रांची में साइबर फ्राॅड के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, 10 गिरफ्तार; 8 लाख नकद और 36 मोबाइल फोन समेत कई सामान जब्त

खबर सार :-

रांची पुलिस को साइबर फ्राॅड रोकने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और लाखों की नकदी समेत कई सामान बरामद किए हैं।
रांची में साइबर फ्राॅड गिरोह का पर्दाफाश, 10 गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है और 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से लगभग ₹8 लाख नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड और कई बैंक पासबुक व चेकबुक बरामद किए हैं।

रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी किराए के फ्लैट में रहकर एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट चला रहे थे। 13 अक्टूबर को रांची के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) को सूचना मिली कि सुखदेव नगर पुलिस स्टेशन और पांड्रा आउटपोस्ट (OP) के इलाके में आने वाले पराशर अपार्टमेंट (पिस्का मोड़ के पास) और मालती अपार्टमेंट (जात्रा मैदान के पास) के किराए के फ्लैटों से साइबर फ्रॉड की गतिविधियां चलाई जा रही थीं।

दोनों जगहों से 10 लोग गिरफ्तार

इस जानकारी की पुष्टि के बाद, सिटी एसपी के निर्देश पर और असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) निखिल राय की अगुवाई में एक छापेमारी टीम बनाई गई। पुलिस ने दोनों जगहों पर छापेमारी की। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

7,98,100 रुपये नकद समेत कई सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों से ₹7,98,100 नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक और एक चेकबुक बरामद की। इसके अलावा 12 सिम कार्ड, पांच आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एक NPS PRAN कार्ड और एक माइक्रो SD कार्ड भी जब्त किए गए। छापेमारी में 25 नोटबुक भी मिलीं जिनमें नाम, मोबाइल नंबर और वित्तीय रिकॉर्ड दर्ज थे। पुलिस ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक के दो स्मार्ट स्पीकर (या रिसीवर डिवाइस) और एक पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की। 

अनजान लोगों के साथ OTP शेयर न करने की अपील

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पलामू जिले के रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता (उर्फ अजीत कुमार कुशवाहा), सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, अमित रंजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा, तथा गढ़वा जिले के सूरजदेव कुमार के तौर पर हुई है। रांची पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लोगों के साथ OTP, ATM कार्ड की जानकारी, बैंकिंग पासवर्ड या कोई अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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पुलिस मुठभेड़ में अपराधी के पैर में लगी गोली

धनबाद में एक मर्डर केस की जांच के दौरान पुलिस और एक आरोपी के बीच देर रात मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में शंकर डे, उर्फ ​​पिंकू डे, के पैर में गोली लगी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी राम प्रताप प्रसाद की हत्या के मामले में संदिग्ध था और उसे मैथन से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद, पुलिस उसे अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद करने के लिए टुंडी के मनियाडीह ले गई। वहां, आरोपी ने एक सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीन ली, भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

दो दिनों से लापता थे राम प्रताप प्रसाद

इस मामले पर बात करते हुए, ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब ने बताया कि अगस्त में गोंदुआडीह ओपी इलाके में राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनकी पत्नी ने पुलिस को बताया था कि वे दो दिनों से लापता थे। शिकायत में शंकर नाम के एक व्यक्ति पर भी शक जताया गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि संदिग्ध मैथन के आसपास मौजूद है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने शंकर डे, उर्फ ​​पिंकू डे, को गिरफ्तार कर लिया।

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