आठ साल से अधूरी सड़क पर फूटा विधायक का गुस्सा, नंगे पैर कीचड़ में उतरकर अधिकारियों को लगाई फटकार

खबर सार :-

सुलतानपुर में आठ वर्षों से अधूरी पड़ी कादीपुर-दोस्तपुर सड़क का भाजपा विधायक राजेश गौतम ने नंगे पैर कीचड़ में उतरकर निरीक्षण किया। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तीन-चार दिन में सड़क यातायात योग्य बनाने के निर्देश दिए।
आठ साल से अधूरी सड़क पर फूटा विधायक का गुस्सा, नंगे पैर कीचड़ में उतरकर अधिकारियों को लगाई फटकार

खबर विस्तार : -

सुलतानपुर: कादीपुर-दोस्तपुर मार्ग की वर्षों से बदहाल स्थिति को लेकर मंगलवार को स्थानीय भाजपा विधायक राजेश गौतम का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आया, जब उन्होंने सरैया बाजार में सड़क पर हुए जलभराव और गहरे गड्ढों का निरीक्षण किया। सड़क की जर्जर हालत देखकर विधायक नंगे पैर ही कीचड़ में उतर गए और मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को निर्माण कार्य में लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई। विधायक के इस निरीक्षण की तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बने रहे।

आम लोगों को हो रही भारी परेशानी

निरीक्षण के दौरान विधायक राजेश गौतम ने कहा कि करीब 18.50 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत कादीपुर-दोस्तपुर मार्ग का निर्माण कार्य पिछले आठ वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवधि में सड़क की मरम्मत और निर्माण के नाम पर कई बार करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह तालाब का रूप ले चुकी है, जिससे स्थानीय व्यापारियों, विद्यार्थियों, किसानों और आम राहगीरों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक ने मौके से ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मंजुल मयंक और जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर सड़क की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीन से चार दिनों के भीतर सड़क को यातायात योग्य बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी

राजेश गौतम ने संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और लापरवाही जारी रही, तो ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कराने की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और उदासीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस दौरान क्षेत्र के बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। लोगों ने विधायक के सामने सड़क की बदहाली से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना था कि बारिश के दिनों में सड़क पर चलना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार दोपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, जबकि व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता है। छात्रों और मरीजों को भी आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

उधर, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल रहने पर करीब डेढ़ महीने के भीतर सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। विभाग का दावा है कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

विधायक के नंगे पैर कीचड़ में उतरकर निरीक्षण करने की घटना ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि की इस सख्ती के बाद निर्माण कार्य में तेजी आती है, तो वर्षों से अधूरी पड़ी इस महत्वपूर्ण सड़क से लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क की स्थिति में कितना सुधार हो पाता है।

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