आग से छह की मौत पर होटल प्रबंधन का बेतुका जवाब, घायलों की सख्या 12 से ज्यादा

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां सुबह करीब साढ़े चार बजे तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास विदेशिनी होटल में आग लग गई। इसमें छह लोगों की मौत हो गई।
बंगाल के तारापीठ में आग से छह लोगों की मौत, 12 घायलों को कराया गया भर्ती

खबर विस्तार : -

तारापीठ:  पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में विदेशिनी होटल में आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई। इसमें 12 लोग घायल हुए हैं। अभी तक हादसे का सही कारण नहीं पता चल पाया है। यहां सुबह करीब साढ़े चार बजे तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास विदेशिनी होटल में आग लग गई। एक परिवार के कई लोगों को पुलिस ने दरवाजा तोडकर बाहर निकाला। कमरे में खिड़कियां नहीं हैं।

सुबह जब लोग सो रहे थे, उस समय आग की खबर पाकर दमकल के साथ कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। बताया जाता है कि आग की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जानकारी पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में कई लोग घायलों को मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। सभी घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया है। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

झुलसे लोगों को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज भेजा

उधर, प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे हैं। प्रथम दृष्टया उम्मीद जताई जा रही है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। फायर डिपार्टमेंट को भी ऐसी ही आशंका है। बहरहाल, घटना की जानकारी मिलने के बाद तारापीठ और रामपुरहाट की पुलिस मौके पर हैं। इस दर्दनाक हादसे का कारण कुछ भी हो लेकिन बेहद दहलाने वाली घटना है। इसलिए पुलिस भी सक्रिय दिखी। बीरभूम के एएसपी नीलेश श्रीकांत गाइकर ने पत्रकारों के सवाल करने पर बताया कि कोशिशें अभी भी जारी हैं। सभी को रामपुरहाट अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने करीब 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी दी है। जिम्मेदारी और गलती पर बोलने से इन्कार कर दिया। झुलसे लोगों को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

तारापीठ थाने से कुछ ही दूर है होटल ‘विदेशिनी’

तारापीठ थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित होटल ‘विदेशिनी’ पांच मंजिल का है। बताया जाता है कि इसमें सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे होटल के बिजली आपूर्ति केंद्र में अचानक विस्फोट के बाद आग लगी। अब तक अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिजली के तारों में खराबी के कारण विस्फोट हुआ। इस दौरान अधिकांश श्रद्धालु सो रहे थे। इनके उठने तक लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। होटल में चारों ओर धुआं फैलने से दिखना बंद हो गया। लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। कई लोग अपने कमरों में ही फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही तारापीठ और रामपुरहाट थाने की पुलिस दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचीं। इस मामले में होटल मालिक कल्याण पाल का कहना है कि सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने आग लगते ही इसे बुझाने के सभी उपकरण चला दिए थे। होटल की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। होटल सजावट में इस्तेमाल रेशेदार सामग्री आग की चपेट में थी। ऊपरी मंजिल तक धुआं पहुंच गया। कई श्रद्धालु बाहर की ओर भगने लगे और इसी दौरान आग की चपेट में आ गए।

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कई लोगों को पुलिस ने दरवाजा तोड़कर निकाला 

इसी होटल में ठहरे उत्तर 24 परगना जिले के बादुड़िया निवासी तपनज्योति मंडल ने आंखों देखी बताई और कहा कि वह अपनी पत्नी, दो बच्चों, मां और बहन के साथ तारापीठ पूजा करने आए थे। वह होटल में ठहरे थे। उनका परिवार आग के समय करीब 45 मिनट तक कमरे में फंसा रहा। कमरे में खिड़की नहीं हैं। उन्होंने शौचालय के ऊपरी हिस्से से बाहर निकलने की कोशिश की। इसी बीच तारापीठ पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। इस दौरान उनकी मां बेहोश जबकि बहन झुलस गई। श्रावण मास में पूजा-अर्चना के लिए तारापीठ पहुंचे श्रद्धालुओं में इस हादसे के बाद से उत्साह कम हुआ है। चारों ओर पुलिस और प्रशासन की दौड़ के साथ बचाव कार्य जारी है।

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