समय पर कराना होगा जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण, वरना लगाएंगे अधिकारियों के चक्कर
खबर सार :-
राज्यसभा में मंगलवार को जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 हंगामे के बीच पारित हो गया। सरकार की ओर से बताया गया कि इस बदलाव के पीछे कई कारण है। देश चाहता है कि जन्म लेने वाले हर बच्चे का पंजीकरण हो।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 हंगामे के बीच पारित हो गया। सरकार की ओर से बताया गया कि इस बदलाव के पीछे कई कारण है। देश चाहता है कि जन्म लेने वाले हर बच्चे का पंजीकरण हो। मोदी सरकार का यह संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि जिसकी मृत्यु हो जाए, वह मृत्यु के बाद जीवित रूप में रिकॉर्ड में न रहे। वोटों के लिए ऐसी व्यवस्था थी। अब देखा जा रहा है कि जीवित रहकर तुष्टिकरण करने वाली पार्टियों का मतदाता न बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि जन्म या मृत्यु की सूचना दो वर्ष के बाद दी जाती है, तो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही रजिस्ट्रार पंजीकरण करेगा।
मंत्री ने हंगामे के बीच कही बात
मंगलवार को ही नित्यानंद राय ने यह संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया था। हंगामे के बीच सदन में कहा कि यह प्रस्ताव है कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 का और संशोधन करने वाले विधेयक पर, लोकसभा द्वारा पारित रूप में, विचार होना चाहिए। इस समय भी विपक्षी सांसदों द्वारा नारेबाजी होती रही। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा का जवाब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को देना था।
यह भी पढ़ें : Paras Jain Passes Away: बीजेपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री पारस जैन का निधन, राजनीतिक जगत में शोक
उन्होंने कहा कि विलंबित पंजीकरण और उसके संभावित दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले 21 दिन तक जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की जो प्रक्रिया पूरी की जाती थी। उसमें बदलाव नहीं किया गया है। 22 से 30 दिन के भीतर होने वाले पंजीकरण की प्रक्रिया भी पहले की तरह है। इनमें रजिस्ट्रार के माध्यम से ही काम होगा।
दो वर्ष से अधिक की देरी पर होगी दिक्कत
30 दिन से एक वर्ष तक के विलंबित शुल्क पर जिला रजिस्ट्रार की लिखित अनुमति आवश्यक होगी। कुछ मामले हैं, जिनमे जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष के बाद दी जाती थी। पहले जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट आदेश देते थे, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। दो वर्ष से अधिक की देरी होने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश आवश्यक होगा।
कहा कि इस देश के कुछ राज्यों की सरकारें पहले से ही जन्म प्रमाणपत्र देने का काम करती थीं। अब ऐसा संभव नहीं है। यह कानून ईमानदार लोगों के लिए है। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। साढ़े तीन लाख से अधिक पंजीकरण केंद्र देशभर में स्थापित किए गए हैं। राय ने बताया कि कांग्रेस को हमारी यह नीति समझ में नहीं आती है। हो सकता है कि वे चाहते हैं कि कहीं और जन्म लेने वाले बच्चे को पंजीकरण करा दिया जाए।
कांग्रेस की सरकार ने नहीं दिया ध्यान
जानकारी के अनुसार 1986 में जन्म पंजीकरण का स्तर केवल 31.6, जबकि 2023 में 99 प्रतिशत से अधिक हो गया है। ऐसे ही मृत्यु पंजीकरण 1974 में 72 प्रतिशत था, जो बढ़कर 99.4 प्रतिशत हो गया है। कांग्रेस की बात करते हुए कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था गलत थी। जब मृत्यु पंजीकरण 72 प्रतिशत था, तब लाखों लोगों का रिकॉर्ड नहीं बना था। आज यह आंकड़ा 99.4 प्रतिशत तक है।
FAQ...
1. क्या नित्यानंद राय का पक्ष सही है?
जन्म लेने वाले हर बच्चे का पंजीकरण होना चाहिए। नित्यानंद राय ने इसे मोदी सरकार का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि जिसकी मृत्यु हो जाए, वह मृत्यु के बाद भी रिकॉर्ड में न रहे। अभी तक जीवित रहकर तुष्टिकरण करने वाली पार्टियों का मतदाता बना रहता था। इसलिए मृत्यु का समय पर पंजीकरण आवश्यक है।
2. विपक्षी सांसदों की नारेबाजी क्या सही थी?
विलंबित पंजीकरण और उसके संभावित दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए संशोधन का प्रस्ताव की बात मंत्री ने कही है। इस पर उन्होंने विचार करने पर जोर दिया। हर विषय पर नारेबाजी से काम प्रभावित होतें हैं।
3. क्या पूर्व की सरकार में ध्यान नहीं दिया गया?
यूपीए सरकार के समय मृत्यु पंजीकरण 72 प्रतिशत था, तब लाखों लोगों का रिकॉर्ड नहीं बना था। आज यह आंकड़ा 99.4 प्रतिशत तक है। यानी अब इस कार्य के प्रति ध्यान दिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : संसद में विपक्ष की भूमिका पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, किरेन रिजिजू बोले- चर्चा से बच रही कांग्रेस
अन्य प्रमुख खबरें
-
कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' प्रदर्शन
2026-11-03
-
राहुल गांधी की पसंद है विध्वंसक मॉडल, सत्ता के लिए पागल हो रहे: भाजपा
2026-11-03
-
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी, सियासत वालों का सहारा ‘पोस्ट’
2026-11-03
-
सपा यूपी के लिए शाप, जब भी सत्ता में आई तबाही मचाईः मुख्यमंत्री योगी
2026-11-02
-
भागलपुर में बोले भाजपा अध्यक्ष: राहुल गांधी विदेशी ताकतों के टूलकिट
2026-11-02
-
AAP पार्टी को तगड़ा झटका, तीन विधायकों ने ज्वाइन की बीजेपी
2026-11-02
-
देशभर में सड़क पर उतरा एनडीए, अराजकता के खिलाफ उठाई आवाज
2026-11-01
-
ग्रामीण परिवारों पर Yogi सरकार की नजर, 42 लाख से अधिक महिलाओं को राहत
2026-11-01
-
झारखंड के गम्हरिया थाने में दुष्कर्म, 595 मंडलों में हेमंत सरकार के पुतले जलेंगे
2026-11-01
-
UP Election 2027: संभल जिले की चार सीटों पर क्या थे 2022 के नतीजे
2026-10-31
-
UP Elections 2027: उन्नाव की 6 सीटों पर भाजपा का सियासी समीकरण
2026-10-31
-
विपक्ष पर सुधांशुु का तंज, कहा- देश की तरक्की में बाधा बन रही कांग्रेस
2026-10-30
-
कांग्रेस ने महारैली की भरी हुंकार, यूपी से ज्यादा भीड़ जुटाने की तैयारी
2026-10-30
-
पीएम मोदी ने किया फ्रेंच फ्राइज बनाने वाले आलू प्रोसेसिंग प्लांट का जिक्र
2026-10-30
-
बीजेपी की असली पूंजी कार्यकर्ता, तीसरी बार सरकार बनाने के लिए जुट जाएं
2026-10-30