राजाभैया को Court का आदेश, पत्नी भानवी को देने होंगे तीस हजार रुपये हर माह

खबर सार :-

नई दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अंतरिम आदेश में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को आदेश दिए हैं कि वह भानवी कुमारी को भरण पोषण के लिए तीस हजार रूपये हर माह दें।
Court का राजाभैया को आदेश, पत्नी ‘भानवी’ को दें 30 हजार रुपये हर माह

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : दिल्ली की एक Court ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिज्ञ रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को आदेश दिए हैं कि वह हर महीना 30 हजार रूपये पत्नी भानवी कुमारी सिंह को भरण पोषण के लिए दें। महिला कोर्ट की ओर से कहा गया है कि राजाभैया भानवी के सभी मेडिकल खर्च का भुगतान भी करेंगे। Court ने यह आदेश भानवी की याचिका के आधार पर दिया है। याचिका में पीड़िता ने अपनी कई बीमारियों का उल्लेख किया था।

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नई दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अंतरिम आदेश में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को भानवी कुमारी मामले में आदेश दिए हैं। भानवी कुमारी सिंह ने राजाभैया से भरण पोषण की मांग की थी। उन्होंने इसके लिए साकेत अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें भानवी ने अदालत को बताया था कि वह ससुराल में रहती हैं, किंतु मकान में नहीं। उन्होंने जानकारी दी कि वह पति से अलग ग्रीन पार्क में रहती हैं। इस मकान की वह खुद मालकिन हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि राजा भैया उन्हें भरण पोषण के लिए कुछ भी नहीं दे रहे हैं।

कई बीमारियों से पीड़ित हैं भानवी

याचिका में भानवी कुमारी सिंह ने कोर्ट को बताया कि वह कई बीमारियों से परेशान हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि राजाभैया के शारीरिक यातना देने के कारण उनके फेफड़े बीमारी की चपेट में आ गए हैं। लीवर में गांठ और मोतियाबिंद से वह परेशान हैं। इन बीमारियों के कारण उनको आर्थिक संकट का सामना करना पड रहा हैं। कोर्ट को भानवी ने बताया कि उनको हर महीने करीब छह हजार रुपये आमदनी होती है। इस पैसे से इलाज नहीं कराया जा सकता है। बीमारियां भी बढ़ रही हैं।

यह सब जानने के बाद कोर्ट ने राजाभैया को कहा है कि वो यह रकम भानवी कुमारी सिंह के खाते में हर महीने की 10 तारीख तक जमा करा दें। कोर्ट ने बीमारियों के संबंध में कहा कि भानवी सिंह के इलाज का पूरा खर्च उठाएं। साथ ही भानवी कुमारी सिंह को भरण पोषण के लिए तीस हजार रुपये हर महीने बिना किसी  दिक्कत के दें। कोर्ट ने विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देते हुए याची के लिए सभी मेडिकल खर्च का भुगतान करने के लिए कहा है। यह फैसला महिला कोर्ट की जज छाया त्यागी की ओर से दिया गया है। उन्होंने पीड़िता को फैसले से बड़ी राहत दी है। 

बसपा सरकार ने भेजा था जेल

बता दें कि रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वह बेहद रसूखदार माने जाते हैं। उनको बसपा सरकार में आतंकवाद निरोधी कानून पोटा से कई दिक्कतें उठानी पड़ीं। यह दौर 2002 के करीब का है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार थी। राजाभैया पर पोटा लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया था। 2013 में कुंडा में तत्कालीन डीएसपी जिया-उल-हक की हत्या की गई थी। इसमें राजाभैया का नाम सामने आया था। इस मामले में समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री पद से उनको इस्तीफा देना पड़ा था।

सात बार रह चुके हैं विधायक

बाहुबली के रूप में भी उनका नाम लिया जाता है। कई पार्टियों ने उनसे इसीलिए किनारा कर लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) बना रखी है। वह खुद इसके अध्यक्ष हैं। राजाभैया भदरी रियासत के उत्तराधिकारी हैं। कुंडा से विधानसभा चुनाव लड़ते हैं और जीत भी उनकी ही होती है। वह 1993 से लगातार सात बार चुनाव जीत चुके हैं। इससे पहले उनकी ऐसी हनक रही कि वह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे। उनको लगातार विजय मिलती आई है। 1993 से लेकर अब तक हुए सभी विधानसभा चुनावों 1993, 1996, 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 में सफलता मिली है।

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