बरपेटा में एक साथ जलीं परिवार की चार चिताएं, ‘पापा-पापा, मम्मा-मम्मा’ की पुकार से दहला हर दिल

खबर सार :-

पापा-पापा, मम्मा-मम्मा’ कह कर चीख-पुकार कर रहे बच्चों पर भला किसे दया नहीं आ जाएगी। करुणा का सागर यही दिल होता है। जब किसी की पुकार मासूम के रूप में हो दो आंखों से दरिया बह चलती है। यही हाल दो मासूम बच्चों के रोने और उनकी पुकार के समय लोगों का था।
बरपेटा में जमीन पर शवों से लिपटे थे बच्चे, पुकार रहे थे पापा-पापा, मम्मा-मम्मा

खबर विस्तार : -

बरपेटा (असम), एक साथ चार चिताओं की लपटें और वह भी किसी के अपनों की थी। इस दृश्य को देखने वालों की आंखें नम थी। चुपके-चुपके कई रो भी रहे थे। इनके बीच जोर जोर से रोने चीखने और पुकारने की आवाज आ रही थी। ऐसी पुकार मानों दयाकर जमीन फट जाएगी। दरअसल, यह वाकिया असम के बरपेटा का है।

यहां मंगलवार की देर रात को ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखा गया। जो लोग वहां मौजूद रहे, उनकी आंखें नम कर दीं। इसका कारण बना गुवाहाटी के बोरा सर्विस स्थित होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी। इस वारदात में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद जब उनके शव घर पहुंचे, तो पूरा इलाका शोक में डूब गया। परिजनों की चीख-पुकार और बच्चों की करुण पुकार से कोहराम मच गया। ऐसा कोहराम शायद ही सुना गया हो।

ये भी पढ़ेंः राजस्थान में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर, 29-30 अक्टूबर को 24 शहरों में आंधी-बारिश का अलर्ट

बेटी मात्र आठ साल की, डेढ़ वर्ष का है बेटा 

इस घटना में जान गंवाने वालों में होटल की स्वामिनी हेलेना भराली, उनके बड़े भाई भूदेव भराली, बेटे देवर्षि कश्यप और बहू रिनिका कश्यप थे। हादसे के बाद इन शवों का गुवाहाटी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जीएमसीएच) में पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में चारों के शव बरपेटा स्थित उनके आवास पर लाए गए। घर से फिर बरपेटा के मुक्तिधाम श्मशान घाट ले जाकर एक साथ चार चिताएं जलाई गईं। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू देवर्षि और रिनिका के दो मासूम बच्चे बने।

यह बच्चे अब बिन मां-बाप के हो गए। जब यह अपने आप को अनाथ समझेंगे, तब भी रोएंगे। इनकी बेटी मात्र आठ साल की और महज डेढ़ वर्ष का बेटा है। इनके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। बेटा तो छोटा और ना समझ है, लेकिन बेटी समझ सकती है। अपने माता-पिता के निर्जीव शरीर के पास बच्चों की ‘पापा-पापा, मम्मा-मम्मा’ की पुकार ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर दिया। वहां पर मौजूद हर कोई रो पड़ा। सैकड़ों लोग जमा एकत्रित थे। वह कोई भी रहा, हर कोई रोने लगा।  जिस घर में कभी खुशियां गूंजती थीं, वहां अब अपनों को खोने का असहनीय दर्द था।

जमीन को लेकर हुई थी रात में गोलीबारी

बताया जा रहा है कि गुवाहाटी के होटल बिलास इन में 26 अक्टूबर की रात का यह मामला है। रात में ही होटल के पट्टे और प्रबंधन को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में घनकांत गोगोई पर गोलीबारी का आरोप है। इस घटना में नारायण दास नामक एक अन्य रिश्तेदार की भी मौत की जानकारी दी गई है। बरपेटा में एक ओर शोक तो दूसरी ओर आक्रोश भी है। पुलिस प्रशासन से मिलकर स्थानीय लोगों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। यह घटना और चार चिताओं की लपटों के साथ एक परिवार की खुशियां भी राख हो गईं। 

ये भी पढ़ेंः मध्य प्रदेश में दशहरा उत्सव पर बाधा डाल सकती है बारिश, 25 जिलों में आज आंधी-तूफान का अलर्ट

अन्य प्रमुख खबरें