Lucknow double Murder suicide Case : हनुमान चालीसा और मौत, वारदात के बाद घर लौटकर मानस ने जो किया, उसने सबको झकझोर दिया

खबर सार :-

लखनऊ में बैंक कर्मी द्वारा पत्नी और बहन की हत्या के बाद खुदकुशी का मामला। जानिए कैसे एक वायरल व्हाट्सएप स्टेटस ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे के गहरे मानसिक तनाव को उजागर किया।
Lucknow double Murder suicide Case : साजिश, स्टेटस और खामोश होती जिंदगियां

खबर विस्तार : -

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर (Gomti Nagar) में घटी एक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ तीन मौतों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि उस गहरे मानसिक अवसाद और पारिवारिक कलह की कहानी है, जो लंबे समय से किसी घर की चहारदीवारी में पनप रही थी। एक बैंक कर्मचारी मानस बाजपेई (Manas Bajpai) का खौफनाक कदम न केवल एक परिवार को उजाड़ गया, बल्कि यह सवाल भी छोड़ गया कि क्या अपनों के बीच बढ़ते फासले किसी को भी इतने भयानक निर्णय तक ले जा सकते हैं?

Lucknow double Murder suicide Case

साजिश का डिजिटल सबूत: वह 'वायरल स्टेटस'

इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू कोई हथियार या गोलियां नहीं, बल्कि मानस का एक 'व्हाट्सएप स्टेटस' था। वारदात के दौरान जिस बेबाकी से उसने अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा (Divya Mishra) पर 'धोखा' देने का आरोप लगाया और अपनी बहन की हत्या तथा खुदकुशी की पटकथा लिखी, वह किसी रची-बची साजिश का हिस्सा लगती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस स्टेटस ने उन कयासों को हवा दे दी है जो अब पुलिस जांच का हिस्सा हैं। मानस ने स्पष्ट लिखा था कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और भरत यादव इस पूरे घटनाक्रम से अवगत थे। यह डिजिटल कबूलनामा अब जांच एजेंसियों के लिए मुख्य सूत्र बन गया है।

हत्याओं का खौफनाक सिलसिला

घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई। मानस ने योजनाबद्ध तरीके से अपनी पत्नी को बैंक के बाहर बुलाया। वहां, चंद मिनटों की बातचीत के बाद उसने दिव्या को मौत के घाट उतार दिया। बैंक के बाहर हुई इस फायरिंग ने इलाके में दहशत फैला दी। इसके बाद, जो हुआ वह और भी भयावह था। पुलिस जांच में सामने आया है कि मानस सीधे अपने घर पहुंचा, वहां अपनी सगी बहन विभा वाजपेयी की जान ली और फिर खुद को भी गोली मार ली। चश्मदीदों की मानें तो घर लौटने के बाद मानस मानसिक रूप से बेहद अस्थिर था, उसने घर में हनुमान चालीसा चलाई, मानो वह किसी अंत की तैयारी में था।

कानून और निजी जीवन का टकराव

दिव्या मिश्रा, जो स्वयं एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थीं, पिछले एक साल से मानस से अलग रह रही थीं और उन्होंने तलाक के लिए अर्जी भी दायर की थी। क्या यह तलाक की प्रक्रिया, बढ़ती दूरियां और आपसी अविश्वास ही इस हत्याकांड की जड़ थी? पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या यह अचानक आया कोई आवेग था या सोची-समझी रंजिश। मानस के व्हाट्सएप स्टेटस में लगाए गए आरोपों की सच्चाई अभी भी एक रहस्य है।

दहला देने वाली खामोशी

गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में थाने के पास ही हुई इस डबल मर्डर-सुसाइड (Lucknow double Murder suicide Case) की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घर से बरामद हुए तीन हथियार यह बताने के लिए काफी हैं कि तैयारी पूरी थी। फिलहाल, फॉरेंसिक टीम और पुलिस मामले के हर डिजिटल और भौतिक साक्ष्य को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि इस खौफनाक घटना के पीछे के असली मकसद को समझा जा सके। शहर अब भी उस खामोशी से डरा हुआ है जो इस ट्रिपल मर्डर के बाद पीछे छूट गई है।

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