बरेली की किशोरी, मथुरा राजकीय बालगृह में हत्या, पॉक्सो एक्ट पीड़िता नामजद

खबर सार :-

हत्या का यह मामला बेहद दहला देने वाला है। 14 साल की किशोरी राजकीय बालगृह में जून में ही लाई गई थी। उसकी दर्दनाक हत्या कर दी गई।
मथुरा के राजकीय बालगृह में किशोरी की हत्या, नामजद पॉक्सो एक्ट की पीड़िता

खबर विस्तार : -

मथुरा/लखनऊ: वृंदावन कोतवाली क्षेत्र के चैतन्य विहार स्थित राजकीय बालगृह (बालिका) में एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां की करीब 14 वर्षीय किशोरी शिवानी की पानी में डुबोकर हत्या की गई है। हत्या के राज छिपाने की बराबर कोशिश भी की गई। यहां के सीसीटीवी को तोड़ने का भी प्रयास किया गया। किशोरी की मां लखनऊ में भर्ती है। 

परिसर में पड़ा था किशोरी का शव

राजकीय बालिका संरक्षण गृह परिसर में एक 14 वर्षीय बालिका का शव पड़ा मिला। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने पूरे घटना की तहकीकात करने के लिए संरक्षण गृह में लगे सीसीटीवी कैमरा की गहनता से जांच की तो पूरा मामला साफ हो गया।

बरेली की रहने वाली थी किशोरी

यह वारदात चैतन्य विहार स्थित राजकीय बालगृह के कमरा नंबर पांच का है। बरेली की रहने वाली 14 वर्शीय शिवानी की मां मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण लखनऊ के राजकीय मानसिक चिकित्सालय में भर्ती हैं। शिवानी प्रशासनिक संरक्षण में बालगृह में रह रही थी। शनिवार को उसका शव बाथरूम में पड़ा था।

गुमराह कर रही किशोरियां

वारदात की जानकारी पाकर राजकीय बालगृह की अधीक्षिका ने सीसीटीवी फुटेज देखी। इसमें सुबह 11ः08 बजे शिवानी के साथ तीन किशोरियां कमरा नंबर पांच के बाथरूम में जाते हुए देखी गईं। 11ः48 बजे दो किशोरियां बाहर आ गईं। इनके साथ शिवानी बाहर नहीं आई। इसके कुछ ही देर बाद शाम करीब 5 बजे वापस लौटी किशोरियों ने कमरे के पास लगे कैमरे तोड़ने की कोशिश की। यह किशोरियां नामजद हैं। पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने गुमराह करने की कोशिश की। जब पोस्टमार्टम कराया गया तो रिपोर्ट में पानी में डुबोकर (दम घुटने से) हत्या करने की पुष्टि हुई है।

अधीक्षिका ने दर्ज कराई रिपोर्ट

शनिवार को बालगृह की प्रभारी अधीक्षिका प्रगती खरे ने कई लोगों को नामजद किया है। उनकी शिकायत पर 5 किशोरियों को नामजद किया गया है। कई और के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और संपत्ति को नुकसान करने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें एक अलीगढ़ और दूसरी पीलीभीत की रहने वाली है। चौंकाने वाली बात यह है कि नामजद दोनों किशोरियां पॉक्सो एक्ट की पीड़िता हैं। एक पर चोरी का भी आरोप है। मामला गंभीर होता देख शाम को जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार भी निरीक्षण करने पहुंचे थे। 

मथुरा में हुआ अंतिम संस्कार

हत्या की न्यायिक जांच के लिए जिलाधिकारी ने जिलाजज को एक पत्र लिखा है। दूसरी ओर एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि संस्था प्रमुख की तहरीर के आधार पर ही मुकदमा दर्ज किया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की मौजूदगी में मथुरा के रुव घाट पर किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। बरेली की रहने वाली 14 वर्षीय बालिका के पिता की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। इससे पहले किशोरी रामपुर संरक्षण गृह में थी। बरेली बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद उसे 17 जून को मथुरा शिफ्ट किया गया था। 

साथियों ने वारदात की या किसी और ने? 

पानी से भरी एक बाल्टी में सिर डुबोकर किशोरी को मारा गया है। उसके ही साथियों ने वारदात को अंजाम दिया है, या मामला कुछ और? इसकी जांच की जानी जरूरी है। आरोपितों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस-प्रशासन ने मामले में तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, निष्पक्ष कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। 

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