हिमाचल के कांगड़ा में बादल फटा, कई मकान क्षतिग्रस्त, 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी

खबर सार :-

हिमाचल प्रदेश में माॅनसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने राज्य में 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं कुल्लू जिला प्रशासन ने भूस्खलन और सड़कें बंद होने के कारण सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। भूस्खलन से राज्यभर की लगभग 150 सड़कें बंद हैं।
हिमाचल के कांगड़ा में बादल फटा, कई मकान क्षतिग्रस्त, 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी

खबर विस्तार : -

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश हो रही है। राजधानी शिमला समेत कई इलाकों में मंगलवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। हालांकि, आज (बुधवार) कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' लागू है। अच्छी बात यह है कि अभी कोई 'रेड अलर्ट' नहीं है।

कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटा

मंगलवार को कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से हुए नुकसान के बाद राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण रूलेहड़, बांगर, गढ़गुन और स्पैड़ा गांवों में 18 घर, नौ पशुशालाएं और एक प्राइमरी स्कूल मलबे में दब गए। तीन महिलाएं घायल हुईं और नौ मवेशियों की मौत हो गई। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

शिमला में घरों पर गिरे चार पेड़

शिमला में दो जगहों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। बुधवार सुबह टुटीकंडी वार्ड के ओल्ड बैरियर इलाके में घरों पर चार पेड़ गिरे, जिससे टिन की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से पानी के रिसाव के कारण जमीन कमजोर हो रही थी - इस समस्या की जानकारी पहले भी दी जा चुकी थी। वहीं, 'लिफ्ट' के पास राजीव भवन (कांग्रेस पार्टी कार्यालय) के सामने पहाड़ी से छोटे पत्थर गिर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस रास्ते पर अभी दोनों तरफ़ ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

मशोबरा में सबसे ज्यादा बारिश

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मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश शिमला जिले के मशोबरा में 117.5 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा, अन्य जगहों पर बारिश इस प्रकार रही: नैना देवी (बिलासपुर) में 106.4 मिमी, नांगल डैम (ऊना) में 90 मिमी, ब्राह्मणी (बिलासपुर) में 77 मिमी, कुफरी (शिमला) में 74.2 मिमी, शिमला शहर में 66.5 मिमी और काहू (बिलासपुर) में 57 मिमी। विभाग का कहना है कि अगले छह दिनों तक कई इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

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सड़कों की मरम्मत का कार्य जारी

लगातार बारिश से पूरे राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन और मलबा जमा होने के कारण लगभग 150 सड़कें बंद हैं और उन्हें ठीक करने का काम चल रहा है। कई इलाकों में यातायात संचालन पर असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करें।

सिरमौर जिले में बारिश से 17 सड़कें प्रभावित

सिरमौर जिले में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिले में 17 सड़कें और पीने के पानी की 23 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। दो दिन बंद रहने के बाद आज शिक्षण संस्थान फिर से खुल रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम के हालात को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

कुल्लू जिले में लोगों को सावधान रहने की सलाह

वहीं, कुल्लू जिले के आनी, बंजार और निरमंड सब-डिविजन में लगातार बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने के कारण जिला प्रशासन ने आज सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, कॉलेजों, ITI और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। प्रशासन ने कहा कि यह फ़ैसला छात्रों और स्टाफ़ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहें और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करें।

 

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