बिहार में बस का कहर, पांच लोगों को कुचला, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कई वाहन तोड़े

खबर सार :-

बेतिया, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर हैं।
बिहार में आर्केस्ट्रा मंच में घुसी बस, पांच की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने की तोड़फोड़

खबर विस्तार : -

बेतिया, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह कई लोगों के लिए दुख से भरी रही। यहां एक कार्यक्रम को लेकर खुशियां मनाई जा रही थी। इसी दौरान एक सड़क हादसा हुआ, इसमें पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कई लोग घायल भी हुए हैं। इनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इस दहलाने वाली घटना को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन, सड़क जाम के अलावा कई वाहन भी तोड़ दिए।

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शनिवार सुबह जब लोग एक कार्यक्रम में मौजूद थे। इस दौरान गाने नाचने और थिरकने का आनंद उठाया जा रहा था। मंच बना था। पंडाल लगा था। सामने कई कुर्सियां और उन पर लोग बैठे हुए थे। अचानक एनएच-727 के करीब बेतिया-लौरिया मार्ग के बनकटवा स्थित गांव में चीखपुकार मच गई। यहां एक असंतुलित तेज रफ्तार में भाग रही शाही ट्रेवल्स की बस सड़क किनारे मौजूद लोगों तक पहुंच गई।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बनकटवा में छठियार समारोह का आयोजन किया गया था।

बस लोगों को कुचलते हुए आगे निकल गई

 समारोह में शामिल हुए लोगों के मनोरंजन के लिए आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था। इनकी सुविधाओं में सड़क किनारे पंडाल भी लगाया गया था। यहां पर डीजे के अलावा आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम था। इसी दौरान अचानक गोरखपुर से बेतिया जा रही शाही ट्रेवल्स की बस अनियंत्रित होकर मौजूद लोगों को कुचलते हुए आगे निकल गई। किसी को न समझने का मौका मिला और न ही बचने का। एक के बाद दूसरा और दूसरे के बाद तीसरा व्यक्ति बस की चपेट में आता गया। पूरे पंडाल की जगह पर खून बिखर चुका था। घायलों की चीखपुकार से दूर-दूर तक के लोग आ गए। जो लोग इसकी चपेट में आए उनमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 

खुशियों वाली जगह पर अब मातम मचा

कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। जहां पर खुशिया मनाई जा रही थी, वहां पर अब मातम ही मातम है। मृतकों की पहचान देवेंद्र दूबे, संजय महतो, बहादुर महतो, भोला दूबे और छांगुर राम के रूप में हुई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अब केवल खून और टूटी कुर्सियां हैं। स्थानीय लोगों ने घायलों को मदद दी और तत्काल उनको इलाज के लिए अस्पताल भेजने का प्रयास किया। जल्द ही घटना की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद लौरिया थाना के अलावा कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।

कई किमी दूर से आवागमन ठप कर दिया 

पुलिस भी मामले की गंभीरता समझ रही थी। उसके घटनास्थल तक पहुंचने तक भीड़ अनियंत्रित हो चुकी थी। एक के बाद एक वाहन तोड़ती गई। आक्रोश सड़क पर दिख रहा था। नारेबाजी, मांग, जाम, प्रदर्शन और तोड़फोड़ के दौरान ही बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने हालात संभाले। सड़क पर कई किलोमीटर दूर से ही आवागमन ठप कर दिया गया था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए बेतिया स्थित जीएमसीएच भेज दिया। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने कई बसों के शीशे, पंडाल और कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। हादसे की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसके कारणों और बस चालक की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी पूरी जानकारी दे रहे हैं। 

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