नेपाल के रोल्पा जिले में भूस्खलन से मृतकों की संख्या बढ़ी, अब तक 10 की मौत, 3 लोगों की तलाश जारी
खबर सार :-
नेपाल के रोल्पा जिले में भूस्खलन से 10 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस ने जानकारी दी कि 5 शव बाढ़ के पानी में बहकर प्यूथन पहुंच गए। लापता तीन लोगों की तलाश की जा रही है।
खबर विस्तार : -
काठमांडू: नेपाल के रोल्पा जिले की थाबांग ग्रामीण नगरपालिका के उवा कोटलबर में हुए भूस्खलन में अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से पांच शव बरामद किए गए, जबकि पांच अन्य लोग बाढ़ के पानी की तेज लहरों में बहकर प्यूथन पहुंच गए। मरने वालों में 5 साल के बच्चे से लेकर 85 साल के बुज़ुर्ग तक शामिल हैं।
कोटलबर गांव के ऊपरी इलाकों में जबरदस्त भूस्खलन हुआ, जिससे 11 घर मलबे के नीचे दब गए। इसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। तीन लोग अभी भी लापता हैं और तलाशी अभियान जारी है। मलबे में फंसने से दो लोग 22 वर्षीय हिमाल पुन मगर और 25 वर्षीय संजय घर्ती घायल हो गए; इन्हीं लोगों ने रात में घटना की सूचना देने के लिए पुलिस इमरजेंसी नंबर (100) पर कॉल किया था। दोनों का अभी बुटवल में इलाज चल रहा है।
रोल्पा और प्यूथन में पांच और शव बरामद
घटनास्थल से 18 वर्षीय शांति पुन मगर, 60 वर्षीय कमल बहादुर पुन मगर, 80 वर्षीय मनराखी पुन मगर, 75 वर्षीय दल बहादुर पुन मगर और 85 वर्षीय हस्ताकला रोका मगर के शव बरामद किए गए। जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर कृष्ण श्रेष्ठ के अनुसार, रोल्पा में लुंगरी नदी और प्यूथन में माडी नदी के किनारे अलग-अलग जगहों से पांच और शव बरामद किए गए। प्यूथन में मिले शवों की पहचान 38 वर्षीय जून कुमारी पुन मगर, 5 वर्षीय अशोक पुन मगर, 80 वर्षीय बल बहादुर पुन मगर, 66 वर्षीय मणि पुन मगर और 34 वर्षीय महेंद्र घर्ती के तौर पर हुई है। इंस्पेक्टर श्रेष्ठ ने बताया कि नौ घर, एक दुकान, मवेशियों के दो शेड और एक चर्च पूरी तरह से मलबे के नीचे दब गए। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
अन्नपूर्णा मंदिर का आधा हिस्सा और दो पुल बहे
गुरुवार देर रात नेपाल के कास्की जिले के पहाड़ी सीमावर्ती इलाके में मोदी खोला नदी में आई बाढ़ दो पुलों को बहा ले गई। बाढ़ के तेज बहाव में अन्नपूर्णा माता मंदिर परिसर का आधा हिस्सा बह गया है। वहाँ रहने वाले एक भारतीय पुजारी और मंदिर आए दो श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिरेथांती के पास अन्नपूर्णा ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 5 और 6 को जोड़ने वाला एक पुल बाढ़ में बह गया। अन्नपूर्णा मंदिर के निचले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। आर्म्ड पुलिस फोर्स के अनुसार, रस्सी से बचाव कार्य (रोप रेस्क्यू) में प्रशिक्षित चार कर्मियों और सात अन्य सदस्यों की एक टीम मंदिर स्थल पर पहुंची। डीएसपी शैलेंद्र थापा ने बताया कि बचाव अभियान चल रहा है; मंदिर में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
मेची और बीपी हाईवे समेत कई सड़कें बंद
नेपाल के पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़, भूस्खलन और सड़कों के बह जाने से इस शुक्रवार देश भर के कई प्रमुख हाईवे पर यातायात बाधित हुआ है। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मेची हाईवे (इलाम), बीपी हाईवे (काभ्रेपलानचोक), कांति लोकपथ (मकवानपुर) और अरनिको हाईवे (सिंधुपालचोक) पूरी तरह से बंद हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण त्रिशूली-मैलुंग-स्याफ्रुबेसी रूट (रसुवा), पृथ्वी हाईवे (धाडिंग), मिड-हिल हाईवे (लमजुंग और रुकुम पूर्व) और भेरी कॉरिडोर (रुकुम पश्चिम) भी बाधित हैं। भूस्खलन की वजह से हजारों यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। सड़क को फिर से खोलने के लिए बुलडोजर समेत जरूरी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम चल रहा है; हालांकि, लगातार हो रही बारिश इस काम में बाधा डाल रही है।
भूस्खलन, बाढ़ और सड़कों के बह जाने का खतरा
पुलिस के अनुसार, कालीगंडकी कॉरिडोर (बाग्लुंग), बेनी-जोमसोम रूट (मुस्तांग) और मिड-हिल हाईवे (भोजपुर) पर अभी एकतरफा यातायात चल रहा है। अधिकारियों ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित अधिकारियों से सड़कों की ताजा स्थिति के बारे में जानकारी ले लें। उन्होंने चेतावनी दी है कि भूस्खलन, बाढ़ और सड़कों के बह जाने का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों से सावधानी बरतने और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया गया है।
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