विवाद और मारपीट हुई।

22 जुलाई को किया था गिरफ्तार 

मारपीट में दोनो पक्षों के कई लोग घायल हुए थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि मारपीट में विश्वनाथ चौहान को भी काफी चोटें आई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से उनके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी। रिपोर्ट लिखने के बाद मुफस्सिल पुलिस 22 जुलाई को विश्वनाथ चौहान को गिरफ्तार कर ले गई। बाद में पता चला कि इनको जेल भेज दिया। मृतक स्व. रामायण महतो का पुत्र था। गायत्री देवी का आरोप है कि रविवार को अचानक उनके पति की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। बताया गया कि जेल में उनके पति की तबीयत खराब हो गयी है।

जेल में मिलने नहीं देने का आरोप

आननफानन घबराए परिजन जब सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां विश्वनाथ की मौत हो चुकी थी। मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की। उधर जेल प्रशासन का कहना था कि चिकित्सकों के बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम पटना में होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इस मामले में जेल प्रशासन का पक्ष आया। उनकी ओर से बताया गया कि रविवार को विश्वनाथ चौहान को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। यह जानकारी पाकर एंबुलेंस से उसे सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था।

रास्ते में उनकी मौत हो गयी। उधर, परिजनों का कहना है कि जेल में उनके साथ मारपीट की गई थी। उसके बाद उनकी हालत बिगड़ी। पुलिस ने समय पर इलाज नहीं कराया। इसी कारण उनकी मौत हो गयी। परिजनों का कहना है कि जब वह जेल में विश्वनाथ चौहान से मिलने जाते थे तो पुलिस उनकी मुलाकात नहीं करने देती थी। हालांकि, मामले की सच्चाई का अभी सही पता नहीं चल सका है। इधर, सदर अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजन बार-बार जेल में विश्वनाथ चौहान के साथ मारपीट का आरोप लगा रहे थे। मृतक विश्वनाथ चौहान प्लंबर था। इसी से वह परिवार का पेट पालता था। मृतक की पत्नी के अलावा दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं। 

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