लखनऊ में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, चार अलग-अलग स्थानों से 06 अवैध SIM Box और भारी उपकरण ज़ब्त

खबर सार :-

लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार स्थानों से 06 अवैध SIM Box और अन्य उपकरण बरामद किए। जानिए पूरी खबर।
लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले 06 अवैध SIM Box बरामद

खबर विस्तार : -

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीमों ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित SIM Box का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 06 अवैध SIM Box बरामद किए हैं। इन उपकरणों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा अवैध गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अवैध नेटवर्क का खुलासा होना साइबर सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चार प्रमुख स्थानों पर हुई छापेमारी

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने 31 अक्टूबर 2026 को शहर के चार संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जिन स्थानों पर यह कार्रवाई की गई, उनमें सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र का स्वाति अपार्टमेंट, पारा थाना क्षेत्र के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी थाना क्षेत्र का गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट थाना क्षेत्र के आदर्श नगर स्थित जीजे पैराडाइज शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर सुनियोजित तरीके से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जिन्हें पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चिन्हित किया था।

बरामद उपकरणों और तकनीकी सामग्री का विवरण

छापेमारी के दौरान पुलिस टीमों ने मौके से भारी मात्रा में तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक सामान ज़ब्त किया है। बरामदगी के मुख्य विवरण में 06 अवैध 32-पोर्ट SIM Box, 03 VPN Gateway, 21 Smart Switch, 03 Smart Hub, 04 इनवर्टर या UPS और 18 बैटरियां शामिल हैं। इसके अलावा मौके से विभिन्न प्रकार के Wi-Fi एवं नेटवर्क राउटर, कैमरे, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, 01 लॉक टैबलेट और कुल 192 सिम स्लॉट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में उपकरण मिलने से इस नेटवर्क के बड़े पैमाने पर सक्रिय होने की पुष्टि होती है।

डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी में होता है इस्तेमाल

इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए साइबर क्राइम की नोडल ऑफिसर एवं अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव ने बताया कि बरामद किए गए अवैध SIM Box ऐसे उपकरण हैं जिनमें एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इनका मुख्य दुरुपयोग इंटरनेट आधारित कॉलिंग को विभिन्न मोबाइल सिम के माध्यम से संचालित करने में किया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में अपराधी खुद को पुलिस या अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इस प्रकार की अवैध कॉलिंग व्यवस्था के जरिए अपराधी कॉलों का वास्तविक स्रोत छिपाते हैं और पीड़ितों पर लगातार दबाव बनाते हैं।

तकनीकी विश्लेषण और आगे की कानूनी कार्रवाई

साइबर थाना, लखनऊ में इस संबंध में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए सभी डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विस्तृत तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि इनसे जुड़े कॉलिंग पैटर्न, वास्तविक उपयोग और संबंधित सिम कार्डों की जानकारी मिल सके। इस नेटवर्क के पीछे सक्रिय अन्य व्यक्तियों के साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ पुलिस साइबर अपराध के विरुद्ध पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है, और इस रैकेट से जुड़े हर एक संदिग्ध की गहनता से जांच की जा रही है। वर्तमान समय में देश भर में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। अपराधी अक्सर तकनीकी माध्यमों का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपाते हैं और विदेशी या वीओआइपी कॉल को स्थानीय नंबरों में बदलकर भोले-भाले नागरिकों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे मामलों में अवैध SIM Box और वीपीएन गेटवे का उपयोग मुख्य रूप से कॉल रूटिंग और सर्विलांस से बचने के लिए किया जाता है।

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