बांग्लादेश में तेजी से बढ़ रहे खसरे के मामले, 24 घंटों में 113 नए मरीजों की पुष्टि; 9 बच्चों की मौत

खबर सार :-

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बीमारी से जुड़ी मौतों की संख्या 1,096 हो गई है। कनाडा स्थित GCDG संगठन ने वैक्सीन की कमी को खसरा फैलने का प्रमुख कारण बताया है।
बांग्लादेश में बढ़ रहा खसरे का प्रकोप, 24 घंटों में 9 बच्चों की मौत

खबर विस्तार : -

ढाका: बांग्लादेश में अभी खसरे (मीजल्स) का प्रकोप बहुत ज्यादा है। रविवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों के कारण नौ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही, इस साल खसरे से जुड़ी कन्फर्म और संदिग्ध समेत कुल मौतों की संख्या 1,096 हो गई है। देशभर में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से मरने वाले सभी नौ बच्चों के मामलों को संदिग्ध माना गया है। इन मौतों के साथ, बांग्लादेश में खसरे से संदिग्ध मौतों की संख्या बढ़कर 995 हो गई है, जबकि कन्फर्म मौतों की संख्या 101 पर स्थिर है। इसी दौरान, देश में खसरे के 1,228 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 188,041 हो गई। इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में खसरे के 113 नए कन्फर्म (लैब से वेरिफाइड) मामले दर्ज किए गए, जिससे कन्फर्म मामलों की कुल संख्या 21,212 हो गई। DGHS के अनुसार, 15 मार्च से बांग्लादेश के अस्पतालों में खसरे के संदिग्ध 166,310 मरीज भर्ती हुए हैं; इनमें से 159,519 मरीज बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

टीकाकरण के जरिए बीमारी से रोकथाम संभव

जैसे-जैसे बांग्लादेश में खसरे के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एडवोकेसी ग्रुप ने हाल ही में इस प्रकोप को देश के हालिया इतिहास के सबसे बुरे पब्लिक हेल्थ संकटों में से एक बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीकाकरण के जरिए इस बीमारी को रोका जा सकता है। 

यह भी पढ़ें:-  युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 शुरू: 8 देशों के 3 हजार से ज्यादा एयर वॉरियर्स हो रहे शामिल

रिपोर्ट में सरकार की खामियां उजागर

कनाडा स्थित 'ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस' (GCDG) ने अपनी रिपोर्ट 'प्रिवेंटेबल ट्रेजेडी: बांग्लादेश का 2026 मीजल्स आउटब्रेक' में कहा कि हालांकि जनता को खसरे का यह प्रकोप अचानक लगा, लेकिन 'महामारी विज्ञान के नजरिए' से यह कोई अप्रत्याशित घटना नहीं थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह संकट मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार (2024–2025) के कार्यकाल के दौरान कई वजहों से पैदा हुआ: वैक्सीन की सप्लाई और हेल्थ प्रोग्राम में रुकावटें, रूटीन टीकाकरण का छूट जाना, तय किए गए अतिरिक्त टीकाकरण अभियानों का रद्द होना, वैक्सीन खरीदने में प्रशासनिक देरी, और जोखिम वाले लोगों की समय पर पहचान न कर पाना।

वैक्सीन की कमी के बारे में कई बार दी चेतावनी

GCDG के अनुसार, बांग्लादेश लंबे समय से यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रन्स फंड (UNICEF) की इंटरनेशनल सप्लाई चेन के जरिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से मंजूर वैक्सीन खरीदता रहा था; लेकिन अंतरिम सरकार ने इस सिस्टम को बदलकर 'ओपन-टेंडर' (खुली बोली) के जरिए खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी। UNICEF का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी ने 2024 से 2026 के बीच वैक्सीन की संभावित कमी के बारे में अंतरिम सरकार को पांच-छह औपचारिक पत्रों और लगभग 10 बैठकों के जरिए बार-बार चेतावनी दी थी।

FAQ

1- बांग्लादेश में खसरा फैलने के क्या कारण हैं?

बांग्लादेश में खसरा फैलने का मुख्य कारण साल 2024-2025 के दौरान मीजल्स-रूबेला (MR) वैक्सीन की सप्लाई में रुकावटें और इनकी कमी होना है।

2- खसरे से अब तक बांग्लादेश में कितने मरीज सामने आए?

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, देश में खसरे के 1,228 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 188,041 हो गई। वहीं, इस साल खसरे से जुड़ी कुल मौतों की संख्या 1,096 हो गई है।

3- क्या खसरे से रोकथाम संभव है?

हां, टीकाकरण के जरिये खसरे से रोकथाम संभव है।

यह भी पढ़ें:- मेक्सिको की ओर बढ़ रहा तूफान ‘पोलो’, तटीय इलाकों में तेज हवाओं, बारिश और ऊंची लहरों की चेतावनी

अन्य प्रमुख खबरें