पहले पिता को कुल्हाड़ी से काटा, फिर ट्रेन के आगे कूदकर खुद कट गया

खबर सार :-

नोएडा, गढी-चौखंडी गांव के रहने वाले एक नाबालिग ने पहले अपने पिता को कुल्हाड़ी से काट डाला। उसके शव को कमरे में बंद कर सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन चला गया। वहां जैसे ही ट्रेन आई, वह उसके सामने कूद गया।
कुल्हाड़ी से पिता को काट डाला, बाद में मेट्रो के आगे कूद गया

खबर विस्तार : -

नोएडा :  थाना सेक्टर 49 क्षेत्र के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर बुधवार की शाम का एक किशोर ने मेट्रो के आगे कूदकर जान दे दी थी। तमाम प्रयासों के बाद पुलिस को मृतक के बारे में जानकारी हासिल हुई। यह किशोर अमृत शर्मा के नाम से जाना जाता है। इसकी उम्र 16 वर्ष बताई गई। सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर किशोर के सुसाइड मामले को पुलिस सुलझा भी नहीं पाई थी कि इसमें एक नया मामला जुड़ गया। बुधवार की शाम को किशोर मेट्रो ट्रेन के आगे कूदा था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी, तभी पता चला कि अमृत ने पहले अपने पिता राजू शर्मा की हत्या की। इसके बाद मेट्रो के आगे कूदकर आत्महत्या कर लिया। पिता की हत्या में उसने धारदार कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया था। उसके पिता का शव थाना फेस-थ्री क्षेत्र स्थित तिकोना पार्क के एक मकान से बरामद किया गया है।

कमरे से आ रही थी दुर्गंध

इस मामले की कड़ियां तब सुलझीं, जबकि थाना फेस- तीन के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र को किशोर की जानकारी दी गई। उनके अनुसार शुक्रवार को अरुण शर्मा नाम का व्यक्ति थाना पहुंचा। इन्होंने पुलिस को अपने भतीजे अमृत शर्मा की सुसाइड की जानकारी दी। साथ ही अपने भाई अमृत के पिता राजू शर्मा के नदारद होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनका कोई पता नहीं चल रहा है। अरुण ने पुलिस को बताया कि राजू और अमृत गढी-चौखंडी गांव में रहते हैं। उनका घर जगन्नाथ मंदिर के पास है। एक स्वस्थ व्यक्ति के लापता होने और वह भी जबकि उसका 16 साल के बेटे ने सुसाइड कर लिया, पुलिस ने राजू की तलाश शुरू की। इसी दौरान जांच पड़ताल में पता चला कि तिकोना पार्क के गली नंबर-दो स्थित एक मकान के कमरे से दुर्गंध आ रही है। पुलिस उस मकान तक पहुंची तो पता चला कि इसी कमरे में राजू शर्मा और उनका बेटा अमृत रहते थे।

खून से सना पड़ा था राजू का शव

मृतक अमृत के पास से थाना सेक्टर 49 पुलिस को दो मोबाइल फोन और कुछ चाबियां मिली थीं। थाना सेक्टर 49 पुलिस से थाना फेस- थ्री पुलिस ने संपर्क किया। जब दोनों घटनास्थल से संबंधित पुलिस ने एक दूसरे से सवाल किए तो पता चला कि दो मोबाइल फोन में से एक मृतक का था और दूसरा उसके पिता का था। मिली चाबियों की सहायता से कमरे को खोला गया। अंदर देखा तो राजू शर्मा का शव पड़ा था। उनके शरीर पर धारदार हथियार के निशान थे। पास में काफी खून पड़ा था। इस मामले मंे थानाध्यक्ष ने बताया कि कमरे से अमृत के खून से सने कपड़े और घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद हुई हैं। 

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कमरे में बंद करके बाहर जाते थे राजू

पुलिस ने जांच तेज की और फोरेंसिक टीम की मदद ली। मृतक के कपड़ों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। आसपास के लोगों से भी इस वारदात के बारे में पूछताछ की। जैसे-जैसे सवाल उठाए जा रहे थे, नई जानकारियां भी सामने आ रही थीं। इस मामले में पुलिस ने उसके परिवार और आसपास के लोगों से भी सवाल किए। बाद में पता चला कि राजू शर्मा अपने बेटे अमृत को बाहर जाने से मना करते थे। राजू जब बाहर जाते थे, तब बेटे कोे कमरे मे बंद करके जाते थे। अमृत पढ़ने भी नहीं जाता था। उसकी मां और उसके पिता काफी समय से अलग रहते थे। पुलिस का कहना है कि अमृत परेशान और अवसादग्रस्त था।

अपनों की कलह ने बनाए हालात

कुछ लोग अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो जाते हैं। इसके कई अलग-अलग कारण हैं। यह किसी एक वजह से नहीं होता, बल्कि इसमें जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारक प्रभाव डालते हैं। मनोवैज्ञानिक और जीवन की घटनाएं जैसे तनावपूर्ण हालात प्रमुख कारण बनते हैं। नौकरी छूटना, पैसों की तंगी, रिश्ता टूटना, अपने को खोना, गहरा सदमा, अतीत में कोई बुरा अनुभव आदि के कारण तनाव की स्थिति बनती है। इसके शुरुआती उपायों से पीड़ित को सुधारा जा सकता। इसके लिए मनोचिकित्सक आदि की मदद ली जा सकती है। परिवार में कलह से भी ऐसे हालात बन जाते हैं। किशोर मां से दूर रहता था। उधर पति और पत्नी में दूरियां कलह का कारण बनीं और किशोर के अवसाद तक जा पहुंची।

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