अनूपपुरः बप्पा की विदाई में छलक पड़े आंसू, बारिश में भी कम नहीं पड़ा उत्साह

खबर सार :-

कहीं तेज हवा चल रही थी, तो कहीं पर बारिश हो रही थी, लेकिन किसी के पांव रूके नहीं। यह अवसर गणपति के विसर्जन का था। अनूपपुर में लोग बप्पा की विदाई करते समय रो पड़े।
अनूपपुरः बारिश के बीच गणपति बप्पा की विदाई, अगले बरस के लिए दिया न्योता

खबर विस्तार : -

अनूपपुर/ ग्वालियर:  आज अनूपपुर में गणेशोत्सव के बाद गणपति बप्पा की विदाई के दौरान लोगों के आंसू निकल आए। बप्पा को विदाई करते समय उनसे गले मिले और अगले साल बुलाने के लिए न्योता देने का वादा भी किया। कभी रिमझिम बारिश तो कभी तेज हवा और इस मौसम में भी अनूपपुर के श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं रहा। अटूट आस्था और विश्वास के साथ अपनी श्रद्धा भक्ति दिखाते हुए लोग गणपति को लेकर विसर्जन के लिए निकल पड़े। इस दौरान खराब मौसम ने उनको रोकने की कोशिश की, लेकिन गणपति के साथ रोक नहीं पाए।

पर्यावरण के लिहाज से अस्थाई कुंड कई जगह बनाए गए

कहीं तेज हवा चल रही थी, तो कहीं पर बारिश हो रही थी, गणपति के विसर्जन के लिए निकले अनूपपुर में लोग बप्पा की विदाई करते समय रो पड़े। साथ में वह जयकारे भी लगा रहे थे, अगले बरस तू जल्दी आ। जिले में पिछले 10 दिनों से प्रथम पूज्य देव गणपति की पूजा अर्चना अनंत चतुर्दशी के मौके पर सम्पन्न हुई। दोपहर से देर रात तक झमाझम बारिश के बीच प्रतिमाओं का विसर्जित जारी रहा। इस बार अनूपपुर जिले में पर्यावरण के लिहाज से अस्थाई कुंड कई जगह बनाए गए थे। लोग इन में ही विसर्जन के लिए बप्पा को लेकर गए।

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परमिशन प्राप्त भारी वाहनों की अनुमति भी निरस्त की 

पूजा पंडालों से लेकर कुंड तक पहुंचने वाले सभी मार्ग गणपति अपने धाम चले..,गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के मर्म गीतों से गूंज रहे थे। एक ओर विसर्जन के लिए यात्राएं निकल रही थीं, वहीं दूसरे मार्ग से लोगों की आवागमन की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन के लिए सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन बनाए रखना चुनौती पूर्ण कार्य था।  अनूपपुर  में 226 स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। गुरुवार शाम को कुछ स्थानों पर प्रतिमाएं विसर्जित की गई। आज जिलेभर में बने कुंडों में 217 प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायवर्जन भी लागू किया गया था। 

जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि गणेश विसर्जन के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए सभी प्रकार के परमिशन प्राप्त भारी वाहनों की अनुमति भी निरस्त की दी गई है। शहर के यातायात वाले मार्गों पर एंबुलेंस और दमकल को छूट दी गई। प्रशासन की ओर से कुंड के पास क्रेन, गोताखोर अतिरिक्त पुलिस की व्यवस्था की गई थी। साथ ही रात्रि तक विसर्जन कराए जाने के कारण रोशनी के भी इंतजाम किए गए। 

ग्वालियर में गतिशील वाहनों में कराया जाता है विसर्जन

दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गणेश उत्सव के दौरान घरों में एवं सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन कराया गया। यहां पर गतिशील वाहनों में गंगाजलयुक्त जल की टंकियां स्थापित कर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाता है। इस मौके पर जिला प्रशासन, नगर निगम एवं वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थानों की ओर से 25 वाहनों की व्यवस्था की गई है। 

शहर में गणपति के विसर्जन की तैयारियां तेज हैं। इनके विसर्जन के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान के प्रमुख भूपेन्द्र जैन, अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार, प्रदीप तोमर सहित विभागीय अधिकारियों ने भी खूब सहयोग किया। विसर्जन यात्रा शुरू होने के समय यह लोग मौजूद थे। यहां की परंपरा और व्यवस्था के तहत शहरभर की गणेश प्रतिमाओं का श्रद्धा पूर्वक विसर्जन किया जा रहा है। निगम का अमला भी इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान कर रहा है। हर साल विभाग की ओर से पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से ऐसे ही वाहनों में पवित्र जल लाया जाता है। उनमें प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। इसबार अनूपपुर और ग्वालियर में उत्साह चरम पर देखा गया।

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