इंस्टाग्राम पर आत्महत्या के संकेत, मेटा के अलर्ट पर 7 और 8 मिनट में पहुंची पुलिस, बचाई 2 जानें

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के गोंडा और मुरादाबाद में इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट करने वाले दो युवकों को पुलिस ने समय रहते बचा लिया। दोनों मामलों में स्थानीय पुलिस सात और आठ मिनट के भीतर युवकों के घर पहुंच गई।
मेटा अलर्ट से यूपी पुलिस ने गोंडा-मुरादाबाद में बचाई 2 जानें

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट की निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था के तहत पुलिस ने गोंडा और मुरादाबाद में दो युवकों की जान बचाई। दोनों घटनाएं 21 अक्टूबर 2026 की हैं। युवकों ने इंस्टाग्राम पर ऐसे वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने आत्महत्या करने से संबंधित संदेश लिखे थे और अपने हाथ में तरल पदार्थ से भरी शीशी दिखाई थी। मेटा कंपनी से अलर्ट मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों को जानकारी दी। इसके आधार पर गोंडा के धानेपुर और मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्रों की पुलिस संबंधित युवकों के घर पहुंची और उन्हें आत्मघाती कदम उठाने से रोका।

मेटा के अलर्ट पर पुलिस मुख्यालय ने की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से एक व्यवस्था संचालित है। इसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर कंपनी पुलिस को ई-मेल और फोन के माध्यम से अलर्ट भेजती है। पुलिस मुख्यालय का सोशल मीडिया सेंटर इन सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने और स्थानीय पुलिस को जानकारी देने का काम करता है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई। मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को प्राप्त अलर्ट में उपलब्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर युवकों की लोकेशन का पता लगाया गया और संबंधित जिलों की पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस के अनुसार, स्थानीय टीमों ने सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित किया।

गोंडा में सात मिनट के भीतर घर पहुंची पुलिस

गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले 22 वर्षीय युवक ने 21 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो के साथ उसने लिखा था, "अब आपका यह बेटा इस दुनिया में नहीं रहेगा।" पोस्ट में युवक के हाथ में लाल रंग के पेय पदार्थ से भरी शीशी भी दिखाई दे रही थी। इस संबंध में मेटा कंपनी की ओर से उसी दिन शाम 3 बजकर 33 मिनट पर पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए अलर्ट मिला।

सूचना मिलने पर धानेपुर थाने की पुलिस को युवक की लोकेशन और मामले की जानकारी दी गई। उपनिरीक्षक धर्मेंद्र यादव, आरक्षी अनुभव चौहान और आरक्षी सतेंद्र यादव सात मिनट के भीतर उसके घर पहुंच गए। पुलिस टीम ने परिजनों को सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में बताया और युवक तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, युवक एक स्थान पर चुपचाप बैठा था और उसके हाथ में कीटनाशक की शीशी थी। वह दवा पीने का प्रयास करता, उससे पहले पुलिसकर्मियों ने शीशी अपने कब्जे में ले ली और उसे अलग ले जाकर शांत कराया। बाद में युवक ने पुलिस को बताया कि वह बिल्डिंग मैटेरियल तैयार करने वाली गाड़ी चलाता है। एक युवती से प्रेम संबंध के दौरान बातचीत बंद हो जाने के कारण वह कई दिनों से मानसिक तनाव में था। पुलिस के अनुसार, इसी परेशानी के बीच उसके मन में आत्महत्या करने के विचार आए थे।

मुरादाबाद में आठ मिनट में मौके पर पहुंची टीम

मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र में रहने वाले 19 वर्षीय युवक ने भी 21 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो साझा किया था। उसने वीडियो के साथ लिखा था, "मुझे माफ़ कर देना, मैं अब मरनेवाला हूँ।" पोस्ट में उसके हाथ में गहरे रंग के पेय पदार्थ से भरी शीशी दिखाई दे रही थी। इस मामले में मेटा कंपनी का अलर्ट 21 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 46 मिनट पर पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को मिला। मुख्यालय से सूचना मिलने के बाद डिलारी थाने के उपनिरीक्षक ऋतिक कालखण्डे और आरक्षी अंकित चौहान युवक के घर आठ मिनट के भीतर पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक, कमरे में युवक के पास कीटनाशक की शीशी रखी थी और वह उससे निकले पदार्थ को एक गिलास में घोल रहा था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल गिलास उससे ले लिया। पूछने पर युवक ने बताया कि वह कीटनाशक मिलाकर पीने वाला था। इसके बाद वह रोने लगा। पुलिस टीम ने उसे समझाया और शांत कराया।

पुलिस को युवक ने बताया कि वह वेल्डिंग का काम करता है। वह एक युवती से प्रेम करता था, लेकिन युवती के परिजन दोनों के बीच बातचीत के विरोध में थे। युवक के अनुसार, परिवार के दबाव के बाद युवती ने उससे आगे बातचीत करने से मना कर दिया था। इस घटनाक्रम से वह मानसिक तनाव में था और इसी कारण उसने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।

दोनों युवकों की काउंसलिंग

पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में समय पर पहुंचने के बाद युवकों को आत्महत्या करने से रोका गया। उनकी स्थिति सामान्य होने पर पुलिसकर्मियों ने उनसे बातचीत की और काउंसलिंग की। दोनों युवकों ने भविष्य में इस तरह का कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। संबंधित परिवारों ने भी स्थानीय पुलिस की तत्परता और सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार जताया। इन घटनाओं में सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री से संभावित खतरे की जानकारी समय रहते मिलने और स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई होने की भूमिका सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों युवकों की आगे की मानसिक स्वास्थ्य सहायता या उनके लिए निर्धारित किसी दीर्घकालिक परामर्श व्यवस्था का विवरण नहीं दिया गया है।

अलर्ट के जरिए अब तक 4,071 लोगों की जान बचाने का दावा

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट के आधार पर मिले अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए कुल 4,071 लोगों की जान बचाई गई है। यह आंकड़ा पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। पुलिस को मेटा के साथ संचालित इस व्यवस्था के लिए वर्ष 2025 में SKOCH Award और वर्ष 2026 में The Economic Times GovTech Awards से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इस प्रणाली में सोशल मीडिया कंपनी से प्राप्त सूचना, पुलिस मुख्यालय द्वारा लोकेशन की पहचान और स्थानीय थाने की त्वरित कार्रवाई अहम कड़ियां हैं।

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