छत्तीसगढ़ पुलिस ने जब्त किया 440 किलो गांजा, मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर UP ले जा रहे दो तस्कर गिरफ्तार

खबर सार :-

छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत 440.63 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। गांजा को मिर्ची की बोरियों के नीचे छिपाकर यूपी ले जाया जा रहा था।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने UP जा रहे ट्रक से पकड़ा 440 किलो गांजा, दो गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

जशपुर: ड्रग तस्करी के खिलाफ शुरू किए गए 'ऑपरेशन आघात' के तहत, छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने 440.63 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। यह गांजा ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था और इसे मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत ₹2,20,31,500 है। तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए लगभग ₹20 लाख कीमत के टाटा आइशर मिनी-ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। इस तरह, जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत ₹2,40,31,500 हो जाती है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान 28 वर्षीय मोहम्मद वसीम और 34 वर्षीय मोहम्मद आसिफ के तौर पर हुई है; दोनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के धूमनगंज पुलिस स्टेशन इलाके के मुंडेरा गांव के रहने वाले हैं।

जशपुर में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहा अभियान

जशपुर DIG और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व और एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) राकेश कुमार पटानवार के मार्गदर्शन में जिले में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, जशपुर पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स यूनिट और टपकरा पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम शुक्रवार सुबह करीब 9:00 बजे लवाकेरा पुलिस चेकपोस्ट पर गाड़ियों की जांच कर रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर ओडिशा से एक गाड़ी में गांजा लेकर जशपुर जिले में घुसने वाले हैं। इस जानकारी के बाद, लवाकेरा चेकपोस्ट पर ओडिशा से आने वाली संदिग्ध गाड़ियों की जांच तेज कर दी गई। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने शक के आधार पर ओडिशा की तरफ से आ रहे एक टाटा आइशर मिनी-ट्रक को रोका। 

मिर्च के बोरों में मिले 440 किलो के 440 पैकेट गांजा

पूछताछ करने पर, उसमें सवार दो लोगों ने अपनी पहचान मोहम्मद वसीम और मोहम्मद आसिफ के तौर पर बताई। जब पुलिस ने ट्रक में लदे सामान के बारे में पूछा, तो दोनों ने बताया कि इसमें मिर्च की बोरियां हैं जिन्हें ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। शक होने पर पुलिस ने ट्रक में लदे सामान की बारीकी से तलाशी ली। ऊपर मिर्च से भरे बोरे रखे थे, लेकिन उन्हें हटाने पर नीचे और बोरे मिले जिनमें टेप से लिपटे कई पैकेट थे। इन पैकेटों को खोलने पर उनमें गांजा मिला। पुलिस के अनुसार, 14 बोरों से कुल 440 पैकेट गांजा बरामद किया गया, जिसका कुल वजन 440.63 किलोग्राम था।

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गांजा बेचने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी पुलिस

आरोपियों से गांजे के लिए वैध दस्तावेज दिखाने को कहा गया, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। इसके बाद पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल ट्रक जब्त कर लिया और दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ तपकारा पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच चल रही है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ से पता चला कि आरोपी ओडिशा के बौध इलाके से प्रयागराज गांजा ले जा रहे थे। पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिससे गांजा खरीदा गया था और उत्तर प्रदेश में उसे किसे सौंपा जाना था।

तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच

पुलिस इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान शामिल पाए जाने वाले किसी भी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2026 से, जशपुर पुलिस ने तस्करी के 16 मामलों में लगभग 1,906 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग ₹8 करोड़ है। इन मामलों के सिलसिले में बाईस तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और तस्करी में इस्तेमाल 17 कारें और एक पिकअप वाहन जब्त किए गए हैं। 

पूरे नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही पुलिस

इस ऑपरेशन में तपकारा स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) त्रिलोक प्रधान, इंस्पेक्टर संदीप कौशिक, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर संतोष चौरसिया और कॉन्स्टेबल शिवकुमार और विनोद तिर्की ने एंटी-नारकोटिक्स टीम और तपकारा पुलिस स्टेशन के कर्मियों के साथ अहम भूमिका निभाई। DIG और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन आघात' के तहत एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने बताया कि लवाकेरा चेकपॉइंट पर पुलिस की सतर्कता और बेहतर तालमेल की वजह से 440.63 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसे मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर तस्करी किया जा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही है। गांजे का स्रोत, इसमें शामिल लोग और उत्तर प्रदेश में इसे पाने वाले व्यक्ति जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जशपुर पुलिस का 'ऑपरेशन आघात' बिना रुके जारी रहेगा।

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