बारिश और भूस्खलन से नेपाल में 10 लोगों की मौत, आवागमन और बिजली आपूर्ति बंद

खबर सार :-

नेपाल में आंधी, बारिश और भूस्खलन से 10 लोगों की मौत हुई है। यहां पर राजमार्गाें के कटने से आवागमन ठप एवं बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई है। अभी तक राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल के बागलुंग जिले में बारिश के बाद भूस्खलन, 10 लोगों की मौत, राहत जारी

खबर विस्तार : -

काठमांडू: नेपाल में एक बार फिर बाढ़ और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। यहां के कई गांव से संपर्क कट गया है। लोगों को राजमार्ग तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद भूस्खलन में 10 लोगों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी दी गई है। आंधी, बारिश और भूस्खलन से बिजली का उत्पादन और वितरण प्रभावित हो गया है। 

कई दिनों से खराब मौसम का सामना कर रहे 

नेपाल के बागलुंग जिले में बारिश के कारण 10 लोगों की मौत से दहशत बनी है। साथ ही भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी मिल रही है। पिछले दो दिनों से नेपाल में बड़े पैमाने पर बारिश हो रही है। इससे जनहानि के अलावा बस्तियों में बाढ़, आवागमन और बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को नौ लोगों के मौत होने की पुष्टि की गई है, जबकि शनिवार को भी एक व्यक्ति मौत हुई थी। अभी तक लापता व्यक्ति की जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि रविवार को तमान खोला गांव में चार लोगों की मौत हुई थी। यहीं एक व्यक्ति लापता भी हुआ था। निशी खोला गांव में पांच लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। तमन खोला में भूस्खलन के कारण 8 लोग बह गए।

नेपाल के चार जिले सड़क संपर्क से कटे

बागलुंग के प्रमुख जिला अधिकारी कृष्ण प्रसाद आचार्य ने मीडिया को जानकारी दी है की सूचना मिलने के कारण क्षति को रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकाला जा रहा है, जबकि बचाव कार्य में नेपाल की सेना के हेलीकॉप्टर के साथ सहयोगियों को लगाया गया है। बारिश से नेपाल के चार जिलों का संपर्क भी कट गया है। यहां पर लोगों के लिए बनाए गए राजमार्ग पूरी तरह से कट कर बह गए हैं।

बागलुंग, म्याग्दी, मुस्तांग और मनांग जिले पूरी तरह से नेटवर्क से कट गए हैं। उनके क्षेत्रों में जाने के लिए रास्ते नहीं हैं। काफी दूर-दूर से होकर संपर्क मार्ग से जाया जा रहा है। यह स्थिति बुधवार से लगातार हो रही है। बारिश का सामना कर रहे जिलों में इन चार में ज्यादा प्रभाव पड़ा है। प्रदेश की राजधानी पोखरा से जोड़ने वाला सिद्धार्थ राजमार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

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40 स्थानों पर राजमार्ग समेत सड़क अवरुद्ध

कालीगंडकी नदी में काफी पानी है। बाढ़ के कारण करीब 100 मीटर की सड़क सिद्धार्थ राजमार्ग कुसमा मालढुंगा खंड के पास गई है। सहस्त्र धारा के पास का संपर्क मार्ग भी लापता हो गया है। मालढुंगा पूल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। बागलुंग और पर्वत के बीच बनी सड़क भी नष्ट हो चुकी है। इसी तरह यहां पर बनी जोमसोम, कुरला सड़क खंड भूस्खलन के कारण बंद है। पहाड़ी राजमार्ग के हिस्से बाढ़ के कारण बाह गए हैं। यहां पर बागलुंग में मध्य पहाड़ी राजमार्ग कट चुका है।

सड़क डिवीजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हरिप्रसाद सूबेदी का कहना है कि टीम मौके पर अभी नहीं पहुंच सकी है। कारण है कि भूस्खलन के कारण संपर्क मार्ग राजमार्ग कट चुके हैं। उन्होंने बताया कि करीब 5 से 7 स्थान पर सड़क बहे हैं। रविवार शाम से एक तरफा यातायात शुरू कर दिया गया था। सड़क परिवहन विभाग के अनुसार, 40 स्थानों पर सड़क अवरुद्ध है। मौसम साफ होने पर मलबा हटाया जाएगा। कई सड़कों पर पत्थर आ गया है। इसको हटाने के उपाय किए जा रहे हैं 

बडे़ स्तर पर बिजली व्यवस्था प्रभावित

ज्यादातर स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिसमें काली गंडकी कॉरिडोर की मलढुंगा, बेनी, जोमसोम, कोरला खंड के 40 स्थान प्रभावित हैं। जहां संभव है, वहां पर अवरोध को हटाकर सड़क संपर्क बहाल करने की कोशिश की जा रही है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश, तेज हवाओं और बाढ़-भूस्खलन के कारण पश्चिमी हिस्से में ऊर्जा संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे गंडकी, लुंबिनी और कर्णाली प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। बताया जा रहा है कि नेपाल की बिजली वितरण लाइनों को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण बिजली उत्पादन बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है।

वर्तमान में कई परियोजनाओं में संभावित नुकसान को रोकने के उपाय किए गए हैं। स्थिति सामान्य होने पर ही परियोजनाओं को फिर से संचालन में लाया जाएगा। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के प्रवक्ता राजन ढकाल की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि कालीगंडकी कॉरिडोर की 220 केवी प्रसारण लाइन के तहत म्याग्दी के दाना से पर्वत के कुशमा तक के खंड में टावर नंबर 21 और 22 क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे विभाग को बड़ा नुकसान भी हुआ है, जबकि सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

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