मुंबई के बांद्रा में फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, डैशबोर्ड पर पुलिस कैप रखकर जमाता था धौंस

खबर सार :-

मुंबई के बांद्रा में पुलिस का रौब दिखाने वाले एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कार मैकेनिक है और डैशबोर्ड पर पुलिस कैप रखकर खुद को पुलिसकर्मी बताता था।
नकली पुलिस का खुलासा, पुलिस कैप रखकर करते थे कांड

खबर विस्तार : -

मुंबई: मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस का झूठा रौब दिखाकर लोगों और ट्रैफिक पुलिस पर धौंस जमाने वाले एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान फहाद फरीद खान (37) के रूप में हुई है। वह बांद्रा पश्चिम का रहने वाला है और पेशे से कार मैकेनिक बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी कार के डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखकर खुद को पुलिसकर्मी होने का भ्रम पैदा करता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सफेद रंग की कार बरामद की है, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। कार के सभी शीशों पर पर्दे लगे हुए थे। पुलिस को कार के फ्रंट डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप भी रखी मिली। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरीके का इस्तेमाल पहले भी किसी को डराने या प्रभावित करने के लिए किया था या नहीं।

गश्त के दौरान संदिग्ध कार पर नजर

मामला उस समय सामने आया जब बांद्रा पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस हवलदार निखिलेश हनुमंत साबले और हवलदार सांगवे डॉ. वी. रघुनाथ मार्ग पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें व्हाइट हाउस बिल्डिंग के सामने एक सफेद रंग की संदिग्ध कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक, कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और उसके सभी शीशों पर पर्दे लगे थे। जब पुलिसकर्मियों ने कार के अंदर देखने की कोशिश की तो फ्रंट डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप दिखाई दी। इससे पुलिसकर्मियों को कार और उसके इस्तेमाल को लेकर संदेह हुआ। कार अंदर से लॉक थी। इसके बाद हवलदार साबले ने बांद्रा ट्रैफिक विभाग को इसकी सूचना दी। शाम करीब 7:40 बजे ट्रैफिक पुलिस हवलदार अनिल कोली टोइंग वैन लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कार को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

टोइंग के दौरान पहुंचा आरोपी

पुलिस के अनुसार, जैसे ही कार को टो करने की कार्रवाई शुरू हुई, एक व्यक्ति मौके पर पहुंच गया। उसने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और टोइंग कर्मचारियों के साथ बहस और बदसलूकी शुरू कर दी। इसी दौरान कार से एक महिला भी बाहर निकली। पुलिस ने जब उस व्यक्ति से कार और डैशबोर्ड पर रखी पुलिस कैप के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने उससे कार के दस्तावेज और पुलिसकर्मी होने से संबंधित जानकारी मांगी। पूछताछ के दौरान उसके जवाबों में विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस का संदेह और गहरा गया।

पूछताछ में खुली फर्जी पुलिसकर्मी की पोल

पुलिस के मुताबिक, सख्ती से पूछताछ करने पर व्यक्ति की पहचान फहाद फरीद खान के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि वह पेशे से कार मैकेनिक है और पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं है। आरोपी के पास कार से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी नहीं मिला। पुलिस का आरोप है कि खान अपनी कार के डैशबोर्ड पर पुलिस की कैप रखता था, ताकि आसपास के लोगों और ट्रैफिक पुलिस पर अपने कथित पुलिसकर्मी होने का प्रभाव डाल सके। इस तरह वह पुलिस का रौब दिखाकर लोगों को प्रभावित या डराने की कोशिश करता था।

कार के स्रोत की जांच जारी

मुंबई पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली कार और नीले रंग की पुलिस कैप को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। अब जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपी के पास यह कार कहां से आई और वह इसका इस्तेमाल कितने समय से कर रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी पुलिसकर्मी होने का झूठा दावा कर लोगों या ट्रैफिक पुलिस के साथ इस तरह का व्यवहार किया था।

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