यूपी पुलिस का नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार: करोड़ों की संपत्तियां जब्त और हजारों गिरफ्तार

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश में साल 2026 के दौरान मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को नष्ट करने के साथ ही तस्करों की अवैध संपत्तियां कुर्क की हैं और कई बड़े कार्टेल ध्वस्त किए हैं।
उत्तर प्रदेश में नशा तस्करों पर शिकंजा, साल 2026 में बड़ी कार्रवाई

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध नार्कोटिक्स के कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक राज्य पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टॉस फोर्स (ANTF) ने कई मोर्चों पर तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। ड्रग्स के अवैध व्यापार से जुड़े वित्तीय साम्राज्य को कमजोर करने के लिए संपत्तियों की जब्ती और विनिष्टीकरण की कार्रवाई बड़े पैमाने पर की गई है।

ऑपरेशन दहन और रिकॉर्ड विनष्टीकरण

ड्रग डिस्पोजल के मोर्चे पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए, इस वर्ष 'ऑपरेशन दहन' के तहत राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक 1,72,246 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनष्टीकरण कराया गया है। जब्त किए गए इन नशीले पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 418 करोड़ रुपये है। अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए अवैध पदार्थों को पूरी पारदर्शिता के साथ नष्ट किया गया है ताकि वे दोबारा बाजार में न पहुंच सकें।

तस्करों की संपत्तियों पर बड़ा प्रहार

वित्तीय मोर्चों पर कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 68 (E) और 68 (F) के अंतर्गत पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। इस साल कुल 96 मामलों में लगभग 80.33 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां कुर्क की गई हैं। इसके अलावा, कोडीन बेस्ड कफ सिरप के 14 मामलों में संलिप्त अभियुक्तों की करीब 48 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। अंतर्राष्ट्रीय तस्करों शुभम जायसवाल और गौरव जायसवाल के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

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कार्टेल और अवैध लैब का सफाया

राज्य में सक्रिय संगठित अपराधियों के गठजोड़ को तोड़ने के लिए पुलिस ने अब तक कुल 26 ड्रग कार्टेलों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इसके अतिरिक्त, 19 अंतर्राज्यीय कार्टेलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अभी प्रक्रिया में है। इस दौरान पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण में जुटी 5 गुप्त प्रयोगशालाओं (Clandestine Laboratories) का भी पर्दाफाश किया है।

तकनीक का इस्तेमाल और निरोधात्मक कार्रवाई

जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने के लिए 'यक्ष ऐप' का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिसके जरिए बीट आरक्षियों द्वारा लगातार सूचनाएं एकत्र कर कार्रवाई की जा रही है। इस वर्ष कुल 4,197 मुकदमे दर्ज कर 36,088 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए तथा 6,076 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

एएनटीएफ का अब तक का सफर

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अपने गठन यानी 4 अगस्त 2022 से लेकर अब तक कुल 504 मुकदमे दर्ज किए हैं। इस विशेष इकाई ने कुल 45,292 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद करते हुए 1,364 तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पकड़े गए इन पदार्थों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 554 करोड़ रुपये आंका गया है। मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगातार सख्त कानून और विशेष कार्यबल (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) का गठन किया गया है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत मिलने वाली कानूनी ताकतों का इस्तेमाल कर अपराधियों की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान है, ताकि इस अवैध कारोबार की आर्थिक रीढ़ को तोड़ा जा सके।

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