मध्य प्रदेश के Gwalior में शीतला माता मंदिर के पास ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा, 14 लोगों की मौत

खबर सार :-

ग्वालियर, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास बीती रात एक अनियंत्रित ट्रक कई लोगों को कुचलता चला गया। इसमें करीब 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हैं। इनमें सात की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हादसा करीब 1ः30 बजे छिनोर की तरफ से आने वाली दिशा पर हुआ है।
Gwalior में मौत बनकर दौड़ा ट्रक, मंदिर जा रहे 14 श्रद्धालुओं को कुचला, 29 injured

खबर विस्तार : -

ग्वालियर, शहर के एसएसपी धर्मवीर सिंह की ओर से जानकारी दी गई है कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर जा रहे थे। छिनोर की ओर सड़क पर ढलान है। इस पर भारी वाहनों पर रोक है, लेकिन धान से लदा एक ट्रक यहां से निकलने के चक्कर में पुलिस बैरिकेड्स तोड दिया। इससे यह अचानक बेकाबू हो गया। ट्रक नीचे की ओर जाते ही मंदिर की दीवार व गेट से टकराया गया। यहां पर मौजूद रहे भक्त इसकी चपेट में आ गए।

आननफानन लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया

पुलिस ने बताया कि 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मरने वालों की संख्या 12  बता रही, जबकि लोगों का कहना है कि मृतक की संख्या 14 है। घटना में करीब 6 लोग घायल हैं। इस क्षेत्र की कलेक्टर रुचिका चौहान का कहना है कि सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और अन्य वाहन मौके पर भेजे गए। उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान उस सड़क पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद था। व्यवस्था पर वह सवाल उठा रही हैं,जबकि उनके ही मातहतों कांे यह ट्रक रोकना था। वह भी जबकि मंदिर में आयोजन चल रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रक की मैकेनिकल जांच के लिए आरटीओ टीम भेजी गई है।  

लोग कहते हैं कि कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा गया। ट्रक ओवरलोड था। वह अचानक आया और कुछ दुकानों के साथ लोगों को कुचल दिया। घटनास्थल पर चीखपुकार ओर अफरातफरी मच गई। आननफानन लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। 

लोगों को ट्रक हटाने में करीब तीन घंटे लगे

बताया जाता है कि नवरात्र के कारण सप्तमी पर शीतला माता के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे। मंदिर के बाहर धार्मिक चीजों की दुकानें लगी थीं। लोग इनमें फूल, माजिस आदि खरीद रहे थे। अचानक आधी रात बाद काल बनकर तेज रफ्तार ट्रक चीनौर रोड की ढलान पर अनियंत्रित होकर पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ श्रद्धालुओं, दुकानों और मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। इस दौरान उसकी टक्कर से मंदिर की दीवार भी ढह गई। कई लोग इसमें भी घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालुओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसा होते ही लोग आक्रोश में आ गए। ट्रक को भीड़ को अपने कब्जे में ले लिया। धार्मिक उत्सव का माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया। हादसे की जानकारी पाकर स्थानीय लोग और पुलिस और प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया। ट्रक के नीचे फंसे लोगों को निकालने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि ट्रक को हटाने में दो से तीन घंटे का समय लगा। 

ट्रक के बेकाबू होने के कारण ओवरलोड था

पुलिस ने मृतकों के शव अस्पताल पहुंचाए गए हैं। अब इनका पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की व्यवस्था की गई। सुबह आठ बजे तक ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की है। 29 लोग घायल हुए हैं। इस हादसे में पुलिस कर्मी और होमगार्ड भी घायल है। अस्पताल का आलम यह था कि रोने पीटने की आवाज से मरीज सहम रहे थे। बीच में कुछ आक्रोश भी देखा गया। उधर लोगों का कहना है कि जब भारी वाहन यहां प्रतिबंधित हैं तो फिर वह आया कैसे? यहां पुलिस भी थी। लोगों का कहना है कि ट्रक के बेकाबू होने के कारण ओवरलोड था। 

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