लखनऊ में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और फर्जी सोशल मीडिया आईडी से ब्लैकमेल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

खबर सार :-

सआदतगंज पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर महिला से शारीरिक संबंध बनाने और फर्जी सोशल मीडिया आईडी के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोपी मो. सालिम को चारबाग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है।
शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग का आरोपी लखनऊ से गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

लखनऊ: तीसरे महीने की तीन तारीख को लखनऊ के पश्चिमी जोन स्थित सआदतगंज थाने में एक महिला ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। वादिनी ने आरोप लगाया था कि मो. सालिम ने उससे विवाह करने का झूठा आश्वासन दिया और इसी का फायदा उठाकर शारीरिक संबंध स्थापित किए। इसके बाद आरोपी ने महिला के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट तैयार किए और उनके माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेजकर उसे बदनाम तथा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया था। सआदतगंज थाने की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। गत तेरह अक्टूबर की रात लगभग साढ़े आठ बजे पुलिस ने वांछित अभियुक्त मो. सालिम को चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे थाने लाया गया जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

कानूनी धाराएं और आरोपी की पहचान

पकड़े गए अभियुक्त की पहचान मो. सालिम पुत्र मो. सुल्तान अहमद के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग उनतीस वर्ष है और वह अमीनाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत मौलवीगंज, करीम कबाब के पास का रहने वाला है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 और 351(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया था।

गठित पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे अभियान को सफल बनाने वाली पुलिस टीम में अतिरिक्त निरीक्षक अशोक कुमार सोनकर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक परविन्द कुमार सरोज, कांस्टेबल कार्तिकेय सिंह, आशीष कुमार पाल, विनोद कुमार तथा महिला कांस्टेबल डिम्पल और जागृति दुबे शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संकलित साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है ताकि न्यायालय में मजबूत पक्ष रखा जा सके। साइबर अपराध और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में पुलिस लगातार सतर्कता बरत रही है। फर्जी प्रोफाइल बनाकर किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और डिजिटल माध्यमों से ब्लैकमेल करना गंभीर कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके तहत आईटी एक्ट और नए आपराधिक कानूनों में कड़े प्रावधान किए गए हैं।

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