Meta Suicidal Alert Lucknow : इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का लाइव वीडियो अपलोड करने वाले युवक को लखनऊ पुलिस ने चंद मिनटों में सुरक्षित बचाया

खबर सार :-

लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में पारिवारिक कलश से परेशान एक युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट किया था। मेटा के अलर्ट और पुलिस मुख्यालय के त्वरित निर्देशों के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने मात्र 10 मिनट में मौके पर पहुंचकर उसकी जान बचा ली।
लखनऊ पुलिस ने मेटा अलर्ट पर मात्र 10 मिनट में बचाई युवक की जान

खबर विस्तार : -

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में एक गंभीर पारिवारिक विवाद के चलते मानसिक तनाव से गुजर रहे 26 वर्षीय डिलीवरी बॉय ने सोशल मीडिया पर आत्मघाती कदम उठाने की घोषणा कर दी थी। पत्नी और ससुराल पक्ष से चल रहे मनमुटाव के कारण उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कही थी। सोशल मीडिया कंपनी मेटा की तरफ से इस आपातकालीन स्थिति का संज्ञान लेते हुए डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को तुरंत ई-मेल के जरिए अलर्ट भेजा गया।

तकनीकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई

मेटा द्वारा प्रेषित किए गए इस गंभीर अलर्ट को मुख्यालय के अधिकारियों ने अत्यंत प्राथमिकता दी। पुलिस महानिदेशक के स्पष्ट निर्देशों के तहत सोशल मीडिया सेंटर की तकनीकी टीम ने बिना कोई समय गंवाए संबंधित मोबाइल नंबर के आधार पर पीड़ित युवक की वास्तविक लोकेशन को ट्रेस कर लिया। इसके तुरंत बाद कमिश्नरेट लखनऊ के नियंत्रण कक्ष को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई ताकि बिना किसी विलंब के मदद पहुंचाई जा सके।

मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर थाना सआदतगंज की पुलिस टीम ने असाधारण तत्परता का परिचय दिया। उप निरीक्षक योगेन्द्र कुमार, आरक्षी आशीष पाल और आरक्षी अवनीश कुमार की टीम महज 10 मिनट के भीतर उस स्थान पर जा पहुंची जहां युवक मौजूद था। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले युवक के परिजनों को पूरी स्थिति से अवगत कराया और उन्हें साथ लेकर घटनास्थल तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की।

नदी किनारे खड़े युवक को सुरक्षित निकाला

जब पुलिस टीम निर्धारित स्थल पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि वह युवक एक पुल के किनारे खड़ा था और उसका ध्यान नीचे बह रही नदी की ओर था। वह फूट-फूटकर रो रहा था और कुछ बुदबुदा रहा था, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि वह नदी में छलांग लगाने का मन बना चुका था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना एक पल गंवाए उसे सुरक्षित दूरी पर खींचा और खतरे के दायरे से दूर ले गए।

काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा गया

सुरक्षित स्थान पर लाने के बाद पुलिस बल ने युवक को ढांढस बंधाया और उसकी मनोस्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है और वैवाहिक विवादों के कारण भयंकर अवसाद में डूब गया था। पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई सकारात्मक काउंसलिंग के बाद युवक ने पूरी तरह संयम बरतने और भविष्य में कभी ऐसा कदम न उठाने का वचन दिया।

परिजनों ने की उत्तर प्रदेश पुलिस की सराहना

इस पूरे घटनाक्रम के सुखद अंत के बाद युवक के परिवारजनों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने पुलिस बल की इस त्वरित कार्रवाई, मानवीय संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त किया है। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर न पहुंचती तो एक बड़ा अनर्थ हो जाता।

बचाई जा चुकी है कुल 4071 लोगों की जिंदगियां

यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से चल रही एक विशेष तकनीकी साझेदारी का हिस्सा है। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई भी नागरिक फेसबुक या इंस्टाग्राम पर खुद को नुकसान पहुँचाने से जुड़ी कोई सामग्री साझा करता है, तो मेटा तत्काल ई-मेल और फोन के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस को सतर्क करता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रभावी पहल के तहत 1 जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 4071 लोगों कीमती जिंदगियों को बचाया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि इस डिजिटल सुरक्षा पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रतिष्ठित SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी नवाजा जा चुका है।

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