एडीजी नवीन अरोड़ा ने आजमगढ़ में किया वार्षिक निरीक्षण, लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश

खबर सार :-

एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा ने आजमगढ़ में वार्षिक निरीक्षण कर लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और अपराध नियंत्रण के निर्देश दिए।
आजमगढ़ में एडीजी नवीन अरोड़ा ने की कानून-व्यवस्था की समीक्षा

खबर विस्तार : -

आजमगढ़: अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा ने सोमवार को आजमगढ़ जिले का दौरा कर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एडीजी नवीन अरोड़ा के इस वार्षिक निरीक्षण का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार लाना और मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना था। जोन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी के इस दौरे से महकमे में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ती है और पुलिस कार्यप्रणाली की जमीनी हकीकत सामने आती है।

कार्यालयों का निरीक्षण और अभिलेखों की जांच

दौरे की शुरुआत में पुलिस कार्यालय पहुंचने पर एडीजी नवीन अरोड़ा को गार्द ने औपचारिक सलामी दी। इसके बाद उन्होंने डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की उपस्थिति में कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण कार्यालय, आंकिक शाखा और जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (डीसीआरबी) का सूक्ष्म अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव और विभागीय व्यवस्थाओं की प्रगति का जायजा लिया। कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और नियमितता बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करना आवश्यक माना जाता है।

समीक्षा गोष्ठी में अपराध नियंत्रण पर जोर

निरीक्षण के पश्चात एक विस्तृत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल सुरक्षा और साइबर अपराध के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। एडीजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। पुलिस टीम को अपराध नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने और संवेदनशील मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए ताकि आम जनता का पुलिस पर भरोसा और अधिक मजबूत हो सके।

जन प्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ संवाद

समीक्षा बैठक के बाद पुलिस लाइन में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पीस कमेटी और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस संवाद के दौरान एडीजी ने विभिन्न वर्गों की समस्याएं सुनीं और उनके सुझावों पर विचार किया। उन्होंने जिले में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में नागरिकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। क्षेत्र में बेहतर कानून-व्यवस्था और आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए पुलिस और जनता के बीच निरंतर संवाद जरूरी होता है, जिससे पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

मीडिया से संवाद और प्रेस वार्ता

कार्यक्रम के अंत में एडीजी नवीन अरोड़ा ने स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने वार्षिक निरीक्षण के मुख्य बिंदुओं और जिले में चल रहे पुलिस अभियानों की जानकारी साझा की। उन्होंने दोहराया कि पुलिस प्रशासन अपराध पर अंकुश लगाने और कानून का राज स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के प्रशासनिक दौरों से पुलिस विभाग की कार्यशैली में जवाबदेही तय होती है और समय पर मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आती है। वाराणसी जोन के अंतर्गत आने वाले आजमगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस कामकाज की नियमित समीक्षा के तहत उच्चाधिकारियों द्वारा इस प्रकार के वार्षिक निरीक्षण किए जाते हैं। इन दौरों का मुख्य उद्देश्य थानों और कार्यालयों के कामकाज में पारदर्शिता लाना तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

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