जालौन में कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या, मुख्य साजिशकर्ता हिरासत में

खबर सार :-

जालौन में कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष हत्याकांड: अपहरण के बाद हत्या, तीन गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के थाना कालपी क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय स्तर पर वकीलों और आम लोगों में गहरी चिंता का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और कुछ ही घंटों के भीतर इस गंभीर अपराध की गुत्थी को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में आपसी विवाद और जमीनी मुकद्मेबाजी मुख्य वजह बनकर सामने आई है, जिस पर पुलिस की तकनीकी और मैदानी जांच लगातार जारी है।

अपहरण की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम

परिजनों द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि गयादीन अहिरवार को किसी व्यक्ति द्वारा केस के सिलसिले में बातचीत करने और चाय पीने के बहाने गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया गया था। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो सायं लगभग 06:00 बजे पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, तीन क्षेत्राधिकारी और आठ थानों की पुलिस टीमों को तुरंत मैदान में उतारा गया। पुलिस टीमों ने रात भर सघन अभियान चलाकर आरोपियों की तलाश की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया।

सचेंडी के पास से बरामद हुआ शव

सघन अभियान और छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस घटना में संलिप्त तीन अभियुक्तों—सर्वेश, आशीष एवं केशव को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ के दौरान इन आरोपियों की निशानदेही पर कानपुर के सचेंडी इलाके के पास से मृतक गयादीन अहिरवार का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनका मिलान डिजिटल साक्ष्यों के साथ किया जा रहा है ताकि घटना की पूरी कड़ियों को कानूनी रूप से जोड़ा जा सके।

जमीनी विवाद और डिजिटल साक्ष्यों से खुला राज

पुलिस की शुरुआती जांच में यह मुख्य तथ्य सामने आया कि थाना कदौरा क्षेत्र स्थित एक जमीन को लेकर गयादीन अहिरवार और कानपुर निवासी इन्द्रजीत यादव के मध्य मुकद्मेबाजी चल रही थी। इस रंजिश के चलते ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता इन्द्रजीत यादव को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो उसके व्हाट्सएप से घटना के पहले तथा बाद के कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और चैट्स बरामद हुए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस के लिए मामले की तह तक पहुंचना आसान बना दिया है।

मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन्द्रजीत यादव ने कथित तौर पर पैसे देकर मोनू यादव और उसके तीन साथियों के माध्यम से इस वारदात को अंजाम दिलवाया था। हालांकि, इस घटना को सीधे तौर पर अंजाम देने वाला मुख्य अभियुक्त मोनू यादव अभी पुलिस की पकड़ से दूर और वांछित है। उसकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और अदालत में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ेंः- लखनऊ में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, चार अलग-अलग स्थानों से 06 अवैध SIM Box और भारी उपकरण ज़ब्त

अन्य प्रमुख खबरें