लखनऊ में नशे की शीशी मांगने को लेकर हुए विवाद में ई-रिक्शा चालक पर जानलेवा हमला, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
खबर सार :-
राजधानी लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास ई-रिक्शा चालक पर पेपर कटर से हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है। नशे की शीशी देने से इनकार करने पर यह खूनी संघर्ष हुआ था।
खबर विस्तार : -
लखनऊ : लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल कॉलेज चौराहे के समीप ई-रिक्शा चालक पर जानलेवा हमला करने वाले मुख्य अभियुक्त को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। बीते 13 अक्टूबर की रात हुई इस वारदात के बाद से पुलिस लगातार मामले की छानबीन कर रही थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नशे की शीशी मांगने को लेकर उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद पीड़ित के सीने पर घातक वार किया गया।
कैसे हुई थी वारदात और क्या था पूरा विवाद
घटना की रात पीड़ित रोहित मिश्रा अपने साथी वैभव शुक्ला के साथ मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास पिंक बूथ के पीछे अपना ई-रिक्शा लेकर खड़े हुए थे। इसी दौरान वहां पहुंचे दीपक नाम के शख्स ने उनसे नशे की शीशी की मांग की। जब रोहित और उनके साथी ने उसे शीशी देने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर आरोपी ने अपने पास मौजूद पेपर कटर ब्लेड से रोहित के सीने पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इस तरह शिकंजे में आया आरोपी दीपक
वारदात के बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी। रविवार को वादी मुकदमा यानी पीड़ित के भाई और उनके दोस्तों ने खुद सूझबूझ दिखाते हुए अभियुक्त दीपक को दबोच लिया और उसे पकड़कर सीधे थाना वजीरगंज ले आए। पुलिस ने थाने पहुंचते ही पूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराया और हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम ने जब उसकी तलाशी ली, तो घटना में प्रयुक्त पेपर कटर ब्लेड के अलावा दो लाइटर और एविल इंजेक्शन की तीन शीशियां भी बरामद हुईं।
पूछताछ में अभियुक्त ने उगले सारे राज
पुलिस की पूछताछ के दौरान अभियुक्त दीपक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास मौजूद था, तभी रोहित और वैभव उससे बार-बार नशे की शीशी की मांग कर रहे थे। उसके लगातार मना करने के बावजूद जब वे नहीं माने, तो गुस्से पर उसका नियंत्रण छूट गया और उसने आवेश में आकर इस घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
कौन है गिरफ्तार अभियुक्त और कहां का है निवासी
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान दीपक पुत्र फूलचन्द्र के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है और वह मूल रूप से राजाजीपुरम सब्जी मंडी के पास स्थित ई-ब्लॉक, थाना तालकटोरा क्षेत्र का रहने वाला है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वजीरगंज के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी के साथ उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार प्रजापति, कपिल सिंह चौधरी और कांस्टेबल गुलशन पाण्डव व प्रदीप कुमार शामिल रहे।
कानूनी शिकंजा और आगे की कार्रवाई
इस मामले में पीड़ित रोहित मिश्रा के भाई श्लोक मिश्रा की लिखित तहरीर के आधार पर वजीरगंज थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
यह पूरी घटना राजधानी लखनऊ के व्यस्त माने जाने वाले वजीरगंज थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास घटित हुई। शहर के सार्वजनिक स्थलों पर नशीले पदार्थों के सेवन और उनके आदान-प्रदान को लेकर होने वाले विवाद अक्सर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते रहे हैं। इसी कड़ी में 13 अक्टूबर 2026 की रात को यह गंभीर विवाद सामने आया, जिसमें मामूली बात पर एक ई-रिक्शा चालक की जान पर बन आई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब इस मामले में मुख्य आरोपी को कानूनी शिकंजे में ले लिया है।
लखनऊ : लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल कॉलेज चौराहे के समीप ई-रिक्शा चालक पर जानलेवा हमला करने वाले मुख्य अभियुक्त को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। बीते 13 अक्टूबर की रात हुई इस वारदात के बाद से पुलिस लगातार मामले की छानबीन कर रही थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नशे की शीशी मांगने को लेकर उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद पीड़ित के सीने पर घातक वार किया गया।
कैसे हुई थी वारदात और क्या था पूरा विवाद
घटना की रात पीड़ित रोहित मिश्रा अपने साथी वैभव शुक्ला के साथ मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास पिंक बूथ के पीछे अपना ई-रिक्शा लेकर खड़े हुए थे। इसी दौरान वहां पहुंचे दीपक नाम के शख्स ने उनसे नशे की शीशी की मांग की। जब रोहित और उनके साथी ने उसे शीशी देने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर आरोपी ने अपने पास मौजूद पेपर कटर ब्लेड से रोहित के सीने पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इस तरह शिकंजे में आया आरोपी दीपक
वारदात के बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी। रविवार को वादी मुकदमा यानी पीड़ित के भाई और उनके दोस्तों ने खुद सूझबूझ दिखाते हुए अभियुक्त दीपक को दबोच लिया और उसे पकड़कर सीधे थाना वजीरगंज ले आए। पुलिस ने थाने पहुंचते ही पूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराया और हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम ने जब उसकी तलाशी ली, तो घटना में प्रयुक्त पेपर कटर ब्लेड के अलावा दो लाइटर और एविल इंजेक्शन की तीन शीशियां भी बरामद हुईं।
पूछताछ में अभियुक्त ने उगले सारे राज
पुलिस की पूछताछ के दौरान अभियुक्त दीपक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास मौजूद था, तभी रोहित और वैभव उससे बार-बार नशे की शीशी की मांग कर रहे थे। उसके लगातार मना करने के बावजूद जब वे नहीं माने, तो गुस्से पर उसका नियंत्रण छूट गया और उसने आवेश में आकर इस घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
कौन है गिरफ्तार अभियुक्त और कहां का है निवासी
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान दीपक पुत्र फूलचन्द्र के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है और वह मूल रूप से राजाजीपुरम सब्जी मंडी के पास स्थित ई-ब्लॉक, थाना तालकटोरा क्षेत्र का रहने वाला है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वजीरगंज के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी के साथ उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार प्रजापति, कपिल सिंह चौधरी और कांस्टेबल गुलशन पाण्डव व प्रदीप कुमार शामिल रहे।
कानूनी शिकंजा और आगे की कार्रवाई
इस मामले में पीड़ित रोहित मिश्रा के भाई श्लोक मिश्रा की लिखित तहरीर के आधार पर वजीरगंज थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
यह पूरी घटना राजधानी लखनऊ के व्यस्त माने जाने वाले वजीरगंज थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास घटित हुई। शहर के सार्वजनिक स्थलों पर नशीले पदार्थों के सेवन और उनके आदान-प्रदान को लेकर होने वाले विवाद अक्सर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते रहे हैं। इसी कड़ी में 13 अक्टूबर 2026 की रात को यह गंभीर विवाद सामने आया, जिसमें मामूली बात पर एक ई-रिक्शा चालक की जान पर बन आई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब इस मामले में मुख्य आरोपी को कानूनी शिकंजे में ले लिया है।
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