वाराणसी मुठभेड़: सिपाही पर हमला करने वाला असलहा तस्कर घायल, एक साथी फरार

खबर सार :-

वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में सिपाही पर गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी राज विश्वकर्मा घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका एक अन्य साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा।
वाराणसी में पुलिस मुठभेड़: सिपाही पर गोली चलाने वाला बदमाश गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

 वाराणसी: वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के अंतर्गत रमना लौटूबीर इलाके में शुक्रवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई आमने-सामने की गोलीबारी में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही आरोपी है जिसने कुछ समय पहले अवैध हथियारों की तस्करी के सिलसिले में दबिश देने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए एक सिपाही को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस ताजा पुलिस कार्रवाई के दौरान जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी बढ़ा दी गई है।

कांस्टेबल अमित शुक्ला को लगी तीन गोलियां 

यह पूरा घटनाक्रम शुक्रवार देर शाम तब शुरू हुआ जब लंका थाने की अपराध शाखा की टीम को एक गोपनीय सूचना मिली। सूचना के मुताबिक अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त में लिप्त कुछ संदिग्ध व्यक्ति नरिया तिराहे के पास स्थित आशुतोष नगर कॉलोनी में मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंच गई। जैसे ही पुलिस ने संदिग्धों को घेरने का प्रयास किया, उन्होंने बिना किसी चेतावनी के पुलिस दल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए हमले में कांस्टेबल अमित शुक्ला को तीन गोलियां लग गईं, जिससे वे पेट, पीठ और हाथ में गंभीर चोटों के साथ वहीं गिर पड़े।

साथी सिपाही के लहूलुहान होकर गिरने के बावजूद मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने संयम दिखाते हुए स्थिति को संभाला और घायल कांस्टेबल को तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तत्काल अस्पताल पहुंचे और घायल सिपाही के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मूल रूप से प्रयागराज के वर्करगंज के रहने वाले कांस्टेबल अमित शुक्ला की हालत डॉक्टरों की देखरेख में गंभीर बनी हुई है, और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम उनके उपचार में जुटी हुई है।

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पुलिस की विशेष टीमों का गठन और घेराबंदी

सिपाही पर गोली चलाने के बाद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए थे, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अपराधियों की धरपकड़ के लिए तत्काल प्रभाव से कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया और शहर के विभिन्न रास्तों पर उनकी तलाश शुरू कर दी गई। खुफिया तंत्र और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों का सुराग लगाया और रमना लौटूबीर क्षेत्र में उनकी घेराबंदी कर ली। पुलिस को अपने करीब आता देख बदमाशों ने एक बार फिर कानून के रखवालों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिससे मुठभेड़ की स्थिति बन गई।

जवाबी कार्रवाई और गिरफ्तारी

आत्मरक्षा में और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इस गोलीबारी के दौरान मुख्य आरोपी राज विश्वकर्मा पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाएं पैर में गोली जा धंसी। पुलिस ने तुरंत आगे बढ़कर उसे दबोच लिया और उसकी पहचान राज विश्वकर्मा के रूप में सुनिश्चित की। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान उसका दूसरा साथी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलने में सफल रहा। पुलिस अब उस फरार साथी की तलाश में जुटी हुई है और लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

अस्पताल में इलाज और आगे की कार्रवाई

मुठभेड़ में घायल होने के बाद आरोपी राज विश्वकर्मा को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए उसी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है जहां घायल सिपाही का भी इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार चल रहे दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश का दायरा बढ़ा दिया गया है और जल्द ही उसे भी कानून के दायरे में लाया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने अवैध असलहा तस्करी के नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस आपराधिक गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके। यह घटना उत्तर प्रदेश में पुलिस बलों पर बढ़ते हमलों और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियानों की कड़ी का एक हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों में वाराणसी और आसपास के जिलों में अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाए हैं। अवैध असलहों के सौदागर अक्सर पुलिस के पहुंचते ही हिंसक झड़प पर उतर आते हैं, जिससे कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर और स्थानीय थानों की पुलिस इससे पहले भी इस तरह के मामलों में अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाती रही है।

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