TMC Update: पार्टी गई लेकिन घमंड नहीं, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से किया साफ इंकार, भड़काऊ बयान पर CBI करेगी जांच

खबर सार :-
टीएमसी कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से मना कर दिया है, जिसके बाद पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है।
TMC Update: पार्टी गई लेकिन घमंड नहीं, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से किया साफ इंकार, भड़काऊ बयान पर CBI करेगी जांच
खबर विस्तार : -

TMC Update: ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में 19 सांसदों की सूची जारी की गई है, जिसके द्वारा आशंका जताई जा रही है कि इन सांसदों ने अलग संसदीय गुट के गठन के लिए हस्ताक्षर की है। जिसमें अब तक के सबसे बड़े चेहरे माने जाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय जैसे बड़े नेताओं के नाम शामिल है। इस बीच ममता को एक और बड़ा झटका लगा है।  ममता के साथ-साथ उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनपर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगा है, जिसकी जांच अब CID कर रही है। इसके साथ ही अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने भी उनका केस लड़ने से साफ इंकार कर दिया है। 

अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से साफ इंकार

टीएमसी कांग्रेस के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से साफ इंकार कर दिया है। आपको बता दें कि यह मामला विधायकों के हस्ताक्षर से मैच न करने से जुड़ा है। इसके साथ ही याचिका में गिरफ्तारी जैसे पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा के लिए मांग भी की गई है। कल्याण बनर्जी के मना करने के बाद गुरुवार को जस्टिस कौशिक चंद की सिंगल-जज वेकेशन बेंच के सामने वकील अयान भट्टाचार्या ने अभिषेक बनर्जी   का पक्ष रखा। विधायक हस्ताक्षर विवाद में सीआईडी के समन को चुनौती देने वाली अभिषेक बनर्जी के की याचिका की सुनवाई के समय कल्याण बनर्जी अदालत में पेश नहीं हुए। 

अभिषेक बनर्जी से जुड़े कानूनी मामले से दूरी- वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी

लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने इसका कारण बताते हुए कहा कि उनका प्रतिनिधित्व न करने का कारण अभिषेक का उनके प्रति घमंडी स्वभाव है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बावजूद उनके अहंकारी स्वभाव में कोई बदलाव नहीं है। उनके चलते पार्टी बर्बाद हो गई, लेकिन अभी तक उनका घमंड नही गया है। उन्होंने आगे कहा, ''मैंने अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी कानून मामले से दूर रहने का फैसला किया है। उनका लगातार बढ़ता अहंकार अकल्पनीय है। कल मैंने जस्टिस चंदा की बेंच के सामने उनका मामला उठाया और तत्काल सुनवाई की अपील की।'' 

किसी भी कानूनी मामले में शामिल नहीं होंगें 

इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा, '' सुनवाई के लिए गुरुवार की तारीख तय की गई, लेकिन कल रात, उन्होंने मेरे बेटे को फोन किया और कहा कि गुरुवार को सुनवाई में उनका पक्ष कोई और वकील रखेगा, जो कानूनी पेशे में मुझसे काफी जूनियर है।'' हालांकि बाद में पता चला कि कल्याण बनर्जी के बेटे शिरशान्य बनर्जी, जो खुद पेशे से एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं, और उनके जूनियर भी अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी भी कानूनी मामले में शामिल नहीं होंगें।

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