उस्मानपुर यमुना खादर में देर रात मुठभेड़ के बाद लॉरेंस बिश्नोई और रसीद केवल गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार, दोनों के पैर में लगी गोली

खबर सार :-

उत्तर पूर्वी दिल्ली की स्पेशल स्टाफ टीम ने उस्मानपुर यमुना खादर इलाके में देर रात हुई एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद लॉरेंस बिश्नोई और रसीद केवल गैंग से जुड़े दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस मुठभेड़: बिश्नोई गैंग के दो शूटर वसीम व कैफ गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस टीम ने रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात उस्मानपुर यमुना खादर क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई और रसीद केवल गैंग से जुड़े दो कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों को अपनी हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत नियंत्रण में बताई जा रही है।

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्पेशल स्टाफ की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई और रसीद केवल गिरोह के दो सक्रिय सदस्य किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने या क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ ने न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले उस्मानपुर यमुना खादर इलाके में घेराबंदी कर जाल बिछाया।

आरोपियों ने आत्मसमर्पण के बजाय भागने का किया प्रयास

देर रात जब पुलिस टीम को दोनों संदिग्ध आते हुए दिखाई दिए, तो जवानों ने उन्हें रुकने का साफ इशारा किया। हालांकि, खुद को पुलिस से घिरा देखकर आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय मौके से भागने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद पुलिस बल ने भी अपना बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई की।

पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वे वहीं गिर पड़े। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना कोई समय गंवाए दोनों को काबू में कर लिया और उनके कब्जे से हथियार बरामद करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।

आरोपियों की पहचान वसीम और कैफ के रूप में की गई

मुठभेड़ के बाद हुई शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम और कैफ के रूप में की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और रसीद केवल गैंग के लिए काम करते हैं और इलाके में रंगदारी वसूली व डराने-धमकाने जैसे मामलों में शामिल रहे हैं।

इस गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वसीम और कैफ ने बीते 2 अक्टूबर को उत्तर पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक स्थानीय व्यापारी से मोटी रकम की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर खौफ पैदा करने के मकसद से आरोपियों ने व्यापारी के ठिकाने के पास हवाई फायरिंग भी की थी। इस घटना के बाद पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर भजनपुरा थाने में दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।

राजधानी में संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

राजधानी दिल्ली में संगठित आपराधिक गिरोहों और उनके गुर्गों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस प्रशासन शहर में रंगदारी मांगने, गोलीबारी करने और जबरन वसूली में लिप्त बदमाशों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर निगरानी बढ़ा रहा है। यमुना खादर जैसे इलाकों में जहां बदमाशों के छिपने की संभावना बनी रहती है, वहां गश्त और गुप्त सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है।

'टक्कर गिरोह' का घोषित अपराधी भी क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में

राजधानी में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे इसी सिलसिलेवार अभियान के तहत, इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को भी एक बड़ी सफलता मिली थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में वांछित 'टक्कर गिरोह' के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किया गया आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा उसे पहले ही घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित किया जा चुका था। इस आरोपी की पहचान 30 वर्षीय गुलाम ख्वाजा उर्फ आले के रूप में हुई है, जो दिल्ली के डाबरी इलाके का रहने वाला है।

डाबरी और उत्तम नगर इलाकों में फैली थीं गतिविधियां

क्राइम ब्रांच की हिरासत में आने के बाद हुई गहन पूछताछ के दौरान गुलाम ख्वाजा उर्फ आले ने 'टक्कर गिरोह' से अपने सीधे संबंधों को स्वीकार किया। उसने पुलिस के सामने खुलासा किया कि वह द्वारका, डाबरी और उत्तम नगर के अलावा पड़ोसी राज्य हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में गिरोह की आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने और वारदात अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और आपराधिक नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटा रही है।

दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह तथा अन्य स्थानीय आपराधिक गिरोहों के गुर्गों द्वारा व्यापारियों से रंगदारी मांगने और डराने के लिए गोलीबारी करने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल के दिनों में दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमों ने ऐसे गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कई लक्षित अभियान चलाए हैं। इसके तहत भजनपुरा, द्वारका और यमुनापार के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए गुप्त सूचना आधारित कार्रवाई में तेजी लाई गई है।

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