पुलिस स्मृति दिवस: तिग्मांशु धूलिया निर्देशित लघु फिल्म 'वर्दी' रिलीज, शहीद सुनील कुमार के अदम्य साहस को सलाम

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर अमर शहीदों के सम्मान में विशेष लघु फिल्म ‘वर्दी’ रिलीज की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की लघु फिल्म 'वर्दी' रिलीज, शहीद सुनील कुमार को श्रद्धांजलि

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले अमर जवानों की स्मृति में एक विशेष पहल की है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आज राज्य पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘वर्दी’ शीर्षक से बनी लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। इस दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य उन वीरों के त्याग को रेखांकित करना है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। फिल्म के माध्यम से महकमे के उन जांबाज कर्मियों को याद किया गया है, जिनका योगदान भारतीय पुलिस इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।

शहीदों के परिजनों के मौन संघर्ष की कहानी

यह लघु फिल्म केवल एक मुठभेड़ की दास्तान नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों के आंतरिक खालीपन को पर्दे पर उतारती है जिन्होंने अपने घर के चिराग को खो दिया है। कहानी के केंद्र में शहीदों के आश्रितों का वह मौन इंतजार है जहाँ गर्व की अनुभूति के साथ प्रियजन की अनुपस्थिति का टीस भरा अहसास भी जुड़ा रहता है। फिल्म का निर्माण इस तरह किया गया है कि दर्शक वर्दी के पीछे छिपे मानवीय पक्षों और परिवारों के त्याग को गहराई से महसूस कर सकें। पुलिस महकमे के अनुसार, यह प्रस्तुति समाज को यह याद दिलाने का प्रयास है कि एक पुलिसकर्मी की शहादत के पीछे उसके पूरे परिवार का कितना बड़ा बलिदान होता है।

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जाने-माने कलाकारों का सशक्त अभिनय

इस वैचारिक पहल को परवान चढ़ाने के लिए भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित फिल्मकारों और कलाकारों ने अपनी कला का योगदान दिया है। फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने इसका निर्देशन किया है, जो अपनी यथार्थवादी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अमित साध, वरिष्ठ अभिनेत्री अलका अमीन और नाज़िश खान ने अपनी अभिनय क्षमता से किरदारों में जान फूंक दी है। मुंबई में फिल्माए गए इस प्रोजेक्ट की पटकथा और वॉइस ओवर उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर में तैनात आरक्षी कपिल दिनकर ने तैयार किया है, जबकि पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव ने इसका क्रिएटिव निर्देशन संभाला है।

एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार के शौर्य को नमन

इस पूरी परियोजना की प्रेरणा उत्तर प्रदेश एसटीएफ के वीर शहीद निरीक्षक सुनील कुमार का वह साहसिक अभियान है जिसने खाकी की शान को और ऊंचा किया। गत वर्ष 20-21 जनवरी की मध्यरात्रि को शामली जिले में कुख्यात मुकीम काला गैंग के साथ हुई मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने टीम का नेतृत्व नहीं छोड़ा और उनकी अगुवाई में पुलिस ने एक लाख के इनामी बदमाश समेत चार अपराधियों को ढेर कर दिया था। लंबी चिकित्सा के बाद अंततः वे 22 जनवरी 2026 को वीरगति को प्राप्त हुए, जिन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।

जन-जन तक पहुंचेगी कर्तव्यनिष्ठा की गाथा

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहयोग से तैयार की गई इस लघु फिल्म को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में बनी इस फिल्म का उद्देश्य नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करना और आम जनता के बीच पुलिस बल के समर्पण भाव को पहुंचाना है। अधिकारियों का मानना है कि दृश्य माध्यमों के जरिए जब सच्ची वीरता की कहानियां सामने आती हैं, तो उनका प्रभाव अधिक गहरा होता है। यह फिल्म प्रदेश के सभी जिलों में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर उपलब्ध कराई गई है ताकि हर नागरिक इन वीरों के योगदान से परिचित हो सके। पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान देश और समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस बल अपनी गौरवशाली परंपरा और उत्कृष्ट वीरता के लिए जाना जाता है। समय-समय पर महकमे द्वारा ऐसे जागरूकता अभियानों और कलात्मक माध्यमों का उपयोग किया जाता रहा है ताकि पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम हो और बल के भीतर अनुशासन व प्रेरणा का संचार बना रहे। इस कड़ी में 'वर्दी' फिल्म को एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

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