मऊरानीपुर में आतिशबाजी लाइसेंस के नाम पर वसूली, दो स्टार लगाकर रौब झाड़ता मिला दमकल विभाग का चालक

खबर सार :-

झांसी के मऊरानीपुर में आतिशबाजी लाइसेंस और एनओसी के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। दरोगा की वर्दी पहनकर रौब झाड़ने वाले चालक पर जांच के निर्देश।
झांसी में दमकल चालक का वीडियो वायरल, अवैध वसूली के आरोप पर जांच शुरू

खबर विस्तार : -

झांसी: दीपावली के अवसर पर लगने वाली आतिशबाजी की दुकानों और लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर इन दिनों प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। इसी बीच झांसी जिले के मऊरानीपुर फायर स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही है, जिससे अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खबर के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है।

एनओसी और लाइसेंस के नाम पर लेनदेन

मामले की जानकारी के अनुसार, दीपावली के मद्देनजर मऊरानीपुर के मेला ग्राउंड के साथ-साथ उल्दन, कटेरा, बंगरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आतिशबाजी बाजार की तैयारियां चल रही हैं। दुकानदारों को इसके लिए अस्थाई लाइसेंस और दमकल विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी की जरूरत होती है। आरोप है कि इसी प्रक्रिया की आड़ में रुपयों का लेनदेन किया जा रहा था। वायरल वीडियो में साफ तौर पर एक कर्मचारी पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है, जिसके बाद से व्यापारियों में रोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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दरोगा की वर्दी पहनकर झाड़ता था रौब

इस पूरे प्रकरण का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि वीडियो में दिखाई देने वाले शख्स ने अपनी वर्दी पर दो स्टार लगा रखे थे। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि वह कोई उपनिरीक्षक नहीं बल्कि मऊरानीपुर फायर स्टेशन पर तैनात एक फायर स्टेशन चालक है। वर्तमान में उस फायर स्टेशन पर किसी उपनिरीक्षक की तैनाती नहीं है, जिसका फायदा उठाकर इस चालक ने कथित तौर पर दरोगा की वर्दी धारण कर रखी थी और वह चेकिंग के नाम पर व्यापारियों पर धौंस जमा रहा था।

एसएसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। एसएसपी विकास कुमार ने इस वायरल वीडियो का तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस विभाग की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा अनाधिकृत रूप से उच्च पद की वर्दी पहनना गंभीर अनुशासनहीनता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी होगी जांच

अब प्रशासनिक स्तर पर यह भी पड़ताल की जा रही है कि आतिशबाजी लाइसेंस और दमकल विभाग की एनओसी के नाम पर वसूले जा रहे रुपये आखिर किसके इशारे पर लिए जा रहे थे। क्या इस अवैध कृत्य में केवल वही चालक शामिल है या विभाग के कुछ अन्य कर्मचारी भी इस खेल का हिस्सा हैं? इन तमाम पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस मामले से जुड़ी सभी वास्तविक परतें खुलकर सामने आ सकेंगी। दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर अस्थायी आतिशबाजी बाजारों के संचालन के लिए अग्निशमन विभाग से सुरक्षा प्रमाण पत्र और स्थानीय प्रशासन से लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो, इसके लिए विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण प्रक्रिया चलाई जाती है, जिसका उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना होता है।

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